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गर्भपात के बाद सेक्स, जाने कब बनाना चाहिए सुरक्षित यौन संबंध
अचानक से सब कुछ बदल जाता है जब आपको मालूम चलता है कि आप दो से तीन होने जा रहे हैं, लेकिन कभी-कभी कुछ हेल्थ इश्यूज की वजह से गर्भपात या मिसकैरिज हो जाने के वजह से आपकी खुशी मायूसी में बदल जाती है। उस दौरान महिलाओं के दिमाग में हजारों तरह के ख्याल दिमाग में घूमने लगते ह्रै कि वो दोबारा मां कब बनेंगी?, कहीं ये दोबारा न हो जाएं?, इसके अलावा सबसे जरुरी सवाल सेक्स लाइफ का क्या होगा?
इस स्थितियों में ऐसे ख्यालों का दिमाग में आना बेहद आम सी प्रतिक्रिया है, लेकिन इस नाजुक हालात में पार्टनर को एक दूसरे के प्रति भावानात्मक जुड़ाव होना जरुरी है। गर्भपात के बाद सेक्स, ये एक बहुत ही जटिल सवाल है। फिर से सेक्स लाइफ को शुरु करने के लिए क्या सबसे ज्यादा अहम होता है। शारीरिक या फिर मानसिक रूप से तैयार होना। इस आर्टिकल के जरिए आपको इस संबंध में कुछ जरुरी बातों का मालूम चलेगा जो आपको इस कठिन समय में आपके संदेह को थोड़ा कम कर सकता है।

गर्भपात के बाद एकदम तैयार नहीं होता है शरीर
गर्भपात के बाद सबसे बड़ी चिंता ये होती है कि किसी भी संभावित संक्रमण से बचने के लिए आपका गर्भाशय यानी सर्विक्स बंद होना चाहिए। अक्सर गर्भपात के बाद, भ्रूण के ऊतक को बाहर निकालने के लिए आपका गर्भाशय खुल जाता है और गर्भाशय का बंद होना आपके गर्भधारण करने के सप्ताह या अवधि पर निर्भर करता है। इसलिए सर्विक्स को बंद होने में कुछ सप्ताह या महीनें भी लग सकते हैं। आपकी ग्यानी ही इस जांच करके इस बात की पुष्टि कर सकती है आपका गर्भाशय बंद हो चुका है और आप फिर से सेक्स लाइफ शुरु कर सकती है।

कामेच्छा का न होना
आप शारीरिक रुप से फिट हो चुकी हैं, इसका ये बिल्कुल भी मतलब नहीं है कि आप मानसिक और भावनात्मक रुप से गर्भपात के बाद सेक्स के लिए तैयार है। हो सकता है कि आप ये सोचने लग जाए कि आपका शरीर शायद पहले जैसा नहीं रहा है या ज्यादात्तर समय आप खुद को ही इस गर्भपात का जिम्मेदार मानती रहती हो। लेकिन आपको ये मालूम होना चाहिए कि ज्यादात्तर पहली तिमाही में होने वाले गर्भपात असामान्य गुणसूत्रों के वजह से होते हैं। इसलिए कई बार होता है कि जब इस तरह की भावनाओं से गुजर रही होती है तो आपकी कामेच्छा में कमी आने लगती है।

कब करना चाहिए गर्भधारण?
गर्भपात के बाद गर्भवती होने की इच्छा रखने वाली महिलाओं को कम से कम तीन महीने का इंतज़ार करना चाहिए। इतने समय में वे अपने शरीर में क्षय हुए फ़ोलिक एसिड और शरीरिक शक्ति को बढ़ा सकती हैं। इस समय में गर्भपात के बाद बनें थाइराइड व इंसुलिन की जाँच भी की जा सकती है। आपके लिए यह जानना आवश्यक है कि महिला का शरीर गर्भपात के एक हफ़्ते बाद ही ऑव्यूलेट करने के लिए तैयार हो जाता है। जिसके कारण गर्भ निरोधक उपाय न करने से गर्भधारण की सम्भावना बनी रहती है। डॉक्टरी सलाह के अनुसार शरीर में पहले सी शक्ति और तंदुरुस्ती आने में कुछ महीनों का टाइम लग सकता है। आवश्यक समझें तो गर्भपात के बाद गर्भधारण डॉक्टरी सलाह लेकर ही करें।

गर्भपात के बाद तुरंत गर्भधारण करना
गर्भपात के बाद अक्सर महिलाएं पहले ज्यादा कॉन्शियस हो जाती है, इसलिए अगर आपने गर्भपात करने के कुछ दिनों में ही गर्भधारण कर भी लेती है तो ये कहना बहुत मुश्किल होता है कि दूसरा गर्भपात सुरक्षित होगा या नहीं। लेकिन विशेषज्ञ भी इस बात की सलाह देते हैं कि शरीर में पोषक तत्त्वों की कमी के वजह से गर्भधारण करना सेहत के लिए सही नहीं होता है।



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