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कैसे सुलझाएं दो बच्चों के बीच की लड़ाई

यह है उपाय-
1. जबरदस्ती लड़ाई में शामिल न हों- पेरेंट्स को ध्यान देना चाहिये कि वह जबरदस्ती किसी प्रकार की लड़ाई में खुद को शामिल न करें। लड़ाई में शामिल हो जाने से वह एक विकराल रुप ले सकती है। उन्हें तब तक दूर रहना चाहिये जब तक बच्चे या तो उनके पास खुद अपनी समस्या लेकर आएं या फिर वे खुद की समझ से लड़ाई न सुलझा लें।
2. उनके मन में अच्छी बातें बैठाएं- बच्चों के बीच में छोटी-मोटी बातों को लेकर लड़ाइयां हो सकती हैं। इसलिए उनके मन में अपने भाई-बहन के बीच के रिश्तों की एकता के बारे में बताएं। उन्हें समझाएं कि वह एक ही माता-पिता की ही संतान हैं इसलिए उन्हें हमेशा एक साथ प्यार से रहना चाहिये।
3. लड़ाइयों को कम अहमियत दें- जब पेरेंट्स के दो बच्चे होते हैं तब वह उन दोनों के बीच में एक बंधन के रुप में काम करते हैं। जब भी बच्चे लड़ाई कर रहे हों जो माता पिता को उस लड़ाई को बिल्कुल भी अहमियत नहीं देनी चाहिये। बच्चों को भी लगना चाहिये कि उनके इस लड़ाई झगड़े का हमारे मां-बाप पर बिल्कुल असर नहीं पड़ रहा है, यानी की हमारा लड़ना बिल्कुल बेकार है।
4. टीनेज का इगो प्राब्लम- टीनेज के बड़े इगो प्रोब्लंस होते हैं, जिसको हर मां बाप को समझना चाहिये। कई सारे बच्चे लड़ाई को इस हद तक पहुंचा देते हैं कि वह गुस्से में क्या कर रहे हैं और क्या बोल रहे हैं उन्हें खुद भी नहीं मालूम होता। इस मामले में पेरेट्स को बड़ी ही शांती के साथ सोंच विचार करना चाहिये और हर बच्चे की बात को ठीक से सुन्ना चाहिये।
5. बच्चों को बिजी रखें- बच्चों के बीच में लड़ाइयां न हों इसके लिए उन्हें किसी काम में इतना बिजी कर दें कि उनके पास लड़ाई का समय ही न हो। उनसे खुद पूछें की वह किस कार्य को रूचि पूर्वक करना चाहेगें। दो बच्चों के माता-पिता को घर में लड़ाई रोकने के लिए बच्चों को किसी तरह का घर के काम में ही बिजी कर देना चाहिये।



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