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बेबी में गुड स्लीपिंग हैबिट्स डेवलप करने में मदद करेंगे ये टिप्स
नींद हेल्थ का ख्याल रखने के लिए बेहद जरूरी है। सिर्फ व्यस्क ही नहीं, बल्कि बेबी के लिए भी ठीक ढंग से नींद लेना बेहद आवश्यक होता है। जब बच्चा सही तरह से सोता नहीं है तो ऐसे में वह इरिटेटिड हो जाता है। ऐसे बेबी अक्सर काफी चिड़चिड़े हो जाते हैं। इतना ही नहीं, इससे उनका स्लीप साइकल भी प्रभावित होता है।

इसलिए यह कहा जाता है कि आप अपने बेबी में कुछ गुड स्लीपिंग हैबिट्स को विकसित करें। ऐसा करना मुश्किल नहीं है। बस जरूरी है कि आप कुछ छोटे-छोटे टिप्स को अपनाएं। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको कुछ ऐसे आसान टिप्स के बारे में बता रहे हैं, जो बेबी में गुड स्लीपिंग हैबिट्स को डेवलप करने में मदद करेंगे-
सही समय पर करवाएं फीड
अगर आप चाहती हैं कि बेबी एक अच्छी नींद ले तो ऐसे में आपको उसके फीडिंग टाइम पर ध्यान देना चाहिए। कोशिश करें कि आप सोने से पहले उन्हें फीड करवाएं। दरअसल, जब बेबी फीड करता है तो वह बेहद रिलैक्स महसूस करता है और उसे अच्छी नींद आती है। साथ ही, सोने से पहले ब्रेस्टफीड करने से बेबी का पेट भरा रहता है। जिससे भूख के कारण वह बीच-बीच में न उठता नहीं है।
स्लीपिंग प्लेस पर भी दें ध्यान
बेबी में गुड स्लीपिंग हैबिट्स डेवलप करने के लिए आपको कई छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देना चाहिए। मसलन, आप ध्यान दें कि बेबी के कमरे में बहुत शोर ना हो। साथ ही, कमरे का तापमान भी सही हो। इससे बेबी अधिक कंफर्टेबल होकर सोता है। साथ ही, स्लीपिंग टाइम के समय कमरे में टीवी व लाइट आदि बंद कर दें। अंधेरा होने पर बेबी को यह महसूस होता है कि उसे अब सो जाना चाहिए। ऐसे में बेबी अधिक बेहतर तरीके से सो पाता है।
सोने का टाइम हो एक जैसा
अगर आप बच्चे में गुड स्लीपिंग हैबिट डेवलप करना चाहते हैं तो ऐसे में उनके सोने का एक निश्चित कार्यक्रम तय करें। इसके लिए आप उनके सोने और जागने का समय निश्चित करें। इससे कुछ ही दिनों में बेबी को इसकी आदत हो जाती है और उसे तय समय पर नींद आती है। इसके अलावा, आप उन्हें अच्छी नींद दिलाने के लिए रात के समय में किसी शेड्यूल का पालन करें। मसलन, आप लोरी सुना सकते हैं। ध्यान रखें कि आप तय समय पर बेबी को लिटा दें। उसके खुद नींद आने का इंतजार ना करें। इससे बच्चे को गुड स्लीपिंग हैबिट्स डेवलप करने में मदद मिलती है।
दिन में लॉन्ग नैप ना लें
आमतौर पर, छोटे बच्चे दिन में अधिक सोते हैं। लेकिन अगर आप दिनभर अपने बेबी को सुलाते हैं तो ऐसे में बेबी एक गुड स्लीपिंग हैबिट को डेवलप नहीं कर पाता है। इसलिए, आप बेबी को दिन में झपकी लेने दें, लेकिन रात में स्लीपिंग टाइम से ठीक पहले लंबी झपकी ना लेने दें। इससे बेबी आपको रात में परेशान करेगा। कोशिश करें कि स्लीपिंग टाइम से पहले बच्चे को थोड़ा एक्टिव रखें। जिससे आपका बेबी रात में अच्छी नींद ले सके।
पैसिफायर का करें इस्तेमाल
अगर आपके बेबी को रात में सोने में परेशानी होती है तो ऐसे में आप पैसिफायर का इस्तेमाल करने पर विचार करें। इससे बच्चा खुद को अधिक रिलैक्स्ड महसूस करता है और रात में अच्छी नींद ले पाता है। इसके अलावा, यह अचानक इनफेंट डेथ सिंड्रोम के जोखिम को भी कम कर सकता है। हालांकि, हर बच्चे को पैसिफायर देने की जरूरत नहीं होती है। अगर आपको बहुत अधिक आवश्यक महसूस हो, तभी आपको बेबी को पैसिफायर देना चाहिए।



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