Latest Updates
-
World Ovarian Cancer Day 2026: ओवेरियन कैंसर होने पर शरीर में दिखाई देते हैं ये 5 लक्षण, तुरंत करवाएं जांच -
World Thalassemia Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व थैलेसीमिया दिवस? जानें इसका महत्व और इस साल की थीम -
Mother's Day 2026: डिलीवरी के बाद हर महिला को करने चाहिए ये योगासन, जल्दी रिकवरी में मिलेगी मदद -
Mother's Day 2026: मदर्स डे पर मां को दें सेहत का तोहफा, 50 के बाद जरूर करवाएं उनके ये 5 जरूरी टेस्ट -
Mother’s Day Special: बेटे की जिद्द ने 70 साल की उम्र में मां को दी हिम्मत, वायरल हैं Weightlifter Mummy -
कौन हैं अरुणाचलम मुरुगनाथम? जिन्हें नोबेल शांति पुरस्कार 2026 के लिए किया गया नॉमिनेट -
सुबह खाली पेट भीगी हुई किशमिश खाने से सेहत को मिलेंगे ये 5 फायदे, कब्ज से लेकर एनीमिया से मिलेगी राहत -
Rabindranath Tagore Jayanti 2026 Quotes: रवींद्रनाथ टैगोर जयंती के मौके पर शेयर करें उनके ये अनमोल विचार -
Aaj Ka Rashifal 7 May 2026: आज धनु और कर्क राशि के लिए बड़ा दिन, पढ़ें सभी 12 राशियों का हाल -
Aaj Ka Rashifal 6 May 2026: मिथुन और कन्या राशि वालों की चमकेगी किस्मत, इन 3 राशियों को रहना होगा सावधान
Wow... इस वजाइनल रिंग को पहनने से टीनेज लड़कियों को कभी नहीं होगा HIV
चिकित्सकों ने वजाइना रिंग को पहले 18.45 उम्र की महिलाओं के लिए सुरक्षित बताया था लेकिन हाल ही में हुई एक रिसर्च के परिणाम में ये साबित हुआ है कि ये रिंग सुवा लड़कियों के लिए भी सुरक्षित होती हैं।
महिलाओं को एचआईवी इंफेक्शन से बचाने के लिए इस वजाईना रिंग का प्रयोग किया जाता है। वजाईना रिंग में प्रायोगिक एंटीरेट्रोवायरल ड्रग (ARV) होता है।
इससे बनी होती है डैपिविराइन रिंग
डैपिविराइन को टीएमसी-120 भी कहा जाता है। ये एआरवी से ही संबंधित होता है जिसे नॉन-न्यूक्लिओसाइड ट्रांसक्रिप्टेस कहा जाता है।
ये ट्रांसक्रिप्टेस एचआईवी को पैदा करने वाले एंजाइम को होने से रोकते हैं। ये एंजाइम एचाआईवी की प्रतिकृति का एक महत्वपूर्ण प्रोटीन होता है। डैपिविराइन फ्लैक्सिबल मटीरियल से बनी होती है।

शोधकर्ताओं का कहना है कि अगर यह वजाईना रिंग 18 उम्र से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए सुरक्षित है तो हमारे पास इस बात की भी जानकारी है कि ये युवा महिलाओं के लिए भी सुरक्षित है। एचआईवी को आप 16 और 18 वर्ष की उम्र की लड़कियों के बीच अलग नहीं कर सकते हैं।
एचआईवी तो इन सभी में एक जैसा ही होता है। एचआईवी से बचाव के लिए सुरक्षा बहुत जरूरी है। वहीं सभी उम्र की महिलाओं को एचआईवी से सुरक्षा मिलनी ही चाहिए।
सुरक्षा को लेकर नहीं मिला कोई नया परिणाम
इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने 15-17 साल की उम्र की लड़कियों को शामिल किया था। ये लड़कियां 6 महीने से महीने में एक बार डैपिविराइन रिंग (73) और प्लेसेबो रिंग (23) का प्रयोग कर रही थीं। डैपिविराइन रिंग और प्लेसेबो रिंग के बीच में सुरक्षा को लेकर कोई भी अंतर नहीं पाया गया।
प्रतिभागियों ने खुद इस रिंग का प्रयोग किया था और उन्होंने खुद ही शोधकर्ताओं को अपने अनुभव के बारे में बताया। 42 प्रतिशत प्रतिभागियों ने कहा कि उन्हें पूरे महीने में कभी भी इस रिंग को हटाने की जरूरत महसूस नहीं हुई। वो सिर्फ महीने में एक बार इसे बदलने के लिए हटाती थीं।



Click it and Unblock the Notifications