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कैसे बने अच्छा बेबीसिटर?
मान लीजिये आपकी बीवी कहीं बाहर गई हुई है और आपको अपने शिशु की पूरी देखभाल की जिम्मेदारी सौंप कर गई है तो आप क्या करेंगे। अगर ऐसा हो जाए तो आपको घबराने की जरुरत नहीं है क्योंकि आज हमारे चर्चा का विषय यही है। वैसे तो शिशुओं को ज्यादा लगाव और आदत अपनी मां की ही होती है, लेकिन अगर मां पास में न हो, तो वे केवल उन्हीं से खुश रहते हैं जो उन्हें अच्छा महसूस करवाते हैं। आइये जानते हैं कि आप किस तरह से एक अच्छे बेबीसिटर बन सकते हैं -

बेबीसिटर बनने के सुझाव
1. बेबीसिटिंग के भी कुछ रूल्स होते हैं। पहला, जिम्मेदारी, बच्चे की सेफ्टी और धैर्य। अगर आप शिशु की जिम्मेदारी ले रहें हैं तो बेसिक सेफ्टी का ध्यान रखें। इसके लिये आपको कुछ ततकालीन नंबरों को नोट कर के रखना होगा, जो जरुरत के समय पर काम आ सकेगे। इन नंबरों में अपने फैमिली डॉक्टर, पड़ोसी और मां-बाप का नंबर लिये।
2. जरुरी बातों की एक लिस्ट बनाएं जिसे समय पर करना जरुरी हो। इसमें डायपर बदलने का समय, खाना खाने और सोने का समय लिखा होना चाहिये। इससे आप बिना परेशान हुए बच्चे का ठीक से ध्यान रख सकते हैं। इसके साथ ही यह भी ध्यान रखें की क्या आपकी बीवी बच्चे को सुलाते समय या खाना खिलाते समय उसके लिये कुछ स्पेशल तो नहीं करती, जिसे शिशु को आदत हो चुकी हो।
3. बच्चे को टीवी, भूत वाले सीरियल या फिर तेज गाने की आवाज से डिस्टर्ब न करें। आप चाहें तो टीवी छोड़ कर उल्टा बच्चे के साथ खेलें या फिर उसे किसी काम या खेल में उलझा दें। इससे बच्चे को अपनी मां की कमी नहीं खलेगी और वह रोएगा भी नहीं।
4. अगर आपको बच्चे की डायपर चेंज करनी है, तो सबसे पहले शिशु से उसकी गंदगी को साफ करें। उसके बाद महकदार बेबी वाइप से दुबारा उसके शरीर को पोंछे, इससे गंदी बदबू भी दूर हो जाएगी।
5. बेबी पाउडर उस स्थान को बडी जल्दी ही सुखा देता है और साथ में कोई संक्रमण भी नहीं होने देता। नए डायपर को पहनाने के लिये बच्चा न रोए इसलिये उसे गाना या लोरी सुनाएं।
6. शिशु को टाइम पर खाना खिला दें, जिससे उसे किसी भी वक्त पर नींद आ जाए और वह सो जाए। वरना अगर बच्चा बिना खाए-पिए सो गया, तो उसे उठा कर खाना खिलाना बड़ा ही मुश्किल होगा।



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