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गर्भावस्था में क्रैम्पस (ऐंठन) से बचना चाहती हैं? तो ये खाएं ये फूड
गर्भावस्था के दौरान कई आंतरिक और बाह्य कारकों के कारण महिलाओं में कई शारीरिक और मानसिक परिवर्तन होते हैं।
यदि आप गर्भवती महिला हैं तो आप निश्चित रूप से इस समय में आने वाली समस्याओं से अच्छी तरह परिचित होंगी, सही है न?
खैर गर्भावस्था बहुत आनंदायक चीज़ होती है परन्तु इसके कुछ नकारात्मक पहलू भी हैं जिसका सामना प्रत्येक महिला को करना पड़ता है।
गर्भावस्था के दौरान कई आंतरिक और बाह्य कारकों के कारण महिलाओं में कई शारीरिक और मानसिक परिवर्तन होते हैं।
जैसा कि हम जानते हैं महिलाओं को अपने गर्भाशय में बच्चे को नौ महीने रखना पड़ता है और इस दौरान बच्चे का आकार बढ़ता रहता है। तो बच्चे के लिए जगह बनाने के लिए महिला के पेट, कूल्हों, कमर और जाँघों में भी विस्तार होता है जिसके कारण उसका वज़न बढ़ता है को कि बहुत सामान्य बात है।
इसके अलावा गर्भावस्था के दौरान उसके शरीर में विभिन्न हार्मोन्स में उतार चढ़ाव होते हैं जिसके कारण उसे मूड स्विंग्स, चिडचिडापन आदि का अनुभव होता है।
इसके अलावा एक अन्य समस्या है जिसका सामना कई महिलाओं को करना पड़ता है विशेष रूप से बाद आख़िरी के तीन महीनों में - क्रैम्पस (ऐंठन)
गर्भावस्था के दौरान गर्भाशय की मांसपेशियों में खिंचाव के कारण क्रैम्पस आते हैं। अत: यहाँ कुछ ऐसे खाद्य पदार्थों के बारे में बताया गया है जो गर्भावस्था में आने वाले क्रैम्पस को कम करने में सहायक होते हैं -

1. अवोकेडो:
अवोकेडो में ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता है जो गर्भाशय की सूजन को कम करता है और गर्भाशय की झिल्ली को चिकना बनाता है जिससे क्रैम्पस कम हो जाते हैं।

2. डार्क चॉकलेट
डार्क चॉकलेट गर्भवती महिलाओं के लिए एक स्वादिष्ट स्नैक होती है और यह क्रैम्पस के उपचार में भी सहायक है क्योंकि इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं जो सूजन को कम करते हैं।

3. केला
केले में पौटेशियम प्रचुर मात्रा में पाया जाता है जो गर्भाशय की सूजन को कम करता है जिससे क्रैम्पस से आराम मिलता है और गर्भावस्था से संबंधित कब्ज़ में केला बहुत उपयोगी होता है।

4. ग्रीन टी
जिन गर्भवती महिलाओं को क्रैम्पस की समस्या होती है उन्हें ग्रीन टी का सेवन करना चाहिए क्योंकि ग्रीन टी में प्रचुर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं जो एक हद तक क्रैम्पस को कम करने में सहायक होते हैं।

5. पालक
स्पिनच या पालक एक हरी पत्तेदार सब्जी है जिसमें आयरन (लौह तत्व) प्रचुर मात्रा में होता है। आयरन गर्भाशय की दीवार को मज़बूती प्रदान करता है जिससे गर्भावस्था में आने वाले क्रैम्पस कम हो जाते हैं।

6. दूध
दूध पीने से गर्भवती महिलाओं को न केवल क्रैम्पस से आराम मिलता है बल्कि इससे बच्चे की हड्डियां भी मज़बूत होती हैं क्योंकि दूध में कैल्शियम प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।

7. अंडा
अंडे में प्रोटीन और कुछ अन्य तत्व पाए जाते हैं जो गर्भवती महिला में गर्भाशय को संकुचित करने वाले हार्मोन्स को संतुलित करते हैं और इस प्रकार क्रैम्पस से आराम दिलाते हैं।



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