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बच्चों की कब्ज दूर करने के लिए डाइट में शामिल करें नाशपाती, जानें फायदे
6 महीने के बच्चे कब्ज को लेकर काफी परेशान रहते हैं। कब्ज की वजह से छोटे बच्चे के पेट में दर्द रहता है। बच्चे को भूख भी कम लगती है साथ मल त्याग करने में भी काफी परेशानी आती हैं। कब्ज से ना केवल बच्चे बल्कि उनके माता पिता भी बहुत परेशान रहते हैं। छोटे बच्चे को कब्ज होना आम बात है। बच्चे की कब्ज की ठीक करने के लिए बार बार दवाई देना सही नहीं रहता है। छोटे बच्चे की कब्ज को आप घरेलू तरीके से भी ठीक कर सकते हैं। छोटे बच्चे की कब्ज ठीक करने के लिए आप उनकी डाइट में नाशपाती शामिल कर सकते हैं। चलिए जानते हैं नाशपाती खाने के फायदे और खिलाने के सही तरीके।

छोटे बच्चे को कब खिलाएं नाशपाती
6 महीने बाद बच्चे को आहार खिलाना शुरु कर देते हैं। 6 महीने बच्चे को फल भी खिलाना चाहिए। आप 6 महीने के बच्चे को नाशपाती खिला सकते हैं। छोटे बच्चे को नाशपाती का प्यूरी बनाकर उन्हें खिला सकते हैं।

कब्ज से राहत के लिए नाशपाती
नाशपाती में फाइबर पाया जाता है जो कि पाचन संबंधी समस्याओं को ठीक करने में मदद करता है। नाशपाती का सेवन करने से मल पतला होता है जिससे बच्चे को कब्ज नहीं बनती हैं। अगर आपके बच्चे की कब्ज ठीक नहीं हो रही है तो डॉक्टर से सलाह लें।

बच्चे को कैसे खिलाएं नाशपाती
6 महीने के बच्चे नाशपाती खुद नहीं खा सकते हैं। 6 महीने के बेबी को फल या सब्जी को मैश करके खिलाना चाहिए। आप अपने छोटे बेबी को प्यूरी बना कर आसानी से खिला सकते हैं।

नाशपाती के फायदे
नाशपाती आसानी से पच जाता है। नाशपाती में विटामिन सी, पोटैशियम, विटामिन के और फाइबर पाया जाता है। बच्चे के विकास और कब्ज को कम करने के लिए नाशपाती बेहद फायदेमंद है। नाशपाती के छिलके में ल्यूटिन पाया जाता है जो कि आंखों की रोशनी के लिए अच्छा माना जाता है।

इन बातों का रखें ध्यान
-शुरुआत में बच्चे को नाशपाती उबालकर मैश करके खिलाएं
-पहले दिन बच्चे को केवल एक या दो चम्मच नाशपाती प्यूरी खिलाएं। कई बार बच्चों को फूल एलर्जी भी हो जाती है ऐसे में पहले देखें कि आपके बच्चे को नाशपाती से एलर्जी तो नहीं है।



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