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जानें कब आपका शरीर प्रेगनेंसी के लिए होता है पूरी तरह तैयार
एक औरत के जीवन में गर्भावस्था बहुत ही महत्वपूर्ण चरण होता है। कुछ महिलाएं माँ बनने के लिए सही समय का इंतज़ार करती हैं तो कुछ इस सुखद पल को जल्द से जल्द जीना चाहती हैं। लेकिन जब उनके जीवन में यह ख़ुशी आती है तो कई बार वो यह सोचने के लिए मजबूर हो जाती हैं कि क्या उनका शरीर अभी इस नए अनुभव के लिए तैयार है।
11 से 16 वर्ष की आयु के बीच औरतें यौन अवस्था में कदम रख देती हैं। उनका मासिक धर्म शुरू होते ही इस बात की भी पुष्टि हो जाती है कि वे माँ बन सकती है लेकिन यौन अवस्था में प्रवेश करने का यह बिल्कुल भी मतलब नहीं होता कि छोटी उम्र की लड़की का शरीर बच्चे को जन्म देने के लिए तैयार है न तो शारीरिक रूप से और न ही मानसिक रूप से।

मासिक चक्र में ओवुलेशन वह अवस्था होती है जिसमें अंडा ओवरी से निकलता है और जब यह स्पर्म के संपर्क में आता है तो एक नए जीवन का जन्म होता है।
आज अपने इस लेख में हम इस बात पर चर्चा करेंगे कि किस प्रकार आप अपने फर्टिलिटी के चरम पर होने का पता लगा सकती हैं। यदि आप गर्भधारण करना चाहती हैं तो आप इस दौरान सम्भोग कर अपने माँ बनने की उम्मीद को बढ़ा सकती हैं लेकिन यदि आप गर्भधारण के लिए अभी तैयार नहीं है तो इस दौरान संभोग न करें।
ग्रीवा श्लेम (सर्वाइकल म्यूकस)
अगर आप गर्भधारण करने का प्रयास कर रही हैं तो अपने सबसे जननक्षम दिनों के बारे में जान लेना आपके लिए बहुत ही मददगार साबित होगा। आप अपने सर्वाइकल म्यूकस के ज़रिए इसके बारे में आसानी से पता लगा सकती हैं। महावारी चक्र के दौरान जैसे जैसे आप में हार्मोनल बदलाव होंगे आपके सर्वाइकल म्यूकस के रंग, मात्रा और बनावट में भी बदलाव नज़र आएँगे। मासिक धर्म के कुछ दिनों के बाद यह आपको ज़्यादा गीला और चिकना लग सकता है साथ ही यह कच्चे अंडे की सफेदी जैसा होगा जो बिना टूटे खींच सकता है।
यह अंडे की सफेदी जैसा सर्वाइकल म्यूकस सर्वाधिक जननक्षम होता है, क्योंकि यह शुक्राणु को आसानी से सर्वाइकल तक जाने देता है। इस जननक्षम अवधि के दौरान गर्भधारण करने की सम्भावना काफी बढ़ जाती है।
शरीर के तापमान में परिवर्तन
अपने शरीर के तापमान पर नज़र रख कर आप अपने जननक्षम अवधि का पता लगा सकती हैं। ऐसा देखा गया है कि ओवुलेशन के पूर्व शरीर के तापमान में गिरावट आ जाती है। ओवुलेशन के बाद आपके शरीर का तापमान फिर से बदल जाता है और सामान्य तापमान से परे चला जाता है। कुछ दिनों तक शरीर का तापमान ऐसे ही रहेगा और फिर वापस सामान्य हो जाएगा।
जननक्षम अवधि के दौरान सेक्स में ज़्यादा रूचि
कहते हैं मासिक चक्र के दौरान जब आपके सबसे जननक्षम दिन होते हैं तब आपके अंदर सेक्स करने की चाह बढ़ जाती है। यह एक तरीका होता है जब आपका शरीर आपको बताता है कि वह गर्भधारण करने के लिए तैयार है।
स्तनों में दर्द या उनका संवेदनशील होना
