Latest Updates
-
Putrada Ekadashi Vrat Katha: पुत्रदा एकादशी पर जरूर करें इस व्रत कथा का पाठ, पूरी होगी संतान से जुड़ी हर कामना -
Putrada Ekadashi 2026 Wishes: विष्णु जी की भक्ति...इन संदेशों से अपनों को दें पुत्रदा एकादशी की शुभकामनाएं -
Putrada Ekadashi 2026: 23 या 24 अगस्त, कब है पुत्रदा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
कौन हैं क्रिकेटर मेधावी बिधूड़ी? ‘6-7’ सेलिब्रेशन के बाद इंटरनेट पर हुईं वायरल, खूबसूरती के दीवाने हुए फैंस -
दिल्ली में तेजी से बढ़ रहे स्वाइन फ्लू के मामले, जानें बच्चों में H1N1 के लक्षण और बचाव के उपाय -
53 की उम्र में दूल्हा बने अर्जुन रामपाल, गोवा में 14 साल छोटी गर्लफ्रेंड गैब्रिएला संग रचाई शादी -
IND vs SL 2nd Test: कोलंबो में सीरीज जीत की दहलीज पर भारत, बारिश और पिच का क्या है हाल? -
Varalakshmi Vrat Katha: वरलक्ष्मी व्रत के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, धन से जुड़ी बाधाएं होंगी दूर -
Varalakshmi Vrat 2026 Wishes: मां लक्ष्मी का आशीर्वाद...वरलक्ष्मी व्रत पर प्रियजनों को भेजें ये शुभकामना संदेश -
Rakhi Gift Ideas For Sister: इस रक्षाबंधन बहन को दें ये 7 प्यार भरे तोहफे, देखते ही खुशी से झूम उठेगी
प्रेग्नेंसी में गॉल ब्लैडर की बीमारी से हो सकता है गर्भपात! जानें बचाव का तरीका

महिलाओं में गॉल ब्लैडर एक ऐसी समस्या हैं जो प्रेग्नेंसी के समय या प्रेग्नेंसी के बाद होना बहुत सामान्य माना जाता है। अधिकतर प्रेग्नेंट महिलाओं को इस समस्या से जुझना ही पड़ता है। गॉल ब्लैडर लिवर के नीचे का एक छोटा सा ऑर्गन है, जो आपके लिवर से बनने वाले बाइल को स्टोर करता है। इतना ही नहीं ये आपके बॉडी में बनने वाले फैट को भी पचाने में मदद करता है। प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाले हॉर्मोनल चैंज की वजह से महिलाओं में ये समस्या होती है। वैसे तो इस बीमारी में जल्दी कोई लक्षण नजर नहीं आता है, लेकिन महिलाओं को पेट में बहुत ज्यादा दर्द या इंफेक्शन हो सकता है।
जिन महिलाओं को प्रेग्नेंसी के समय गॉल ब्लैडर की समस्या होती है, उन्हें अपने लाइफस्टाइल में कई तरह के बदलाव करने की जरूरत होती है। आप अपनी डाइट में कई तरह के बदलाव करें और रोजाना एक्सरसाइज करके खुद को हेल्दी रखने की कोशिश करें। लेकिन अगर आपकी समस्या कम न हो तो अपने निजी डॉक्टर से सलाह जरूर लें। नियमित रूप से दवाइयों का सेवन करें, ताकि समस्या होने से रोकी जा सकें।
प्रेग्नेंसी में गॉल ब्लैडर के कारण
प्रेग्नेंसी के दौरान गॉल ब्लैडर की समस्या होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। जिनमें ये कारण भी शामिल हैं-
1. प्रेग्नेंसी के दौरान एस्ट्रोजन का स्तर बढ़ने के कारण गॉल ब्लैडर की बीमारी हो सकती है।
2. गॉल ब्लैडर का पाचक रस को पूरी तरह से खाली नहीं कर पाना।
3. प्रेग्नेंसी के दौरान ज्यादा मोटापा बढ़ना।
4. अगर आप डायबिटीज के पेशेंट हैं, तो आपके लिए गॉल ब्लैडर होने की संभावना ज्यादा है।
5. पित्त में किसी भी तरह का संक्रमण होने के कारण
6. कम कैलोरी की डाइट लेने से घटने वाले वजन के कारण
प्रेग्नेंसी के दौरान गॉल ब्लैडर से होने वाली मुश्किलें
1. प्रेग्नेंसी के दौरान गॉल ब्लैडर की समस्या होने से आकस्मिक गर्भपात का खतरा बढ़ जाता है।
2. मां और बच्चे दोनों की जान का बढ़ सकता है खतरा।
3. पित्ताशय की थैली में कैंसर होना।
4. इस दौरान आपके भ्रूण में कई तरह की असामान्यताएं भी हो सकती है।
5. समय से पहले ही हो सकती है बच्चे की डिलीवरी।
गर्भावस्था के दौरान गॉल ब्लैडर स्टोन से बचाव
प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाले गॉल ब्लैडर के खतरे को कम करने के लिए जरूरी है कि आप अपनी डाइट में हेल्दी फूड्स को शामिल करें। इतना ही नहीं रोज एक्सरसाइज करना भी आपके लिए जरूरी है। ताकि आप हेल्दी रह सकें, और अपने वेट को बैलेंस कर सकें। प्रेग्नेंसी के दौरान ऐसे खाद्य पदार्थ को अपनी डाइट में शामिल करें, जो फाइबर से भरपूर हों। फेट वाली चीजों का सेवन करने से बचें। इस समय अनहेल्डी फूड खाने से बचें।



Click it and Unblock the Notifications