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निगेटिव प्रेग्नेंसी टेस्ट और पीरियड्स का न होना....
एक महिला के लिए सबसे ज्यादा चिंताजनक बात वो होती है जब उसके पीरियड्स डेट आने के बाद भी नहीं होते हैं और प्रेग्नेंसी टेस्ट भी निगेटिव आता है चाहे आप बेबी के लिए ट्राई कर रही हों या नहीं।
एक महिला के लिए सबसे ज्यादा चिंताजनक बात वो होती है जब उसके पीरियड्स डेट आने के बाद भी नहीं होते हैं और प्रेग्नेंसी टेस्ट भी निगेटिव आता है।
चाहे आप बेबी के लिए ट्राई कर रही हों या नहीं, लेकिन पीरियड्स समय पर न होने की दशा में अपने डॉक्टर से सम्पर्क अवश्य करें।
नकारात्मक प्रेग्नेंसी टेस्ट के साथ मिस्ड पीरियड्स आखिर ऐसा क्यूँ होता है, इसके पीछे कुछेक कारण होते हैं। ऐसा बहुत बार बहुत सारी महिलाओं के साथ होता है जिसके पीछे पीओएफ, तनाव, एफएसएच आदि समस्याओं को प्रमुख माना जाता है।

कारण और विवरण
हार्मोन प्रोलैक्टिन
यदि आपके शरीर में असामान्य प्रोलैक्टिन का स्तर पैदा होता है तो एक अवधि (या एक से भी अधिक) में पीरियड्स का देर से होना संभव है। ऐसा स्तनपान के दौरान सबसे अधिक होता है क्योंकि इस दौरान शरीर में प्रोलैक्टिन का उत्पादन सबसे ज्यादा होता है। जिसकी वजह से पीरियड्स में दिक्कत आती है।

पॉलीसिस्टिक अंडाशय सिंड्रोम
पीसीओएस, तब होता है जब आपके शरीर में कुछ विशेष हारमोन्स का स्तर सबसे उच्च होता है और महिला की ओवरी पर कई फॉलीसेल्स को क्रिएट करने के लिए प्रोत्साहित करता है और एक अंडे को उत्पादित करने के लिए पर्याप्त कंडीशन नहीं देता है। ऐसे में मासिक धर्म इसलिए नहीं आते हैं क्योंकि आप ओव्यूलेटेड नहीं होती है। साथ ही इस हारमोन के कारण आपके चेहरे पर कई सारे दाने भी निकल आते हैं और आपका वजन भी बढ़ने लगता है। चेहरे पर बाल निकलने लगते हैं और पेट व छाती में दर्द होने लगता है।

अपरिपक्व ओवेरियन विफलता -
इसे मंद डिम्बग्रंथि रिजर्व के रूप में भी जाना जाता है। यदि आपके मासिक चक्र के तीसरे दिन एफएसएच का स्तर उच्च होता है तो आपका शरीर अतिरिक्त कार्य करता है ताकि फॉल्लीक्यूलर डेवलेपमेंट स्टीम्यूलेशन कर सकें। ऐसे मामले में आपके डॉक्टर आपको कुछ विशेष प्रकार की जांच करवाने की सलाह दे सकते हैं ताकि आपमें होने वाली समस्या का सटीक पता लगाया जा सकें।

होम प्रेग्नेंसी टेस्ट की कम संवेदनशीलता -
घर पर किट के द्वारा किया जाने वाला प्रेग्नेंसी टेस्ट तभी सही रिजल्ट देता है जब महिला के शरीर में एचसीजी का निश्चित स्तर होता है। यदि स्तर इससे कम हुआ तो गर्भावस्था होने के पश्चात् भी रिजल्ट निगेटिव ही आता है। ऐसे में आप कुछ दिनों बाद फिर से टेस्ट करें।

अनियमित चक्र
कुछ मामलों में, एक अनियमित चक्र के कारण एक अवधि मिस हो सकती है। यह अनियमितता एक ओवुलेशन विकार, तनाव, नींद या चिंता के कारण हो सकती है। कई बार, वजन ज्यादा होने के कारण भी ऐसा होता है। ऐसे में कुछ एक्सरसाइज से इस समस्या को कुछ हफ्तों बाद दूर किया जा सकता है।

ज्यादा जल्दी टेस्ट कर लेना -
कई बार आप एग फर्टिलाइज होने से पहले की टेस्ट कर लेती हैं जिसकी वजह से रिजल्ट सही नहीं आते हैं। ऐसे में आपको थोड़ा इंतजार करना चाहिए और 10 से 20 दिन बाद दुबारा टेस्ट करना चाहिए।

गलत गणना -
कई बार, पीरियड्स की गलत गणना भी आपको चिंता में डाल देती है। इसलिए आप अपनी डेट का चार्ट बनाएं और उसके हिसाब से कैलकुलेट करें।



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