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सिर्फ भूख ही नहीं, इन वजहों से भी लगातार रोते रहते हैं शिशु

हो सकता है कि आप भी उनके रोने पर उन्हें चुप कराने का हरसंभव प्रयास करें। लेकिन उन्हें चुप कराने के लिए पहले उनकी समस्या को समझना आवश्यक है। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको ऐसे ही कुछ कारणों के बारे में बता रहे हैं, जिनकी वजह से बच्चे काफी देर तक रोते रहते हैं-
बेबी का भूखा होना
यह सबसे पहला व आम कारण है, जिसकी वजह से बेबी लंबे समय तक रोता है। कई बार बच्चे भूखे होते हैं और रोकर वे अपनी जरूरत के बारे में अपनी मां को बताते हैं। ऐसे में जब उन्हें फीड करवाया जाता है तो इससे वे शांत हो जाते हैं। कुछ ही देर में काफी रिलैक्स हो जाते हैं। कई बार तो वे फीड करवाने के बाद आराम से सो भी जाते हैं।
सही ढंग से नींद पूरी ना होना
छोटे बच्चों को बड़ों की अपेक्षा अधिक नींद की जरूरत होती है। नेशनल स्लीप फाउंडेशन के अनुसार न्यूबॉर्न बेबी को 24 घंटों में से 14-17 घंटे की नींद चाहिए होती है। वहीं, दूसरी ओर उनकी नींद काफी कच्ची होती है। जरा से शोर में भी वह उठ जाते हैं। ऐसे में अगर किसी कारण से बच्चे की नींद पूरी नहीं होती है तो इससे वे चिड़चिड़े हो जाते हैं और लगातार रोना शुरू कर देते हैं। इस स्थिति में कोशिश करें कि आपका बच्चा कंफर्टेबल तरीके से सोए। जब उसकी नींद पूरी होगी तो इससे उसका चिड़चिड़ापन भी दूर होगा।
बेबी को ओवरफीड करना
आपको शायद पता ना हो, लेकिन सिर्फ भूखे होने के कारण ही बेबी रोता नहीं है, बल्कि कभी-कभी उन्हें ओवरफीड करने से भी बेबी को परेशानी होती है। जब बेबी को बहुत अधिक दूध पिलाया जाता है तो इससे उनका पेट फूलने लगता है। ऐसे में बच्चे को बैचेनी होती है और पेट फूलने की समस्या के कारण वह रोने लगता है। हालांकि, कुछ समय बाद जब बेबी कंफर्टेबल हो जाता है तो ऐसे में वह शांत हो जाता है।
मां का गलत खानपान
बच्चे की सेहत पर मां के खानपान का भी असर पड़ता है। अगर मां बहुत अधिक कैफीन का सेवन करती है तो इससे मां के साथ-साथ बेबी को भी सही तरह से सोने में समस्या होती है। जिसके कारण वे परेशान होकर रोने लगते हैं। इसलिए, हमेशा यह सलाह दी जाती है कि ब्रेस्टफीड करवाने वाली मांओं को अपने कैफीन सेवन को सीमित करना चाहिए।
बेबी को तंग कपड़े पहनाना
अक्सर मां अपने बेबी को प्रोटेक्ट करने के चक्कर में उन्हें बहुत अधिक कपड़े में लपेट देती हैं या फिर कभी-कभी बच्चे को अनजाने में तंग कपड़े पहनाए जाते हैं। जिसके कारण बच्चा अनकंफर्टेबल फील करता है और इस स्थिति में वह रोने लगता है। इसलिए, कोशिश करें कि आप बच्चे को ऐसे कपड़े पहनाएं, जो उसके लिए कंफर्टेबल हों। बेहतर होगा कि आप बेबी पर बहुत अधिक कपड़े लादने के स्थान पर कमरे के तापमान को बनाए रखें।
गंदे डायपर में देर तक रहना
आजकल मदर्स बेबी की सहूलियत के लिए उन्हें डायपर पहनाती हैं। हालांकि, अगर बेबी स्टूल पास करता है और फिर उसे उस डायपर में देर तक रखा जाए जो इससे बच्चा रोने लगता है। दरअसल, इसके कारण बेबी काफी परेशान हो जाता है। इतना ही नहीं, इससे उन्हें दर्द व जलन भी होती है और रैशेज होने की संभावना भी बहुत अधिक बढ़ जाती है।
कोलिक
कोलिक शुरुआती महीनों के दौरान बेबी के बार-बार रोने का मुख्य कारण है। आमतौर पर, डेढ़ माह से चार माह तक के शिशुओं में यह समस्या हो सकती है। कोलिक के सटीक कारणों के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता। यह देखा जाता है कि कोलिक की समस्या कुछ वक्त बाद खुद ब खुद ठीक हो जाती है।



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