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'मोर करी' पकाने वाले यूट्यूबर को हुई जेल, क्या कहता है वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन, अब क्या मिलेगी सजा?
तेलंगाना में एक नया विवाद सामने आया है। यहां सिरसिल्ला नामक जगह के YouTuber प्रणय कुमार ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो अपलोड किया है। इस वीडियो में वह मोर करी बनाने की रेसिपी बताई है। इस वीडियो के पोस्ट करने के कुछ देर बाद ही यह वायरल हो गया और फिर मुसीबत में फंस गया। लोगों का गुस्सा भी यूट्यूबर पर फूटा। मामला पुलिस तक पहुंचा और उसकी गिरफ्तारी की तैयारी चल रही है।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत यूट्यूबर कोडम प्रणय कुमार पर मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि उनका ये वीडियो पशु क्रूरता को बढ़ावा देता है इसके अलावा संरक्षित प्रजाति की हत्या भी शामिल है। सबसे बड़ी बात हैं मोर हमारा राष्ट्रीय पक्षी है।
आइए जानते हैं कि क्या हैं वन्यजीव संरक्षण अधिनियम और अब इस यूट्यूबर पर कौन-कौन से केस दर्ज होंगे और क्या सजा मिलेगी?

संरक्षित पक्षी हैं मोर
भारत का राष्ट्रीय पक्षी, मोर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 51 (1-ए) के तहत संरक्षित है, और इसके शिकार और हत्या की सख्त मनाही है। इंडियन वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट 1972 के तहत मोर या किसी भी पक्षी को मारने पर कम से कम 3 साल से 7 साल की सजा का प्रावधान है। साथ ही थ ही न्यूनतम 10 हजार रुपए अर्थदंड किए जाने का प्रावधान है।
क्यों मोर को मिला राष्ट्रीय पक्षी का दर्जा
मोर को दुनिया के सुंदर पक्षियों में से एक माना जाता है। इसके सिर पर मुकुट होने के कारण इसे पक्षी राज भी कहा जाता है। मुकुट के समान कलगी और रंगबिरंगी इंद्रधुनषी रंग होने से यह अति सुंदर दिखाई पड़ता है। भारत सरकार ने 26 जनवरी 1963 से इसे राष्ट्रीय पक्षी घोषित कर रखा है। मोर को संसदीय कानून भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत प्रोटेक्शन प्रदान की गई है।
मोर के मरने के बाद होता है राजकीय अंतिम संस्कार
आपको बता दें कि मोर को मरने के बाद भी यूं ही कहीं नहीं दफनाया जाता है। इसके लिए उसका शव का प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार किया जाता है। इसके लिए पहले मोर के शव को भारतीय ध्वज में लपेटा जाता है। इसके बाद उसकी ससम्मान विदाई होती है। मोर का अंतिम संस्कार केवल राज्य वन विभाग की तरफ से ही किया जाता है।



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