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कैसे पहली बार आईवीएफ को बनाए सफल
क्या आप मां बनने की कोशिश कर रही हैं लेकिन बार बार कोशिश करने के बाद भी नाकाम होती जा रही हैं। अब आप डॉक्टर के सलाह पर आईवीएफ यानि इन विटरो फर्टीलाइजेशन के बारे में सोच रही हैं। लेकिन आपके मन में आईवीएफ को लेकर कई सारी दुविधाएं है। जो महिला इस प्रक्रिया से गुजरती है उसे दर्द, साइड इफेक्ट और मानसिक बदलाव से गुजरना पड़ता है। इतना ही नहीं इसके अलावा भी बहुत सी दिक्कतों से महिलाओं को इस दौरान दो चार होना पड़ता है। लेकिन ज्यादात्तर महिलाओं को एक ही चिंता सताती रहती है।
वो है कि हर महिला जो आईवीएफ की प्रक्रिया से गुजर रही है वो पहली बार में ही प्रेगनेंट होना चाहती है ताकि वो दूसरी बार इस प्रक्रिया से न गुजरे। कई कैसेज में आईवीएफ पहली बार में सफल नहीं हो पाता है। ऐसे में महिलाएं निराश हो जाती है लेकिन आज इस आर्टिकल में बताएंगे कि कैसे पहली बार में आईवीएफ को सफल बनाया जा सकता है।

यह है आईवीएफ
एक मेडिकल प्रक्रिया है, जिसकी मदद से गर्भधारण कराया जाता है। कई ऐसे दंपति हैं जिनको संतान सुख नहीं मिल पाता है। कई तरह का इलाज भी उनके लिए कारगर साबित नहीं होता है। ऐसे में इस प्रक्रिया की मदद से महिला के अंडों को पुरूष के स्पर्म के साथ लैब में रखा जाता है। उसके बाद जब वो फर्टीलाइज हो जाता है तो उसे महिला के गर्भाशय में डाल दिया जाता है। इस दौरान ध्यान रखा जाता है कि वो सुरक्षित तरीके से भ्रूण बन सके।

डॉक्टर से तुरंत मिले
चाहे आप खुद गर्भधारण कर रही हैं या इसके लिए कोई फर्टिलिटी उपचार ले रही हैं। गर्भधारण में इतनी देर न हो जाएं कि आपको मदद की तलाश करनी पड़ रही हैं। जितनी कम आपकी उम्र है उतनी अधिक आपकी गर्भधारण करने की आपकी सम्भावनाएं होती है।
आईवीएफ की सफलता की संभावनाओं को बढ़ाने के लिए, जितना जल्दी हो सके एक प्रजनन विशेषज्ञ से मिलें। यदि आप किन्हीं कारणों से गर्भवती होने में असमर्थ हैं, तो प्रजनन विशेषज्ञ निम्नलिखित की सिफारिश करते हैं:
अगर आप 35 वर्ष से कम उम्र के हैं तो कोशिश करने के एक साल के बाद मदद लें
अगर आपकी आयु 35 वर्ष से अधिक हो, तो कोशिश करने के छह महीनों के बाद मदद लें।

फीमेल फर्टिलिटी टेस्ट
जब आप आसानी से गर्भवती नहीं हो पा रही है तो डॉक्टर से मिलकर मालूम कीजिए कि कोई बीमारी आपके मां बनने की राह में बाधा तो नहीं बन रही है। डॉक्टर इस संबंध में आपके ओब / जीवाईएन या प्रजनन एंडोक्रिनोलॉजिस्ट जैसे जांच करके आपकी प्रजनन स्वास्थ्य का एव्यूलेट कर सकते हैं। वे इन्फर्टिलिटी के दूसरे कारणों के बीच संरचनात्मक समस्याओं, हार्मोनल, या ओवुलेशन अनियमितताओं की असल वजहों को तलाशेंगे।

अपने साथी को फर्टिलिटी जांच के लिए प्रोत्साहित करें
कई कपल इसलिए भी कंसीव करने में असक्षम होते हैं क्योकि इसमें कई बार सिर्फ फीमेल ही नहीं मेल भी इन्फर्टिलिटी की समस्या से गुजर रहें होते हैं। पुरुषों की इन्फर्टिलिटी की समस्या भी कई बार सामने आती है। इसलिए आपके पार्टनर वीर्य विश्लेषण जांच करवाना चाहिए। हो सकता है कि आपके पार्टनर इस जांच के लिए तैयार न हो वो इसके लिए कतरा रहें हो लेकिन उनके इस जांच से आईवीएफ की सफलता काफी हद तक बढ़ सकती हैं।

सही क्लीनिक का चुनाव करें
अगर आईवीएफ प्लान कर रहें है तो जरुरी है कि आप अपने लिए सही क्लीनिक का चुनाव करें। जब आप पहली बार डॉक्टर से मिलने जा रही है तो आपके जेहन में जो भी सवाल चल रहा है उसे पूछे और ईलाज में अपनी तरफ से सक्रिय
अगर आईवीएफ प्लान कर रहें है तो जरुरी है कि आप अपने लिए सही क्लीनिक का चुनाव करें। जब आप पहली बार डॉक्टर से मिलने जा रही है तो आपके जेहन में जो भी सवाल चल रहा है उसे पूछे और ईलाज में अपनी तरफ से सक्रिय

भ्रूण स्थानांतरण के बारे में जानें
सोसाइटी फॉर असिस्टेड रेप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (एसर्ट) में आईएफएफ के दौरान हस्तांतरित भ्रूण की संख्या के बारे में स्पष्ट बातें बताई गई हैं। आमतौर पर, युवा महिलाएं कम भ्रूण के साथ जल्दी गर्भवती होने के आसार ज्यादा रहते हैं।
आईवीएफ के दौरान आपकी उम्र कितनी ही क्यों न हो आपके अंदर दो भ्रूण स्थानांतरित किए जाते है ताकि आपकी गर्भवती होने की सम्भावनाएं बढ़ सकें। लेकिन कई बार होता है कि भ्रूण स्थानातंरित होने के बाद जटिलता होने के साथ एक से ज्यादा बच्चें होने की सम्भावनाएं भी रहती हैं। इसके अलावा प्री-मैच्योर डिलीवरी की सम्भावनाएं होती है।

आईवीएफ की सफलता पर सवाल
जैसा कि आप देख सकते हैं, कई कारक हैं जो आईवीएफ की सफलता को प्रभावित कर सकते हैं। आईवीएफ एक बहुत ही भावनात्मक और तनावपूर्ण अनुभव है, और इसमें एक स्वस्थ गर्भावस्था के लिए बहुत समय, धैर्य और पैसा काफी कुछ देना होता है।
आईवीएफ कीसफलता के लिए जरुरी है कि आप अपने डॉक्टर के साथ खुले और ईमानदार बनें, डॉक्टर से पूछे उन चीजों के बारे में जो आपके आईवीएफ चक्र को प्रभावित कर सकते हैं।



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