शरीर पर दिखने लगे हैं भद्दे बैंगनी रंग के स्‍ट्रेच मार्क्‍स, जानें इसकी वजह और हटाने का तरीका

अगर आपकी स्किन पर स्ट्रेच मार्क्स हैं, तो आप अकेले नहीं हैं। जर्नल ऑफ इन्वेस्टिगेटिव डर्मेटोलॉजी में प्रकाशित 2013 के एक अध्ययन के अनुसार, 50 प्रतिशत से 80 प्रतिशत लोगों के बीच स्ट्रेच मार्क्स हैं। यूं तो स्ट्रेच मार्क्स किसी को भी हो सकते हैं, लेकिन महिलाओं की स्किन पर स्ट्रेच मार्क्स होने की संभावना अधिक होती है। साथ ही, स्ट्रेच मार्क्स का कलर भी अलग हो सकता है।

आमतौर पर, आपके स्ट्रेच मार्क्स का रंग आपकी त्वचा के रंग पर निर्भर करता है। स्ट्रेच मार्क्स लाल से लेकर पर्पल, नीले, भूरे यहां तक कि काले भी हो सकते हैं। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको पर्पल स्ट्रेच मार्क्स के बारे में बता रहे हैं-

पर्पल स्ट्रेच मार्क्स क्यों होते हैं।

पर्पल स्ट्रेच मार्क्स क्यों होते हैं।

स्ट्रेच मार्क्स जिसे स्ट्राई भी कहा जाता है, स्किन के स्ट्रेच होने और पतले होने से जुड़ा हो सकता है। जिसके कारण इलास्टिक फाइबर टूट जाते हैं और फिर स्किन पर स्ट्रेच मार्क्स नजर आते हैं-

स्ट्रेच मार्क्स के विशिष्ट कारणों में शामिल हैं-

• तेजी से वजन बढ़ना या कम होना

• गर्भावस्था

• तेजी से विकास होना, जैसे कि किशोर के विकास में तेजी

• वेट ट्रेनिंग के चलते तेजी से मांसपेशियों की वृद्धि

• स्ट्रेच मार्क्स कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स के लंबे समय तक उपयोग के कारण या फिर कुछ स्वास्थ्य स्थितियों, जैसे कुशिंग रोग और मार्फन सिंड्रोम से भी जुड़े हो सकते हैं।

वहीं, अगर पर्पल कलर के स्ट्रेच मार्क्स की बात की जाए तो यह आमतौर पर नए होते हैं। अगर इनका उपचार ना किया जाए, तो वे समय के साथ फीके पड़ जाते हैं और उनका रंग बदल जाता है।

पर्पल स्ट्रेच मार्क्स का इलाज कैसे करें?

पर्पल स्ट्रेच मार्क्स का इलाज कैसे करें?

स्ट्रेच मार्क्स को आमतौर पर चिकित्सा उपचार की आवश्यकता नहीं होती है। वे खतरनाक नहीं हैं, और हालांकि वे पहले गहरे बैंगनी या लाल दिखाई दे सकते हैं, लेकिन समय के साथ फीके पड़ जाते हैं। लेकिन फिर भी आप स्ट्रेच मार्क्स को दूर करना चाहते हैं तो ऐसे में कुछ उपचारों का सहारा लिया जा सकता है। जो इस प्रकार हैं-

• रेटिनोइड क्रीम का करें इस्तेमाल- रेटिनोइड क्रीम का इस्तेमाल अक्सर अपेक्षाकृत नए स्ट्रेच मार्क्स पर किया जाता है। पर्पल स्ट्रेच मार्क्स का अर्थ यही है कि यह अभी नए हैं। ऐसे में इस क्रीम को स्ट्रेच मार्क्स पर इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, यदि आप गर्भवती हैं, तो डॉक्टर की सलाह के बिना इसे बिल्कुल भी अपनी स्किन पर ना लगाएं।

• माइक्रोडर्माब्रेशन- यह एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें स्किन की आउटर लेयर को एक्सफोलिएट किया जाता है। जिससे वह हट जाती है और संभावित रूप से अधिक लोचदार स्किन विकसित होती है।

• केमिकल पील का लें सहारा- यह एक ऐसा उपचार है, जिसमें ट्राइक्लोरोएसेटिक एसिड शामिल हो सकते हैं। इसमें त्वचा की ऊपरी परत को हटाकर नई त्वचा के विकास को बढ़ावा दिया जाता है।

• लाइट और लेजर थेरेपी- आपका त्वचा विशेषज्ञ विभिन्न प्रकार के लाइट और लेजर उपचारों में से एक का सुझाव दे सकता है, जैसे पल्स्ड-डाई लेजर उपचार, जो आपकी त्वचा में इलास्टिन या कोलेजन वृद्धि को प्रोत्साहित करने में मदद कर सकता है।

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पर्पल स्ट्रेच मार्क्स का घरेलू उपचार क्या है?

पर्पल स्ट्रेच मार्क्स का घरेलू उपचार क्या है?

अगर आप किसी तरह के मेडिकल ट्रीटमेंट से गुजरना नहीं चाहते हैं, तो ऐसे में आप कुछ घरेलू उपचारों का सहारा भी ले सकते हैं। मसलन, ग्लाइकोलिक एसिड, विटामिन ई और कोकोआ बटर जैसे कई उत्पाद हैं, जो सिर्फ पर्पल ही नहीं, बल्कि सभी रंगों के स्ट्रेच मार्क्स का इलाज करने का दावा करते हैं। हालांकि, इस पर अभी तक किसी तरह कोई रिसर्च नहीं हुई है। इस तरह के प्रोडक्ट स्किन के लिए हानिकारक नहीं है, लेकिन हो सकता है कि इससे आपके स्ट्रेच मार्क्स पूरी तरह से ठीक ना हों।

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