Latest Updates
-
Shamonda Virus:शमोंडा वायरस क्या है और कैसे फैलता है? फ्रांस में पहली बार इंसान संक्रमित, जांच शुरू -
बार-बार सिरदर्द होना हो सकता है इन 6 गंभीर बीमारियों का संकेत, नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी -
सौंफ और धनिया का पानी पीने से सेहत को मिलते हैं कई फायदे, जानें सेवन का सही तरीका -
नसों में जमा कोलेस्ट्रॉल को कम कर सकते हैं ये 5 योगासन, नियमित अभ्यास से हार्ट डिजीज का खतरा होगा कम -
चेहरे पर नारियल तेल में मिलाकर लगाएं कॉफी पाउडर, स्किन की इन 5 समस्याओं से मिलेगा छुटकारा -
Myth Vs Fact: टाइट ब्रा पहनने से ब्रेस्ट कैंसर होता है? डॉक्टर से जानिए ऐसे ही 10 मिथ और उनकी सच्चाई -
Karwa Chauth Kab Hai 2026: करवा चौथ कब है? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और चांद दिखने का सटीक समय -
डायबिटीज में नारियल पानी पिएं या नींबू पानी? जानें शुगर कंट्रोल के लिए क्या है बेहतर -
Papankusha Ekadashi Vrat Katha: पापांकुशा एकादशी पर जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, सभी पापों से मिलेगी मुक्ति -
Papankusha Ekadashi 2026 Wishes: विष्णु जी की कृपा...पापांकुशा एकादशी पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश
बच्चों को डरा कर कभी मत सुलायें

दिल्ली के मयूर विहार की मनोचिकित्सक डा. रीना वशिष्ठ बताती हैं कि बच्चे जो भी सुनते हैं, या देखते हैं, वो सभी बातें रात में सोते वक्त सोचते हैं। ऐसे में अगर आप उन्हें भूत प्रेत या किसी खतरनाक जानवर की आवाज़ सुनाकर डराते हैं और जबर्दस्ती सोने को कहते हैं, तो उस वक्त तो बच्चा डर कर बिस्तर पर मुंह ढक कर लेट जाता है और आप निश्चिंत हो जाते हैं, लेकिन बच्चे के दिमाग में जो घूमता है, वह आप सोच भी नहीं सकते। आप जो भी डरावनी बातें करते हैं, उसे सोच कर बच्चा सोने से पहले सोचता रहता है और उससे खुद को जोड़ने लगता है। ऐसे में बच्चे सोने से पहले अचानक रोने लगते हैं या फिर सोते-सोते अचानक चौंक जाते हैं।
चौंक कर उठने पर बच्चा उसी चीज या जानवर का नाम लेगा, जिसका नाम लेकर आपने उसे डराया था। डा. वशिष्ठ कहती के मुताबिक बच्चे यही बातें बार-बार सोचते रहते हैं और उनकी इमेजिनरी दुनिया में वह चीज़ सबसे खतरनाक बन जाती है। बार-बार डराने से बच्चे खुलकर सोच नहीं पाते। उनके दिमाग में काल्पनिक सीमाएं बन जाती हैं और वह उसी में सीमित रह जाता है। इससे उसके मानसिक विकास पर भी असर पड़ता है।



Click it and Unblock the Notifications
