Latest Updates
-
Cooling Summer Lunch Curd Rice Recipe: गर्मियों में पेट को ठंडक देने वाली सबसे आसान रेसिपी -
काले धब्बों वाले प्याज खाना चाहिए या नहीं? सेहत पर क्या होगा असर, यहां जानें इसका सही जवाब -
Ambubachi Mela 2026: कामाख्या मंदिर में शुरू हुआ अंबुबाची मेला, 3 दिनों तक बंद रहेंगे कपाट, जानें इसका महत्व -
Soft Dahi Paratha Recipe: घर पर बनाएं एकदम नरम और स्वादिष्ट दही का पराठा -
Aaj Ka Rashifal 22 June 2026: सोमवार को इन 5 राशियों पर बरसेगी महादेव की कृपा, धन लाभ के प्रबल योग -
Quick Filling Dinner Anda Paratha Recipe: घर पर बनाएं ढाबे जैसा स्वादिष्ट अंडा पराठा -
मानसून से पहले दिल्ली में डेंगू के 162 और मलेरिया के 42 मामले, कहीं आप भी न हो जाएं शिकार; जानें बचाव के उपाय -
Dhaba Style Marinade Chicken Tikka Recipe: घर पर पाएं रेस्टोरेंट जैसा स्मोकी स्वाद -
प्रेग्नेंट हैं 39 साल की सामंथा रुथ प्रभु! करीबी शख्स ने किया कन्फर्म, जानें कब होगी डिलीवरी -
मलाइका अरोड़ा की फिटनेस का खुल गया राज, 52 की उम्र में यंग दिखने के लिए करती हैं ये 5 योगासन
Bal Gangadhar Tilak: बाल गंगाधर तिलक के विचारों में छिपे हैं सफलता और संघर्ष के मूल मंत्र
Bal Gangadhar Tilak Influential Quotes : बाल गंगाधर तिलक का जन्म 23 जुलाई 1856 को हुआ था और उनका निधन 1 अगस्त 1920 को हुआ। वे एक भारतीय राष्ट्रवादी, समाज सुधारक, शिक्षक, वकील और महान स्वतंत्रता सेनानी थे। स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। अंग्रेजों ने उन्हें "भारतीय अशांति का जनक" कहा था। तिलक स्वराज के पहले प्रबल पक्षधर थे और उनका प्रसिद्ध नारा था, "स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा।" उन्होंने 'केसरी' (मराठी) और 'मराठा' (अंग्रेज़ी) नामक अखबारों की शुरुआत की जो जनजागृति का माध्यम बने।
तिलक ने जनता को जोड़ने के लिए गणेशोत्सव और शिवाजी महोत्सव की शुरुआत की। मांडले जेल में लिखी उनकी पुस्तक 'गीता रहस्य' भगवद्गीता की व्याख्या पर आधारित है और उनकी सर्वश्रेष्ठ रचनाओं में से एक मानी जाती है। आज पुण्यतिथि पर पढ़ें बाल गंगाधर तिलक के प्रेरक विचार, पाएं नई प्रेरणा।

Top 10 Motivational Quotes by Bal Gangadhar in Hindi
1. हम हमारे सामने सही रास्ते के प्रकट होने के इंतजार में अपने दिन खर्च करते हैं, लेकिन हम भूल जाते हैं कि रास्ते इंतजार करने के लिए नहीं, बल्कि चलने के लिए बने हैं।
2. प्रातः काल में उदय होने के लिए ही सूरज संध्या काल के अंधकार में डूब जाता है और अंधकार में जाए बिना प्रकाश प्राप्त नहीं हो सकता।
3. एक बहुत प्राचीन सिद्धांत है कि, ईश्वर उन्हीं की सहायता करता है, जो अपनी सहायता स्वयं करते हैं।
4. मुश्किल समय में खतरों और असफलताओं से बचने का प्रयास मत कीजिए, वे तो निश्चित रूप से आपके मार्ग में आयेंगे ही।
5. महान उपलब्धियां कभी भी सरलता से नहीं मिलती और सरलता से मिली उपलब्धियां महान नहीं होतीं।
6. कमजोर नहीं बल्कि शक्तिशाली बनें और यह विश्वास रखें की ईश्वर हमेशा आपके साथ है।
7. महान उपलब्धियां कभी भी सरलता से नहीं मिलती और सरलता से मिली उपलब्धियां महान नहीं होतीं।
8. आपका लक्ष्य किसी जादू से नहीं पूरा होगा, बल्कि आपको ही अपना लक्ष्य प्राप्त करना पड़ेगा।
9. मानव स्वभाव ही ऐसा है कि हम बिना उत्सवों के नहीं रह सकते, उत्सव प्रिय होना मानव स्वभाव है। हमारे त्यौहार होने ही चाहिए।
10. आप केवल कर्म करते जाइए, उसके परिणामों पर ध्यान मत दीजिये।
11. कमजोर ना बनें, शक्तिशाली बनें और यह विश्वास रखें की भगवान हमेशा आपके साथ है।
12. आपका लक्ष्य किसी जादू से नहीं पूरा होगा, बल्कि आपको ही अपना लक्ष्य प्राप्त करना पड़ेगा।
13. जीवन एक ताश के खेल की तरह है, सही पत्तों का चयन हमारे हाथ में नहीं है, लेकिन हमारी सफलता निर्धारित करने वाले पत्ते खेलना हमारे हाथ में है।
14. आप मुश्किल समय में खतरों और असफलताओं के डर से बचने का प्रयास मत कीजिए, वे तो निश्चित रूप से आपके मार्ग में आयेंगे ही।
15. जब लोहा गरम हो तभी उस पर चोट कीजिये और आपको निश्चय ही सफलता का यश प्राप्त होगा।
16. गर्म हवा के झोंकों में जाए बिना, कष्ट उठाये बिना,पैरों मे छाले पड़े बिना स्वतन्त्रता नहीं मिल सकती। बिना कष्ट के कुछ नहीं मिलता।



Click it and Unblock the Notifications