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सर्दियों में इन खास तेल से शिशु की करें मालिश
हमारे देश में शिशु को नहलाने से पहले तेल से मालिश करना परंपरा की तरह है। डॉक्टर्स भी बेबी की मालिश करने की सलाह देते हैं, इसके कई लाभ होते हैं। बेबी की मालिश करने से शिशु का सर्दियों में इम्यून सिस्टम मजबूत रहने के साथ ही हडि्डयां मजबूत रहती हैं। मलिश करने से बच्चें की स्किन मुलायम होने के साथ नमी बनी रहती है। वैसे तो बाजार में कई तरह के तेल उपलब्ध है, लेकिन शिशु की मालिश के वक्त मौसम का ध्यान रखकर तेल चुनना चाहिए ताकि मौसम के अनुरुप बच्चों की त्वचा को पोषण मिल सकें।

आज हम आपको सर्दियों के मौसम के अनुसार ऐसे तेलों की सूची के बारे में बता रहे हैं। जिनकी मालिश करने से बच्चों की मांसपेशियां मजबूत होती है और उनकी त्वचा नर्म रहती हैं। नवजात की मालिश, उसके शरीरिक विकास और तंदरुस्ती के लिए बहुत जरूरी होती है, साथ ही मालिश के बाद बच्चों को नींद भी अच्छी आती है और वो एक्टिव रहते हैं। आइए जानते है किस तरह के तेल से बच्चों की सर्दियों में मालिश करनी चाहिए।

सरसों का तेल
भारत में सदियों से सरसों का तेल मालिश के लिए इस्तेमाल होता आ रहा है। यह तेल मसाज की दृष्टि से सबसे उपयुक्त माना गया है और यह तेल बच्चों को सर्दी जुकाम से भी बचाता है। गर्मियों में इस तेल का इस्तेमाल न करें। इससे त्वचा में खुजलाहट हो सकती है। गर्मियों में सरसों के तेल को गरम कर मालिश न करें। अगर आप के बच्चे के शरीर में बाल काफी हों तो सरसों के तेल से मालिश करने पर अनवांछित बाल ख़तम हो जायेंगे। सरसों का तेल बच्चे को सर्दी जुकाम से बचाता है और उनके हड्डियां को भी मजबूत करता है। त्वचा अगर संवेदनशील है तो इससे मालिश न करें।

ऑलिव ऑयल
जैतून का तेल या ऑलिव ऑयल अपने सेहत भरी गुण के लिए सबसे लोकप्रिय है। इस तेल से तैयार आहार कोलेस्ट्रॉल कम करता है। इस तेल से त्वचा में एलेर्जी नहीं होती। त्वचा अगर संवेदनशील है तो इससे मालिश न करें। अगर सिर में बाल कम है तो जैतून के तेल रोजाना सिर पर लगाने से बालों की संख्या में इजाफा होगा।

तिल का तेल
तिल तथा तिल का तेल बच्चों के लिए स्वास्थ्यवर्धक माना गया है। आयुर्वेद में भी इस तेल का बहुत महत्व हैं। सर्दियों में यह तेल त्वचा को रूखी होने से बचाता है। चूँकि यह तेल थोड़ा भारी है, गर्मियों में मालिश के लिए इस तेल का इस्तेमाल न करें।

बादाम का तेल
बादाम के तेल में प्रचुर मात्रा मैं विटमिन ई होता है। जहाँ तक हो सके शुद्ध बादाम के तेल से मालिश करें जिसमें किसे भी तरह से कोई सुंगधित वस्तु का इस्तेमाल नहीं किया गया है। बादाम का तेल से मालिश करने के ये फायदे हैं। बादाम का तेल में विटमिन ई के साथ-साथ विटामिन डी भी होता है जो सर्दियों में ज्यादा फायदेमंद है। बादाम के तेल से मालिश करने पर सिर में रुसी भी नहीं होता है।

नारियल का तेल
इस तेल को कई जगह गरी का तेल भी कहा जाता है। यह तेल, नाजुक त्वचा के काफी लाभकारी होता है। इसे लगाने से बच्चे के शरीर के इंफेक्शन आदि भी सही हो जाते हैं

कैलेंडुला तेल:
आपने कैलेंडुला के फूल के बारे में सुना है लेकिन इसके ऑयल के बारे में भी जानिए। इसके तेल में कई गुण छुपे होते है जो शिशु की नाजुक त्वचा की नमी को बनाएं रखते हैं और उसके मजबूती भी देते हैं।

सूरजमुखी का तेल
सूरजमुखी के तेल का मालिश बच्चों को संक्रमण से बचाता है। ये तेल उन बच्चों के लिए ज्यादा फयदेमंद है जिनका जन्म नौ माह से पूर्व हुआ है। प्रीमेच्योर बेबी में संक्रमण का खतरा ज्यादा होता है। सूरजमुखी के तेल में विटामिन ई होता है, त्वचा अगर संवेदनशील है या राश है तो इस तेल से मालिश न करें।

टी-ट्री तेल:
डॉक्टर्स का मानना है कि चाय की पत्ती से निकला हुआ तेल बहुत फायदेमंद होता है। यह प्राकृतिक होता है और इसमें एंटी-बॉयोटिक गुण होते है जो बच्चे के लिए लाभकारी होते है।

घी
घी खाने का स्वाद बढ़ा देता है आपने ऐसा सुना और आजमाया भी होगा, लेकिन घी की मालिश से त्वचा भी नर्म होती हैं, आयुर्वेद में घी के इन चमत्कारी गुणों का उपयोग खूब किया गया हैं। देसी घी में मौजूद एंटी बैक्टीरियल गुण शिशु की त्वचा को नर्म बनाने के साथ ही सर्दियों में बैक्टीरिया से सुरक्षा भी देता है।

कैमोमाइल आयल
यह तेल नवजात बच्चे के संवेदनशील त्वचा के लिए सबसे उपयुक्त है। यह तेल स्किन रैश तथा त्वचा सम्बन्धी कई अन्य विकारों में लाभकारी है। यह तेल उन बच्चों के लिए वरदान है जो आसानी से सोते नहीं है।

केस्टर ऑयल
यह तेल मसाज के लिए अच्छा है मगर इस तेल से मालिश के बाद बच्चे को जरूर नहलाएं। यह तेल उन बच्चों के लिए बेहतरीन है जिनकी त्वचा रूखी, तथा बालों और नाखूनों से सम्बंधित समस्या हो। मालिश करते वक्त इस तेल को बच्चे की आँखों तथा होटों से दूरं रखें। यह तेल नवजात बच्चे के संवेदनशील त्वचा के लिए सबसे उपयुक्त है। यह तेल स्किन रैश (skin rash) तथा त्वचा सम्बन्धी कई अन्य विकारों में लाभकारी है। यह तेल उन बच्चों के लिए वरदान है जो आसानी से सोते नहीं है।



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