स्तनों में दर्द या संवेदनशीलता का एहसास होना मासिक धर्म आने का एक आम लक्षण है लेकिन जब ओव्यूलेट करती हैं तब भी ऐसा होता है। अकसर इस तरह के लक्षण को आने वाले मासिक धर्म के लक्षण समझ कर नजरअंदाज कर दिया जाता है। इसका कारण शरीर में प्रोजेस्टेरोन की मात्रा बढ़ना होता है। ऐसे में स्तनों में सूजन की भी शिकायत होती है।
गर्भाशय ग्रीवा (सर्विक्स)
गर्भाशय ग्रीवा मासिक धर्म चक्र के काल के अनुसार अपनी बनावट और स्थिति बदलती रहती है। गर्भाशय ग्रीवा को स्पर्श करके आप जान सकती हैं कि आप अंडोत्सर्जन कर रही हैं या नहीं और ये आपकी प्रजनन प्रणाली को समझने में भी आपकी मदद करेगा। अगर गर्भाशय ग्रीवा नरम है और इसमें लचीलापन है तो इसका मतलब है आप अंडोत्सर्जन कर रही हैं।
दर्द
ओवुलेशन के दौरान आपको हल्का दर्द भी मह्सूस होगा पीरियड्स के दौरान होने वाली ऐंठन की तुलना में यह बहुत ही हल्का होता है। कुछ महिलाएं इस पर गौर नहीं करती। यदि आप यह पता लगाना चाहती हैं कि क्या यह ओवुलेशन क्रैम्प है तो फिर आपको यह दर्द पेट के दायीं या बायीं ओर होगा। यह दर्द अचानक होता है, ऐसे में डॉक्टर से सलाह लेना उचित होता है।
पेट फूलना
पीरियड्स आने के कुछ समय पहले से आपको अपना पेट फूला हुआ महसूस होगा। ऐसा आप ओवुलेशन के दौरान भी महसूस कर सकती हैं। इतना ही नहीं ऐसे में आपको चटपटा और नमकीन खाने का भी मन कर सकता है। यदि आप ने इन चीज़ों को खाया तो आपका पेट और भी ज़्यादा फूल सकता है।
इस तरह की समस्या हार्मोनल परिवर्तन के कारण होती है या फिर जब आपका शरीर ओव्यूलेट कर रहा होता है।
स्पोटिंग
कुछ महिलाओं में ओवुलेशन के कारण हल्की ब्लीडिंग या स्पॉटिंग होती है इसे मिड साईकल स्पॉटिंग भी कहा जाता है। अंडा और ओवम के ओवरी से बाहर निकलने के कारण ओवुलेशन ब्लीडिंग होती है। इसके अलावा अंडे के ओवरी में फूटने से भी इस तरह की ब्लीडिंग होती है। हार्मोनल परिवर्तन के कारण भी यह संभव है। इसके दूसरे कारण प्रेगनेंसी या फिर इम्प्लांटेशन ब्लीडिंग भी हो सकती है। यदि आपको स्पोटिंग दिखायी दे तो कुछ दिन रुक कर आप प्रेगनेंसी टेस्ट कर सकती हैं।
सिर दर्द
यदि आपको लगातार हर महीने एक ही समय पर सिर दर्द की शिकायत हो रही है तो समझ लीजिए कि आप प्रेगनेंसी के लिए तैयार हैं। लेकिन अगर आपको अकसर यह समस्या रहती है या फिर आप माइग्रेन से ग्रसित है तो यह अलग बात है।
अगर आपको पीरियड्स के कुछ दिन पहले ऐसा होता है तो यह जननक्षम के कारण हो रहा है।
मुहांसे
कुछ महिलाओं के लिए मुहांसे आम बात होती है। ये सही समय पर पीरियड्स के साथ ही आते हैं। तथ्य यह है कि यह ओवुलेशन के दौरान उभरते हैं इसका कारण शरीर में हो रहे हार्मोनल परिवर्तन होते हैं जो आपकी त्वचा को बहुत ही तैलीय बनाते हैं जिसमें ज़्यादा धुल मिट्टी चिपकने से मुहांसे की समस्या हो जाती है। मुहांसे भी आपको यह बताते हैं कि आपका शरीर बच्चे को जन्म देने के लिए तैयार है।



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