Latest Updates
-
शादी के 4 साल बाद क्यों अलग हुए हंसिका मोटवानी और सोहेल कथूरिया? एक्ट्रेस ने नहीं ली एलिमनी -
No Gas Recipes: गैस खत्म हो जाए तो भी टेंशन नहीं, ट्राई करें ये 5 आसान रेसिपी -
किडनी को डैमेज कर सकती हैं रोजाना की ये 5 गलत आदतें, तुरंत करें सुधार वरना पड़ेगा पछताना -
Alvida Jumma 2026: 13 या 20 मार्च, कब है रमजान का आखिरी जुमा? जानिए क्यों माना जाता है इतना खास -
कृतिका कामरा ने गौरव कपूर संग रचाई गुपचुप शादी, सुर्ख लाल साड़ी में दिखीं बेहद खूबसूरत, देखें PHOTOS -
World Kidney Day 2026: हर साल क्यों मनाया जाता है विश्व किडनी दिवस? जानें इतिहास, महत्व और इस साल की थीम -
घर से मुस्लिम प्रेमी संग भागी महाकुंभ वायरल गर्ल मोनालिसा, केरल में रचाई शादी -
कौन हैं सायली सुर्वे? मिसेज इंडिया अर्थ 2019 ने मुस्लिम पति पर लगाए लव जिहाद के आरोप, हिंदू धर्म में की वापसी -
कौन हैं हरीश राणा, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट ने दी इच्छामृत्यु की अनुमति? जानिए 13 साल से कोमा में क्यों थे -
Sheetala Ashtami 2026: शीतला अष्टमी पर चाय पी सकते हैं या नहीं? जानें व्रत से जुड़े सभी जरूरी नियम
बच्चों को खिलाएं ये 8 आहार क्योंकि इससे बनेंगे वे स्मार्ट
हर माँ का सपना होता है कि उसका बच्चा स्मार्ट और तेज दिमाग का हो। क्या आपको पता है कि ये सब माँ के खान-पान पर निर्भर करता है। यदि माँ अपने खाने में फोलिक एसिड, विटामिन डी, आयरन आदि की सही मात्रा नहीं ले रही है तो हो सकता है कि बच्चा मानसिक रूप से कमजोर हो या फिर बच्चे में व्यवहार से संबन्धित समस्या भी हो सकती है। गर्भावस्था के दौरान माँ जो खाती है उस पर बच्चे का शारीरिक और मानसिक विकास निर्भर करता है। आपको भी ऐसा खान-पान लेना चाहिए जिससे का दिमाग सही विकसित हो। गर्भावस्था के दौरान ही नहीं आप जब चाहें इस प्रकार के आहार अपना सकती हैं।
इन तत्वों के अधिकता वाले खाद्य पदार्थों से बच्चे का आई-क्यू लेवल बढ़ता है। बच्चे के मानसिक विकास के लिए आप भी अपने बच्चे को जन्म के बाद भी इस तरह का पोषक तत्वों से भरपूर आहार दे सकती हैं। जब बच्चा जन्म लेता है तो सामान्य युवा व्यक्ति के दिमाग का 25 प्रतिशत दिमाग ही होता है। जब वह 2 वर्ष का होता है तो उसका 75 प्रतिशत दिमाग विकसित हो चुका होता है।
छोटे बच्चों को किस तरह शुरु करवाएं नॉन वेज खिलाना
बच्चे के मानसिक विकास के लिहाज से पहले 2 वर्ष बहुत महत्वपूर्ण हैं। आइये देखते हैं ऐसे ही कुछ खाद्य पदार्थ जिनका गर्भावस्था में सेवन करने से आपका बच्चा भी स्मार्ट होगा।

अंडे और चीज
बच्चे के मानसिक विकास के लिए खाने में विटामिन डी बेहद जरूरी है। एक अध्ययन के अनुसार जिन माताओं ने गर्भावस्था के दौरान विटामिन डी का सेवन कम किया उनके बच्चे का दिमागी विकास कम हुआ। आपको सूरज की धूप के साथ ही विटामिन डी के अन्य सप्लीमेंट लेने चाहिए। आपको अंडे, चीज़, बीफ मांस, लिवर आदि का सेवन करना चाहिए।

