Latest Updates
-
PM Modi के 'अंग, बंग और कलिंग' उद्घोष का क्या है अर्थ? जानें कर्ण की धरती से अशोक के शौर्य तक की पूरी कहानी -
आयुर्वेद के अनुसार गर्मियों में आम खाने के पहले जरूर करें ये काम, नहीं होगी शुगर-मोटापा और पिंपल्स की समस्या -
इन 5 लोगों को भूलकर भी नहीं खानी चाहिए लीची, वरना स्वाद सेहत पर पड़ जाएगा भारी -
बच्चों को ऑटिज्म का शिकार बना रही मोबाइल फोन की लत, AIIMS की रिसर्च में हुआ चौंकाने वाला खुलासा -
क्या Thalapathy Vijay दोहरा पाएंगे MGR व जयललिता का इतिहास? वो 4 सितारे जो बने तमिलनाडु के CM -
अस्थमा से राहत दिला सकती हैं ये 5 आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां, कफ और सांस फूलने की समस्या से मिलेगी राहत -
Mamat Banerjee और Suvendu Adhikari दोनों में से कौन ज्यादा अमीर? जानें नेटवर्थ -
बेमौसम बारिश में बढ़ रहा इन बीमारियों का खतरा, जानें सुरक्षित रहने के उपाय और बच्चों की देखभाल के टिप्स -
World Asthma Day Quotes 2026: सांसों पर सबका हक! विश्व अस्थमा दिवस पर भेजें खास कोट्स, फैलाएं जागरूकता -
Aaj Ka Rashifal, 4 May 2026: सोमवार को बन रहे हैं 6 शुभ योग, सिंह और कन्या राशि वालों की खुलेगी किस्मत
प्रेग्नेंसी में गॉल ब्लैडर की बीमारी से हो सकता है गर्भपात! जानें बचाव का तरीका

महिलाओं में गॉल ब्लैडर एक ऐसी समस्या हैं जो प्रेग्नेंसी के समय या प्रेग्नेंसी के बाद होना बहुत सामान्य माना जाता है। अधिकतर प्रेग्नेंट महिलाओं को इस समस्या से जुझना ही पड़ता है। गॉल ब्लैडर लिवर के नीचे का एक छोटा सा ऑर्गन है, जो आपके लिवर से बनने वाले बाइल को स्टोर करता है। इतना ही नहीं ये आपके बॉडी में बनने वाले फैट को भी पचाने में मदद करता है। प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाले हॉर्मोनल चैंज की वजह से महिलाओं में ये समस्या होती है। वैसे तो इस बीमारी में जल्दी कोई लक्षण नजर नहीं आता है, लेकिन महिलाओं को पेट में बहुत ज्यादा दर्द या इंफेक्शन हो सकता है।
जिन महिलाओं को प्रेग्नेंसी के समय गॉल ब्लैडर की समस्या होती है, उन्हें अपने लाइफस्टाइल में कई तरह के बदलाव करने की जरूरत होती है। आप अपनी डाइट में कई तरह के बदलाव करें और रोजाना एक्सरसाइज करके खुद को हेल्दी रखने की कोशिश करें। लेकिन अगर आपकी समस्या कम न हो तो अपने निजी डॉक्टर से सलाह जरूर लें। नियमित रूप से दवाइयों का सेवन करें, ताकि समस्या होने से रोकी जा सकें।
प्रेग्नेंसी में गॉल ब्लैडर के कारण
प्रेग्नेंसी के दौरान गॉल ब्लैडर की समस्या होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। जिनमें ये कारण भी शामिल हैं-
1. प्रेग्नेंसी के दौरान एस्ट्रोजन का स्तर बढ़ने के कारण गॉल ब्लैडर की बीमारी हो सकती है।
2. गॉल ब्लैडर का पाचक रस को पूरी तरह से खाली नहीं कर पाना।
3. प्रेग्नेंसी के दौरान ज्यादा मोटापा बढ़ना।
4. अगर आप डायबिटीज के पेशेंट हैं, तो आपके लिए गॉल ब्लैडर होने की संभावना ज्यादा है।
5. पित्त में किसी भी तरह का संक्रमण होने के कारण
6. कम कैलोरी की डाइट लेने से घटने वाले वजन के कारण
प्रेग्नेंसी के दौरान गॉल ब्लैडर से होने वाली मुश्किलें
1. प्रेग्नेंसी के दौरान गॉल ब्लैडर की समस्या होने से आकस्मिक गर्भपात का खतरा बढ़ जाता है।
2. मां और बच्चे दोनों की जान का बढ़ सकता है खतरा।
3. पित्ताशय की थैली में कैंसर होना।
4. इस दौरान आपके भ्रूण में कई तरह की असामान्यताएं भी हो सकती है।
5. समय से पहले ही हो सकती है बच्चे की डिलीवरी।
गर्भावस्था के दौरान गॉल ब्लैडर स्टोन से बचाव
प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाले गॉल ब्लैडर के खतरे को कम करने के लिए जरूरी है कि आप अपनी डाइट में हेल्दी फूड्स को शामिल करें। इतना ही नहीं रोज एक्सरसाइज करना भी आपके लिए जरूरी है। ताकि आप हेल्दी रह सकें, और अपने वेट को बैलेंस कर सकें। प्रेग्नेंसी के दौरान ऐसे खाद्य पदार्थ को अपनी डाइट में शामिल करें, जो फाइबर से भरपूर हों। फेट वाली चीजों का सेवन करने से बचें। इस समय अनहेल्डी फूड खाने से बचें।



Click it and Unblock the Notifications