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OMG: बिना भगवान रथ पर बनें इस मंदिर के 56 स्तंभों से निकलता है संगीत, जानें इसकी खासियतें
भारत में कई सारे ऐसे स्थापत्य कला के बेजोड़ नमूने हैं, जिनको देखकर लोगों को सिर घूम जाता है और बस यही सवाल मुंह से निकलता है, ये कैसे पॉसिबल है? इसको किसने बनाया और कैसे बनाया ? भारत में बहुत सारे ऐसे स्थान है जो अपने हैरतअंगेज आर्किटेक्टर के लिए जाने जाते हैं, इन्हीं में से एक है कर्नाटक राज्य के शहर हम्पी का विट्ठल मंदिर (chariot vittal temple,Hampi)। ये मंदिर अपने हैरान कर देने वाले स्थापत्य कला के लिए जाना जाता है। इस मंदिर में कई सारी ऐसी बातें हैं, जो समझ से परे हैं।

हम्पी का विट्ठल मंदिर है वास्तुकला का चमत्कार (chariot vittal temple, Hampi)
इस मंदिर का निर्माण 15वीं शताब्दी में देवराय द्वितीय के शासन के दौरान हुआ था। जो विजयनगर साम्राज्य के शासकों में से एक थे। इस मंदिर को विजया विट्ठल मंदिर भी कहा जाता है। विट्ठल को भगवान विष्णु का अवतार भी कहा जाता है। ये मंदिर द्रविड़ वास्तुकला का एक बेहतरी उदाहरण पेश करता है। इस मंदिर को देखने के बाद आपको ऐसा लगेगा कि जैसे ये किसी इंसान के द्वारा बनाया ही नहीं गया है। खुद देवताओं ने आकर इसका निर्माण किया है। मंदिर का हर भाग अपनी भव्यता को बंया करता है। पूरा मंदिर कारीगरों की रचनात्मकता को प्रदर्शित करता नजर आता है। मंदिर पर सुंदर मूर्तियों के साथ ही इसकी दीवारों पर बेहतरीन नक्काशी हुई है, जो इसे सबसे अलग बनाती है। मंदिर में कई मंडप है, जिसमें देवी मंदिर, रंगा मंडप, महा मंडप, उत्सव मंडप, कल्याण मंडप हैं। ये मंदिर एक रथ के डिजाइन पर बना है। पूरे रथ पर अचंभित करने वाली नक्काशी बनी है। इस मंदिर की सबसे अहम खासियत है यहां बने 56 स्तंभ जो सबको आश्चर्यचकित करते हैं।

मंदिर के 56 स्तंभों का राज क्या है ? (chariot vittal temple, Hampi)
मंदिर में सबसे हैरान कर देने वाले इसके 56 खंभे है, जो रंगा मंडप में है। इस मंडप में ग्रेनाइट से बने 56 स्तम्भ हैं जिससे संगीत निकलता है। जी हां..आप ने सही पढ़ा.. इन स्तंभों से संगीत के सात सुरों निकलते हैं, इसलिए इसे सारेगामा स्तंभ भी कहा जाता है। जब आप इन स्तंभो को अपने हाथों से थपथपाते हैं तो इनसे निकलने वाले स्वर आप सुन सकते हैं। मुख्य स्तंभ का डिजाइन एक वाद्य यंत्र के रूप में है। बाकी स्तंभो से अलग अलग संगीत के स्वर सुनाई देते हैं। इन स्तंभों से संगीत के स्वर क्यों और कैसे निकलते हैं इसके बारें में आज तक कोई पता नहीं कर सका है। ये एक बड़ा रहस्य बना हुआ है।

हम्पी के विट्ठल मंदिर में नहीं हैं भगवान
विट्ठल मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है, लेकिन ये बात हैरान करने वाली है कि इस मंदिर में भगवान की मूर्ति नहीं है। इसके पीछे कई सारी किवदंतियां मौजूद हैं। हम्पी के विट्ठल मंदिर में भगवान की कोई भी प्रतिमा नहीं है। ये मंदिर बिना भगवान के यानि देवता की मूर्ती ना होने से खाली है।
Image Courtesy- pinterest.com



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