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नई माएं बच्चों का डायपर बदलते हुए न करें ये गलतियां, जानें डायपर हाइजीन के नियम
पहली बार मां बनना एक्साइटमेंट के साथ-साथ नर्वस भी हो सकते हैं। पहली बार मां बनने वाली अधिकांश महिलाएं इस बात को लेकर निश्चित रहती है कि वे बेबी की देखभाल में कोई कसर न छोड़ें और अपने बच्चे की सर्वोत्तम तरीके से देखभाल करें। लगातार रातों की नींद हराम और अगनित बार डायपर चेंज करने के माध्यम से, पहली बार मां बनना बहुत थका देने वाला हो सकता है।
पहली बार मां बनी महिलाओं के बैग में आमतौर पर डायपर और रैश-फ्री क्रीम किसी भी चीज़ की तुलना में आसानी से मिल जाती हैं, और इसका कारण यह है कि माएं नहीं चाहती है कि बच्चे को किसी भी तरह की परेशानी हो या फिर डायपर रैश या संक्रमण से बच्चा परेशान हो।
किसी एक्सपर्ट का सही मार्गदर्शन निश्चित रूप से पहली बार के लिए डायपर बदलने की ड्यूटी को बहुत आसान बना सकता है। आइए जानते है कि नई मांओं को बच्चें में डायपर बदलते हुए हाईजीन से जुड़ी किन बातों का विशेष ख्याल रखना चाहिए-

बार-बार डायपर बदलें
चूंकि बच्चे हर कुछ घंटों में डायपर गीला कर देते हैं, इसलिए नियमित अंतराल पर डायपर बदलना उनके आराम और स्वच्छता के लिए बेहद जरूरी है। आपको बच्चे के निचले हिस्से को साफ या पोंछना चाहिए। कम से कम हर 2-3 घंटे में डायपर बदलना चाहिए। एक गंदे डायपर में नमी चकत्ते का कारण बनती है और विभिन्न संक्रमणों को आकर्षित करती है, इसलिए यह बच्चों के निचले हिस्से को ज्यादा से ज्यादा सूखा रखें।

अधिक लिक्विड सोखने वाले डायपर का ही इस्तेमाल करें
डायपर रैशेज से बचने के लिए आपको हमेशा डायपर की नमी को नियंत्रित करना चाहिए। नमी को दूर करने के लिए अधिक लिक्विड सोखने वाले डायपर का ही इस्तेमाल करना चाहिए। बच्चे के डायपर को अधिक गंदा होने से पहले ही बदल दें। बच्चों को ज्यादा देर गीले डायपर में नहीं रखना चाहिए। बच्चों के डायपर में मौजूद नमी संक्रमण और चक्कते का कारण बन सकते हैं। इसलिए डायपर पहनाते समय हमेशा इस बात का ध्यान रखना चाहिए।

हाथों को साफ करें
बच्चों को डायपर पहनाने के पहले और बाद में अपने हाथों को अच्छी तरह से साफ जरूर कर लें। डायपर पहनाते समय हाथ साफ न होने से बच्चे को कई संक्रमण हो सकते हैं। बच्चों की स्किन को संक्रमण से बचाने के लिए आप अपने हाथों को अच्छी तरह से साफ जरूर कर लें।

रैशेज का ध्यान रखें
डायपर रैशेज डायपर से नमी और जलन के कारण ही होते हैं। बच्चों को डायपर रैश होने पर कॉटन बाल, गर्म पानी और क्रीम का इस्तेमाल करना चाहिए। हालांकि, कुछ डायपर रैशेज गंभीर समस्या की वजह से भी हो सकते हैं। अधिकांश डायपर रैशेज अपेक्षाकृत हल्के होते हैं, लेकिन कुछ काफी गंभीर हो सकते हैं, जिससे दर्दनाक लाल धब्बे हो जाते हैं और कभी-कभी त्वचा में दरार आ जाती है।



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