बच्‍चे को जुकाम है तो तुलसी खिलाइये

Tulsi
तुलसी एक ऐसी वनस्‍पति है जो धार्मिक हिन्‍दू समुदाय में बहुत ही महत्‍वपूर्ण औषधि के रूप में प्रयोग की जाती है। बच्‍चे, बूढे, औरते और आदमी सभी इसके सेवन से लाभ उठाते हैं। तुलसी जुकाम, खांसी, बुखार, सूखा रोग, पसलियों का चलना, निमोनिया, कब्‍ज और अतिसार सभी रोगों में चमत्‍कारी रूप से अपना असर दिखाती है। अगर आपका बच्‍चा भी किसी बीमारी से जूझ रहा है तो उसे तुलसी के पत्‍ते चबाने के लिए दें। आप यकीन नहीं मानेगें पर तुलसी किसी रामबाण से कम साबित नहीं होगी।

तुलसी के प्रयोग-

1. जिगर का बढना- जिगर बढने पर 10 ग्राम तुलसी के पत्‍तों को 20 ग्राम ताजे पानी में डालकर उबाल लें। उबलने पर जब एक चौथाई पानी रह जाए तो उसे उतारकर छान लें। इसे सही मात्रा में 2 से 4 बार तक बच्‍चे को पिलाएं। इसको पीने से जिगर का बढना या जिगर से संबधित दूसरे रोग समाप्‍त हो जाते हैं।

2. जुकाम- जुकाम होने पर 5 ग्राम तुलसी के पत्‍ते, 20 ग्राम बनफ्शा, 10 ग्राम मुलहठी को लेकर पानी के साथ उबालकर छान लें। फिर 10 ग्राम मिश्री के साथ शर्बत की तरह चाश्‍नी तैयार कर लें।

मात्रा-
1 चम्‍मच उम्र और ताकत के अनुसार दें। इससे जुकाम, खांसी, उल्‍टी आदि रोगों में लाभ होता है। सामान्‍य ज्‍वर की हरारत भी दूर हो जाती है।

3. निमोनिया- बच्‍चों के निमोनिया, पसली चलना आदि रोगों में 10 ग्राम तुलसी के पत्‍तों के रस को , 6 ग्राम गाय के घी में मिला कर आग पर गुनगुना सा कर लें। दिन में 1 बार या 2 बार में दे सकते हैं। बुखार में इसे नहीं देना चाहिये क्‍योंकि इससे दस्‍त हो सकते हैं। दस्‍त हो तब भी इसे नहीं देना चाहिये। सुबह की पतली शिवाम्‍बु के साथ 4 तुलसी के पत्‍ते सेवन करना बहुत लाभकारी है।

Story first published: Saturday, March 31, 2012, 17:29 [IST]
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