सी फिश और ओयस्टर
इनमें आयोडीन की अधिकता होती है। गर्भावस्था के दौरान, खास तौर पर पहले 12 सप्ताह में आयोडीन की कमी होने पर बच्चे का आई क्यू लेवल कम रह सकता है। गर्भावस्था के दौरान आपको आयोडीन नमक का ही सेवन करना चाहिए। इसके अलावा समुद्री मछ्ली, ओयस्टर, अंडे, दही आदि का सेवन भी करना चाहिए जो कि आयोडीन के अच्छे स्त्रोत हैं।

पालक और मसूर की दाल
इनमें फोलिक एसिड प्रचूर मात्रा में है। बच्चे के दिमाग की कोशिकाओं के विकास के लिए फोलिक एसिड बहुत आवश्यक है। अध्ययन के अनुसार जिन महिलाओं ने प्रिग्नेंसी के 4 सप्ताह पहले और 8 सप्ताह बाद के दौरान फोलिक एसिड की मात्रा ली उनमें बच्चे के मंदबुद्धि पैदा होने के अवसर 40 प्रतिशत कम जाते हैं। पालक जैसी हरी पत्तेदार सब्जियाँ फोलिक एसिड का अच्छा स्त्रोत हैं। आपको विटामिन बी 12 के साथ फोलिक एसिड के सप्लीमेंट लेने चाहिए।

फैटी फिश
सैल्मन, टूना, मैकेरेल आदि मछलियों में ओमेगा-3 फैटी एसिड की अधिकता होती है। यह बच्चों के दिमागी विकास के लिए बहुत जरूरी है। अध्ययन के अनुसार जिन महिलाओं ने हर सप्ताह दो बार से कम बार मछ्ली का सेवन उनके बच्चे का आई-क्यू लेवल मछ्ली का सेवन करने वाली महिलाओं की तुलना में कम था।

अंडे
अंडे में अमीनो एसिड कॉलिन की प्रचूर मात्रा होती है जो कि बच्चे का दिमागी विकास करता है और बच्चे की याददाश्त बढ़ाता है। गर्भवती महिलाओं को दिन में दो अंडों का सेवन जरूर करना चाहिए जिससे कि कोलीन की रोजाना आवश्यक मात्रा की पूर्ति हो। अंडों में प्रोटीन और आयरन की भी अधिकता होती है जिससे की बच्चे का वजन भी सही रहता है। कम वजन वाले बच्चे का आई-क्यू लेवल भी कम होता है।

दही
गर्भ में बच्चे की दिमाग की कोशिकाओं के विकास के लिए आपके शरीर को ज्यादा मेहनत करनी होती है। इसके लिए आपको ज्यादा प्रोटीन की आवश्यकता होती है। प्रोटीन के अन्य स्त्रोतों के अलावा आपको दही का भी सेवन करना चाहिए जिसमें की प्रोटीन की अधिकता है।

पालक, लीन चिकन और फलियाँ
इनमें आयरन की अधिकता होती है जिससे की बच्चा स्मार्ट होता है। गर्भावस्था के दौरान इनका सेवन बेहद जरूरी है। गर्भावस्था के दौरान आयरन बच्चे की दिमागी कोशिकाओं में ऑक्सीज़न पहुंचाने में मददगार है। आप डॉक्टर की सलाह लेकर आयरन सप्लीमेंट भी ले सकते हैं।

ब्लू बेरी
ब्लूबेरी, आर्टिचोक, टमाटर, और रेड बीन में एंटी-ओक्सीडेंट्स की अधिकता होती है, इनका सेवन भी गर्भावस्था में जरूरी है। ये फल बच्चे के दिमाग की ऊतकों का विकास कर दिमाग का विकास करते हैं।



Click it and Unblock the Notifications











