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अपने बच्चे की नींद में मुस्कुराने की आदत से है हैरान, जानिए इसके पीछे का कारण
बच्चों की हर एक अदा अपने आप में निराली है। जिसे देखकर हर कोई उनकी तरफ आकर्षित हो जाता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है बच्चे सोते समय क्यूं मुस्कुराते है। क्या इसके पीछे कोई साइंटिफिक कारण है, या ये एक नॉर्मल प्रक्रिया है। अगर आपके मन में भी इस तरह के सवाल है तो इस आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़ें। क्यूंकि यहां हम आपको बताने वाले है कि बच्चा सोते समय क्यूं मुस्कुराता है।
सोते हुए बच्चे के मुस्कुराने के कारण

1. इमोशनल डवलपमेंट होना
जब बच्चा जगा होता है, तो वो अपने आसपास कई सारी आवाजों, शोर-शराबें को सुनता है और नई चीजों को देखता है। और इस समय के दौरान, बच्चे का प्रोग्रेसिव माइंड हर दिन होने वाली घटनाओं और जानकारियों को रिकॉर्ड कर सकता है। जो बच्चे के सोने के दौरान उसके जहन में घूमने लगती है। इस समय बच्चे के दिमाग में वो सभी बातें होती है जो उसने अपने आसपास देखी और सुनी है। ऐसे में जब बच्चा हैप्पी इमोशन महसूस करता है तो वो सोते समय मुस्कुराने लगता है। इस प्रकार हम कह सकते है कि बच्चे का सोते समय मुस्कुराना उसके इमोशन डवलपमेंट का एक प्रोसेस है।

2. गैस पास करना
अधिकांशत: ऐसा देखा जाता है कि बच्चे 4 महीने के बाद मुस्कुराने शुरू करते है। लेकिन अगर कोई बच्चा जन्म के शुरूआती कुछ हफ्तों में ही मुस्कुराने लगे, तो इसके पीछे एक बड़ा कारण हो सकता है, जो ये दर्शाता है कि बच्चे के गैस पास हो रही है। हालांकि, इस बात का कोई साइंटिफिक प्रूफ नहीं है। फिर भी, यह फैक्ट है कि पेट में की परेशानी के कारण बच्चे चिड़चिड़े रहते हैं और इस कारण वे लगातार रोते रहते है। लेकिन जब गैस पास होती है तो उन्हें राहत महसूस होती है। इस प्रकार सोते समय बच्चे के मुस्कुराने का एक कारण यह भी हो सकता है कि वो गैस पास कर रहा है।

3.आरईएम स्लीप साइकिल
इंसानों में दो तरह की स्लीप साइकिल होती है - एक आरईएम यानी रैपिड आई मूवमेंट और दूसरी एनआरईएम यानी नॉन रैपिड आई मूवमेंट। आपका शरीर हर रात इन स्टेज से गुजरता है, जिससे आपको धीरे-धीरे नींद आने का अनुभव होने लगता है। रिसर्च के मुताबिक नवजात बच्चों में यही नींद की साइकिल आरईएम स्टेज से शुरू होती है। आमतौर पर बच्चे दिन में 16 से 18 घंटे सोते हैं। और क्योंकि नवजात शिशु अधिक आरईएम नींद का अनुभव करते हैं, इसलिए इन्वॉलन्टरी मूवमेंट्स के रिफ्लेक्स के रूप में बच्चे ज्यादा मुस्कुराते हैं। बल्कि आरईएम स्लीप फेज के कारण बच्चा तेजी से आई मूवमेंट करने लगता है और कई सपने भी देख सकता है। तो यदि आप अपने बच्चे को मुस्कुराते हुए या उसे नींद में हंसता हुआ पाते हैं, तो वह अपने आरईएम स्लीप में हो सकता है, जो दिन में हुए कुछ मजेदार चीजों को याद करके मुस्कुराता है।

4. अन्य मेडिकल कारण
बच्चों के नींद में मुस्कुराने के पीछे कई अन्य मेडिकल कारण भी हो सकते है। जिसमें दुर्लभ मामलों में, पेट में मरोड़ चलने के कारण भी बच्चे को हंसी आ सकती है। लेकिन ध्यान रहें मरोड़ के कारण आने वाली हंसी से बच्चे का रेस्टिंग शेड्यूल खराब हो सकता है और उसकी हेल्थ पर बुरा असर पड़ सकता है। क्यूंकि जब मरोड़ चलेगा तो वो लंबी देर तक आराम से नहीं सो पाएगा और बीच-बीच में उसकी नींद खुलती रहेगी। बल्कि यदि आपको बच्चे में वजन कम होना, सोने में परेशानी होना, लगातार चिड़चिड़ापन होना या बिना किसी कारण के हंसना आदि अन्य लक्षण दिखाई देते हैं, तो इन्हें सामान्य ना समझें, बल्कि इन्हें गंभीरता से लेते हुए तुरंत बच्चे को डॉक्टर के पास ले जाना चाहिए।



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