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कब प्रेगनेंट नहीं होना चाहिए

कब न लें रिस्क-
1.हाइपोथाइराइड- प्रेगनेंट होने से पहले अपने हाइपोथाइराइड का टेस्ट जरुर करवाना चाहिए क्योंकि अगर आपको इसकी समस्या है तो जाहिर सी बात है कि आपके बच्चे को बहुत सी बीमारियां हो सकती हैं। अगर आइपोथाइराइड की समस्या है तो आपको बच्चा पैदा करने में तकलीफ आएगी क्योकि यह ओवरी के अंडो के उत्पादन को नियंत्रित करता है। इसके अलावा जिन आदमियों को इसकी समस्या होती है उनमें भी भांजपन देखने को मिलता है।
2.मधुमेह- अगर आपको डायबीटीज है और आप प्रेगनेंट होना चाहती हैं तो सबसे पहले अपने शुगर लेवल को नियंत्रित करें। अगर ब्लड शुगर लेवल बहुत ज्यादा है तो बच्चा अंडरवेटख् समय से पहले और जन्मजात जन्म दोष के साथ होगा।
3.हीमोफीलिया- यह एक ऐसी अवस्था है जिसमें बिमार व्यक्ति का खून जल्द जमता नहीं है। आपको इस अवस्था में बच्चे को जन्म देने से रुकना चाहिए क्योंकि बच्चा पैदा करने का मतलब है खून की कमी। और अगर इस खून की कमी को रोका नहीं गया तो समझिये मौत।
4.आनुवंशिक रोग- कभी कभी कुछ ऐसी बीमारियां होती हैं जो हमारे जीन से हमारे बच्चे में चली जाती हैं। इन बीमारियों में से कुछ का नाम हीमोफीलिया और मांसिक बीमारी है। इन बीमारियों के बारे में किसी टेस्ट से उतना पता नहीं चल पाता जितना परिवार वाले बता सकते हैं।
5.अगर पहले प्रेगनेंसी में खतरा हुआ हो- अगर आप पहले भी प्रेगनेंट हो चुकी हैं और आप की जान को खतरा भी हुआ था तो अब यह रिस्क दुबारा न ही लें तो अच्छा रहेगा। जिन महिलाओं का कमजोर नाल, उच्च रक्तचाप और पूर्व गर्भपात हुआ हो उन्हें अपनी मर्जी से प्रेगनेंट नहीं होना चाहिए। इसके लिए डॉक्टर से परामर्श जरुर लें।



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