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गर्भावस्था के पहले 3 महीने होते हैं अहम, इन बातों का ख्याल रखना है जरूरी
अगर आप गर्भ से हैं तो आपको यह सलाह दी जाती है कि पहले 3 महीने बच्चे के लिए बहुत जरूरी हैं। कुछ हद तक यह बात सही भी है क्योंकि 85% मिसकैरेज पहले 3 महीने में होते हैं। ऐसी दुर्घटना को रोकने के लिए महिलाओं को इस सलाह पर खास ध्यान देने की जरूरत है। गर्भावस्था के पहले 3 महीनों से जुड़ी जरूरी बातों को जानने के लिए पढ़े ये लेख।

गर्भावस्था के पहले 3 महीनों को विकास के स्तर के रूप में माना जाता है। इस दौरान गर्भ की विकास गति काफी बढ़ जाती है। इतने कम समय में, यह बीज एक नवजात के रूप में आकार लेने का प्रयास शुरू करता है। इन तीन महीनों में ही शिशु के मुख्य अंगों की रचना हो जाती है और मस्तिष्क अपने विकास का कार्य भी प्रारंभ कर देता है।
इन प्रारंभिक महीनों में आप गर्भ में जीवन के लिए जरूरी बुनियादी आनुवंशिकी, तंत्रिका तंत्र और प्रमुख अंग की रचना देख सकते हैं। दिल की धड़कन के अलावा गर्भ में शिशु, पैरों की उंगलियों, हाथों की उंगलियों व बालों की रचना की ओर बढ़ने लगता है। तीन महीनों में यह एक सेब के आकार का बन जाता है।

पहले तीन महीने में आते हैं ये बदलाव
पहले महीने में रक्त कोशिकाएं, पाचन तंत्र, हृदय, कान, आंखें और संचार प्रणाली विकसित होने लगते हैं।
दूसरे महीने में, तंत्रिका, मूत्र, संचार और पाचन तंत्र का विकास जारी रहता है और भ्रूण एक नवजात का आकार लेता है। इस महीने में बच्चा हिलने-डुलने लगता है और दिल की धड़कन सुनी जा सकती है परंतु मां को इसका स्पष्ट रूप से पता नहीं चलता।
तीसरे महीने में, बाह्य जननांग अंगों की रचना होती है। इस महीने में उंगलियों के नाखून, पैरों के नाखून एवं पलकों की रचना शुरू हो जाती है। बदलाव इतने तेज होते हैं इसलिए स्वस्थ विकास के लिए बच्चे को एक सुरक्षित एवं पोषक वातावरण प्रदान करने की जिम्मेदारी मां की होती है। पोषण में कमी व रसायनों के बीच रहने से बच्चे की मानसिक व शारीरिक विकास में बाधाएं पैदा हो सकती हैं और यहां तक की गर्भपात भी हो सकता है। बच्चे के स्वस्थ विकास के लिए आपको खुद का और बच्चे का बेहतर ख्याल रखना है।

पहले तीन महीने में इन बातों का रखें ख्याल
-स्वस्थ एवं घर का का पका खाना खाएं और बाहर के खाने से परहेज करें क्योंकि उसमें हानिकारक रंग या अन्य चीजें मौजूद हो सकती हैं।
-अपने आहार में फॉसिल एसिड और विटामिंस को शामिल करें।
-अगर आपको उल्टी जैसा महसूस हो तो खाने को अवधि अनुसार थोड़ा-थोड़ा करके खाएं।
-नियमित आहार का सेवन करें तथा कैलोरी की परवाह ना करें।
-समय से सोएं और अपने शरीर को आराम दें। इस दौरान अधिक काम ना करें और कसरत शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें। अगर आप कसरत नहीं कर सकती हैं तो वॉकिंग पर जाने के बारे में विचार करें।

पहले 3 महीने में इन गलतियों से बचें
गर्भावस्था के पहले 3 महीने काफी सूक्ष्म होते हैं जिस वजह से मिसकैरेज होने की संभावना भी अधिक हो जाती है। इन महीनों में अंगों का विकास आरंभ होता है। नशा, सिगरेट, शराब आदि का सेवन करने वाली तथा हानिकारक रसायनों के बीच रहने वाली महिलाएं अपने शिशु को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
-सिगरेट एवं शराब ना पिएं और तंबाकू ना खाएं।
-प्रदूषित इलाकों से बचें और धूम्रपान करने वाले व्यक्तियों से दूर रहें।
-कीटनाशकों और रसायानिक खाद से दूर रहें।
-केवल प्राकृतिक सौंदर्य उत्पादों का इस्तेमाल करें।
इन महीनों में अपना पूरा ख्याल रखें और केवल शक की स्थिति में ही अपने डॉक्टर को संपर्क करें।



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