Latest Updates
-
जुबिन नौटियाल ने उत्तराखंड में गुपचुप रचाई शादी, जानें कौन है सिंगर की दुल्हन -
Mango Varieties In India: तोतापुरी से लेकर बंगीनापल्ली तक, जानें भारत की प्रसिद्ध आम की किस्में और इनकी पहचान -
Heatwave Alert: दिल्ली समेत कई राज्यों में हीटवेव का अलर्ट, जानें भीषण गर्मी का सेहत पर असर और बचाव के टिप्स -
Guru Bhairavaikya Mandira: कर्नाटक का गुरु भैरवैक्य मंदिर क्यों है इतना खास? जिसका पीएम मोदी ने किया उद्घाटन -
Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया पर भूलकर भी न खरीदें ये 5 चीजें, दरवाजे से लौट जाएंगी मां लक्ष्मी -
डायबिटीज में चीकू खाना चाहिए या नहीं? जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट -
Aaj Ka Rashifal 16 April 2026: सर्वार्थ सिद्धि योग से चमकेगा तुला और कुंभ का भाग्य, जानें अपना भविष्यफल -
Akshaya Tritiya पर किस भगवान की होती है पूजा? जानें इस दिन का महत्व और पौराणिक कथा -
Parshuram Jayanti 2026 Sanskrit Wishes: परशुराम जयंती पर इन संस्कृत श्लोकों व संदेशों से दें अपनों को बधाई -
कौन हैं जनाई भोंसले? जानें आशा भोसले की पोती और क्रिकेटर मोहम्मद सिराज का क्या है नाता?
क्या प्रीमेच्योर बर्थ (समय पूर्व जन्म) का अनुमान लगाया जा सकता है?
गर्भावस्था मां के लिए सबसे अच्छा समय होता है हालाँकि यह समय अजन्मे बच्चे के स्वास्थ्य से जुडी बहुत सी चिंताओं और उत्सुकता से भरा होता है।
कुछ महिलायें पीड़ादायक प्रसव से डरती हैं और समय पर आने वाली परेशनियों की संभावना से गर्भवती महिला का दिमाग शांत नहीं रहता।

अन्य किसी मेडिकल प्रक्रिया की तरह बच्चे के जन्म के साथ भी खतरे और समस्याएं जुडी हुई हैं। एक आम समस्या जो कई बार आती है वह है समय से पूर्व बच्चे का जन्म। इस स्थिति के कारण बच्चे को स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याएं हो सकती हैं जिनमें से कुछ घातक हो सकती हैं। कई ऐसे कारण हैं जिनके कारण प्रीमेच्योर बर्थ की समस्या हो सकती है।

गर्भवती महिला द्वारा स्वस्थ आहार न लेना, गर्भावस्था के दौरान वज़न न बढ़ना, मां की मेडिकल हिस्ट्री, अवसाद, तनाव, डाइबिटीज, मोटापा, धूम्रपान, शराब आदि कई प्रमुख कारण हैं। यदि गर्भवती महिला गर्भावस्था के दौरान आवश्यक सावधानियां नहीं बरतती है तो वह समय से पूर्व बच्चे को जन्म दे सकती है।
तो, क्या प्रीमेच्योर बर्थ का अनुमान लगाया जा सकता है? जानने के लिए आगे पढ़ें!

प्रीमेच्योर बर्थ का अनुमान लगाने के लिए किया गया शोध
हाल ही में यूनिवर्सिटी ऑफ़ उटाह हेल्थ साइंसेज़ द्वारा किये गए शोध अध्ययन में दो स्क्रीनिंग टेस्ट के बारे में बताया गया जिनके द्वारा गर्भवती महिलाओं में प्रीमेच्योर बर्थ का अनुमान लगाया जा सकता था। यह टेस्ट इस प्रकार डिज़ाइन किये गए थे जिनमें गर्भवती महिला के सर्विक्स की घनता से प्रीमेच्योर बर्थ के खतरे का अनुमान लगाया जा सकता है।
सर्विक्स गर्भाशय का वह भाग होता है जो मोटाई को बनाये रखता है और गर्भावस्था के अंत तक बंद रहता है। यदि सर्विक्स पतला और कम घना होने लगे तो इसके कारण प्रीमेच्योर बर्थ की समस्या हो सकती है। शोधकर्ताओं द्वारा विकसित किये गए ये दो स्क्रीनिंग टेस्ट गर्भाशय की घनता का पता लगा सकते हैं और इस प्रकार प्रीमेच्योर बर्थ का अनुमान लगाया जा सकता है।



Click it and Unblock the Notifications











