Latest Updates
-
लंच में बनाएं उत्तर प्रदेश की चना दाल कढ़ी, उंगलिया चाटते रह जाएंगे घरवाले -
Gangaur Ke Geet: 'आ टीकी बहू गोराँ ने सोवै'...इन मधुर गीतों के बिना अधूरी है गौरा पूजा, यहां पढ़ें पूरे लिरिक्स -
प्रेगनेंसी के शुरुआती 3 महीनों में भूलकर भी न खाएं ये 5 चीजें, वरना बच्चे की सेहत पर पड़ेगा बुरा असर -
Viral Video: टीम इंडिया की T20 वर्ल्ड कप जीत पर पाकिस्तान में जश्न, काटा केक और गाया 'जन-गण-मन' -
कौन हैं Mahieka Sharma? जिसके प्यार में 'क्लीन बोल्ड' हुए Hardik Pandya, देखें वायरल वीडियो -
कौन हैं Aditi Hundia? T20 वर्ल्ड कप जीत के बाद Ishan Kishan के साथ डांस Video Viral -
काले और फटे होंठों से हैं परेशान? तो पिंक लिप्स पाने के लिए आजमाएं ये घरेलू नुस्खे -
Chaitra Navratri 2026: 8 या 9 दिन जानें इस बार कितने दिन के होंगे नवरात्र? क्या है माता की सवारी और इसका फल -
Gangaur Vrat 2026: 20 या 21 मार्च, किस दिन रखा जाएगा गणगौर व्रत? नोट करें तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त -
घर में लाल चीटियों का दिखना शुभ है या अशुभ? जानें शकुन शास्त्र के ये 5 बड़े संकेत
शिशु को मां का दूध छुड़ाने के टिप्स
नवजात शिशु के लिए मां का दूध अमृत से कम नहीं होता है लेकिन एक समय ऐसा भी आता है जब शिशु को मां का दूध देना बंद करना पड़ता है। ये दूध छुड़ाने की प्रक्रिया होती है जिसमें बच्चे को मां के दूध के अलावा बाकी चीजें खिलाना शुरु करना होता है। आप कई तरीकों से अपने शिशु को पोषण दे सकती हैं, जैसे कि:
फॉर्म्यूला फीडिंग
बॉटल फीडिंग
केले को मैश करके खिलाना
आसान शब्दों में कहें तो शिशु को अन्य चीजों से पोषण देने के लिए दूध छुड़ाया जाता है। कई बार शिशु आसानी से दूध छोड़ देते हैं तो कई बार काफी मशक्कत करनी पड़ती है।

हालांकि, इस मुश्किल को दूर करने के कई आसान तरीके भी मौजूद हैं जैसे कि पहले मां के दूध से हटाकर शिशु को हल्का गाढ़ा और फिर भी ठोस आहार देना शुरु करें। ऐसा जरूरी नहीं है कि आप एकदम से अपने शिशु को स्तनपान करवाना बंद कर दें। कुछ मामलों में माओं को अपने शिशु को दूध ना पिलाना परेशान करता है लेकिन आपको ये बात समझनी चाहिए कि ऐसा करना आपके शिशु के लिए ही फायदेमंद है। ये मां और शिशु दोनों के लिए भावनात्मक पहलू से जुड़ा होता है।
यहां हम आपको कुछ टिप्स देने जा रहे हैं जिनकी मदद से आप आसानी से अपने शिशु का दूध छुड़वा सकती हैं।
- 12 महीने से कम उम्र के शिशु के लिए मां को बोतल में अपना दूध भर कर पिलाना चाहिए। 12 महीने से बड़े शिशुओं को कप से दूध पिला सकते हैं।
- स्तनपान न करवाने पर शिशु को ठंड लग सकती है। ऐसे में उसे गले लगाकर गरमाई दें।
- जितनी बार भी दिन में स्तनपान करवाती हैं उसमें से एक बार घटाकर ठोस आहार देना शुरु करें। अगर शिशु एक से ज्यादा बार ठोस आहार ले सकता है तो वो भी दें। ऐसा फूड ही दें जिससे शिशु को एलर्जी न हो।
- रात को शिशु को कुछ खिलाने की बजाय सोना सिखाएं क्योंकि शिशु को रात और सुबह के समय सबसे ज्यादा भूख लगती है इसलिए ये समय मां के लिए बहुत चुनौतीपूर्ण हो सकता है। शुरुआत में आप एक दिन छोड़कर रात को खिला सकते हैं।
- माओं को ज्यादा एक्टिव रहने की जरूरत है। शिशु से थोड़ी दूरी बनाकर रहें वरना वो बार-बार दूध पीने की जिद करेगा। बच्चों को खिलौनों से खेलना सिखाएं।
- शिशु को दूध छुड़ाने के दौरान आपको खुद में भी शारीरिक और भावनात्मक बदलाव देखने को मिलेंगें। स्तन के दूध को सूखने में 2 से 4 सप्ताह का समय लग सकता है।



Click it and Unblock the Notifications











