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172.5 मीटर की ऊंचाई के साथ 'साग्रादा फमिलिया' बना दुनिया का सबसे ऊंचा चर्च! जानें इसका दर्दनाक इतिहास
Sagrada Família World's Tallest Church: स्पेन के बार्सिलोना में इतिहास रच दिया गया है। महान आर्किटेक्ट एंटोनियो गौडी की मृत्यु की 100वीं वर्षगांठ पर इसके अंतिम और सबसे ऊंचे शिखर 'जीसस क्राइस्ट टॉवर' का आधिकारिक उद्घाटन हो गया है। 172.5 मीटर की रिकॉर्ड ऊंचाई के साथ 'साग्रादा फ़मिलिया' अब आधिकारिक तौर पर दुनिया का सबसे ऊँचा चर्च बन गया है। इस ऐतिहासिक पल के गवाह राजा-रानी की मौजूदगी में खुद पोप लियो XIV बने। पुराने पत्थरों की पारंपरिक बनावट से लेकर 'लाइट और ग्लास' के आधुनिक जंगल तक-चर्च की वास्तुकला का यह सफर अद्भुत है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जहां एक तरफ दुनिया को सबसे ऊँचा आधुनिक चर्च मिला है, वहीं दुनिया के 5 सबसे प्राचीन चर्च कौन से हैं और वे कहाँ स्थित हैं? आइए जानते हैं।

बार्सिलोना में रचा इतिहास: 172.5 मीटर ऊंचे 'जीसस क्राइस्ट टॉवर' का उद्घाटन
महान कैटलन आर्किटेक्ट एंटोनियो गौडी के अधूरे सपने को आखिरकार अपना अंतिम शिखर मिल गया है। बुधवार को आयोजित एक विशेष प्रार्थना सभा (मास) में पोप लियो XIV ने साग्रादा फ़मिलिया के इस अंतिम टावर का उद्घाटन किया।
राजा-रानी की मौजूदगी में पोप लियो XIV ने दिया आशीर्वाद, सड़कों पर उमड़े 1.2 लाख लोग
ये भव्य आयोजन एक ऐसी मिसाल बन गया है जिसके बारे में जानकर ही कौतूहल होता है। इस ऐतिहासिक पल को देखने के लिए बार्सिलोना की सड़कों पर लगभग 1,20,000 लोग उमड़ पड़े। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे क्योंकि इस मास में स्पेन के राजा फिलिप VI, रानी लेटिजिया और प्रधानमंत्री पेड्रो सैंचेज भी शामिल हुए थे। पोप लियो ने कैटलन और स्पैनिश भाषा में बात करते हुए इस बेसिलिका को "पत्थर, रंग और प्रकाश" की एक जादुई उत्कृष्ट कृति बताया। अंदरूनी हिस्से से रंग-बिरंगी रोशनी चमक रही थी, लड़कों का गायक मंडल गा रहा था और बाहर पटाखे जलाकर जश्न मनाया गया।

वास्तुकला का अनोखा चमत्कार: जानिए साग्रादा फ़मिलिया की 18 मीनारों का रहस्य
इतिहासकार मोनिका सैंटिन के अनुसार, गौडी ने साग्रादा फ़मिलिया को दो प्रमुख संदर्भों 'इंजील' (गॉस्पेल) और 'प्रकृति' के साथ डिजाइन किया था। इस भव्य इमारत में कुल 18 मीनारें (सैंडकैसल स्पायर) हैं जिनके बारे में नीचे दिया गया है।
12 मीनारें: ईसा मसीह के 12 शिष्यों (अपोस्टल्स) का प्रतीक हैं।
4 मीनारें: उन चार धर्म-प्रचारकों (इवेंजेलिस्ट्स) के लिए हैं जिन्होंने ईसा मसीह के जीवन का वर्णन किया है।
1 मीनार: वर्जिन मैरी के सम्मान में है जिसके ऊपर एक चमकता तारा है।
दुनिया का सबसे ऊंचा चर्च बना साग्रादा फमिलिया
'जीसस क्राइस्ट टॉवर' है, जिसकी बदौलत यह अब दुनिया की सबसे ऊंची धार्मिक इमारत बन गई है। बेसिलिका का अंदरूनी हिस्सा किसी जादुई जंगल जैसा है। यहां के स्तंभ पेड़ों की तरह ऊपर उठते हैं और रंगीन खिड़कियों से आने वाला प्रकाश सूरज की दिशा का पालन करता है।

साग्रादा फमिलिया का इतिहास: 4 दशक समर्पित करने वाले गौडी की अधूरी कहानी
यह बेसिलिका एक बेहद लंबी परियोजना है। एंटोनियो गौडी ने चट्टान में ईसाई धर्म के विश्वास का सारांश बनाने के लिए अपने जीवन के 40 साल इस चर्च को डिजाइन करने में बिता दिए। लेकिन 73 साल की उम्र में एक ट्राम दुर्घटना में उनकी मृत्यु हो गई। आज उनकी मौत के 100 साल बाद यह ऐतिहासिक काम पूरा हुआ है। हर साल 50 लाख (5 मिलियन) से अधिक लोग इसे देखने आते हैं। इसके तीन मुख्य द्वारों में से पूर्व और पश्चिमी मुखौटा मसीह के जन्म और उनके दुखों की कहानी बयां करते हैं, जबकि तीसरा 'महिमा' मुखौटा इसका मुख्य प्रवेश द्वार होगा।



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