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क्या बच्चों का नाम ईश्वर के नाम पर रखना सही है या गलत? क्या कहते हैं प्रेमानंद महाराज?
माता पिता खूब सारी रिसर्च रखने के बाद ही अपने बच्चों का नाम रखते हैं। इनमें से कई पेरेंट्स अपने बेबी का नाम भगवान पर भी रखते हैं। हिंदू धर्म में माना जाता है कि देवी-देवताओं के नाम पर बच्चों का नाम रखने से भगवान का आर्शीवाद मिलता है।
कई मां-बाप चाहते हैं कि बच्चे का नाम यूनीक हो साथ ही अर्थपूर्ण भी हो। लेकिन कई पेरेंट्स के मन में यह सवाल भी आता है कि क्या ऐसा सही है? भगवान के नाम पर बच्चों का नाम रखना कितना सही है, इसे लेकर जब एक शख्स ने प्रेमानंद महाराज से सवाल किया तो जानिए प्रेमानंद जी महाराज ने क्या जवाब दिया।

प्रेमानंद जी महाराज से एक दंपत्ति ने सवाल पूछा कि हम बच्चे के नाम के जरिए बार-बार भगवान का नाम ले सकें इसलिए बच्चे का नाम भगवान के नाम पर रखते हैं, लेकिन बच्चे का नाम कॉपी, सरकारी दस्तावेजों आदि कई जगह लिखना होता है और वे जाने-अनजाने में हमारे द्वारा या स्कूल, सरकारी दफ्तरों द्वारा कहीं भी रख दिए जाते हैं। ऐसे में क्या भगवान के नाम की अवमानना का दोष तो नहीं लगता है।
पुकारने वाला नाम रखें
इस पर प्रेमानंद जी महाराज ने कहा कि ऐसी स्थिति से बचने के लिए बच्चे के घर का नाम या पुकारने वाला नाम भगवान के नाम पर रखें जैसे पहले के समय में लोग राधेश्याम, सीताराम, राधा, कान्हा आदि रखते थे। आप भी ऐसा कर सकते हैं। बच्चे का सांसारिक नाम अलग रखें, वहीं पुकारने का नाम भागवतिक यानी कि भगवान के नाम पर रखें। इससे भगवान के नाम काी अवमानना भी नहीं होगा और आप भगवान के नाम का स्मरण भी कर लेंगे।



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