Latest Updates
-
Lal Bahadur Shastri Jayanti 2026: क्या आप जानते हैं लाल बहादुर शास्त्री का असली नाम? जानें 10 रोचक तथ्य -
Gandhi Jayanti 2026: गांधी जी को 'बापू' क्यों कहा जाता है? जानें किसने दी थी 'महात्मा' की उपाधि -
Gandhi Jayanti Wishes 2026: हाथ में लाठी थी...गांधी जयंती पर अपनों को ये खास मैसेज भेजकर दें शुभकामनाएं -
Gandhi Jayanti 2026 Essay, Speech: गांधी जयंती पर ऐसे करें भाषण और निबंध की तैयारी, मिलेगा इनाम -
Pitru Paksha 2026: पितृपक्ष में खीर बनाते समय न करें ये गलती, नहीं तो नाराज हो सकते हैं पितर, जानें सही विधि -
Koffee With Karan 9: करण जौहर का ‘कॉफी विद करण’ 22 साल बाद होगा खत्म, जानें कब और कहां स्ट्रीम होगा आखिरी सीजन -
Jitiya Vrat 2026: कब है जितिया (जीवित्पुत्रिका) व्रत? जानें सही तारीख, और नहाय-खाय से लेकर पारण तक का समय -
लाखों में बिकती है दुनिया की सबसे महंगी कॉफी, लेकिन बनाने का प्रोसेस जानकर फ्री में भी पीने से करेंगे तौबा! -
पाम ऑयल क्या होता है और इसे खाने से क्या नुकसान होते हैं? जानिए इससे शरीर पर क्या असर होता है -
October 2026 Vrat Tyohar List: नवरात्रि, दशहरा से करवा चौथ तक, यहां देखें व्रत-त्योहारों की पूरी लिस्ट
तलाकशुदा माता-पिता की 5 सबसे बड़ी भूलें
अपनों से अलग होना बहुत कठिन होता है और विशेषकर बच्चों के लिये। तलाकशुदा अभिभावकों के बच्चों को यह अहसास सबसे ज्यादा होता है क्योंकि उनके माता-पिता के सम्बन्ध समाप्ति के कारण उनपर प्रभाव सबसे ज्यादा पड़ता है। तलाक के कारण अचानक चले गये माता या पिता के दुख के बीच कभी-कभी उनपर आपस मे लड़ रहे माता-पिता को मनाने की जिम्मेदारी भी डाल दी जाती है। कुछ को उन अभिभावकों के साथ सामन्जस्य बिठाना पड़ता जिन्हें अचानक खाना बनाना या गृहकार्य में बच्चों की मदद करना बोझ लगने लगता है।
कई बच्चे तलाक रूपी युद्ध के कई दागों के साथ अपनी युवावस्था में पहुँचते हैं जिन दागों को कभी लगना ही नहीं चाहिये था। लेकिन अलग हुये अभिवावक तलाक के कागजात पर हस्ताक्षर करने के बाद अपने व्यवहार में सुधार लाकर इस होने वाले नुकसान की भरपाई कर सकते हैं।

तलाकशुदा अभिभावकों द्वारा की जाने वाली 5 सबसे बड़ी भूलों का उल्लेख यहाँ किया जा रहा है।
1-अपने बच्चे को संदेशवाहक न बनाये
कई अभिवावक बच्चों के माध्यम से बात करने का प्रयास करते हैं जिससे बच्चों पर अनावश्यक भावनात्मक दबाव पड़ता है और उन्हें उस स्थिति को निपटाने के लिये बाध्य होना पड़ता है जिससे उनके माता-पिता निपटने में असमर्थ थे। आजकल ई-मेल अपने पूर्व के साथी के साथ सम्पर्क करने का एक अच्छा साधन है। इससे आप पुराने जख्मों तथा नकारात्मक पहलुओं को छुये बिना बच्चे के पालन-पोषण में होने वाली दैनिक समस्याओं के बारे में विचार-विमर्ष कर सकते हैं। चूँकि इस माध्यम से किये गये संवाद रिकार्ड होने के साथ-साथ न्यायालय में सबूत के तौर पर पेश किये जा सकते हैं इसलिये अभिभावक इसके प्रयोग में सावधानी बरतते हैं।
2-अपने बच्चे को उपचारक के रूप में प्रयोग न करें
कभी भी अपने तलाक सम्बन्धी पूर्ववर्ती के व्यवहार के बारे में अपने वयस्क बच्चों से बात करने का प्रयास न करें। उनकी अपनी उत्सुकता और नियन्त्रण की आवश्यकता आपकी भावनाओं को समझने में सहायक होती है लेकिन आप उनके अभिभावक होते हैं। अपने लिये किसी बाहरी सहायता की तलाश करें, यदि आवश्यक हो तो उपचार लें लेकिन उन जरूरी सीमाओँ को बनायें रखें। अपने बच्चों को साथी बनाना गलत है और उन्हें नुकसान पहुँचाता है।
3-अपने बच्चों को समझने का प्रयास करें
बच्चों को यह एहसास होना चाहिये कि उन्हें समझा जा चुका है क्योंकि तलाक के बाद उनके एहसासों में भारी हलचल होती है। उन्हें सुने। उन्हें सोचने पर मजबूर न करें। हलाँकि यह मुश्किल हो सकता है लेकिन अपने पूर्व साथी की आलोचना न करें क्योंकि यह उस बच्चे की भी आलोचना होती है क्योंकि वह संरचना में आधा आपके पूर्व साथी का भी है। वे जो कह रहे हों उस पर विशेष ध्यान दें। अभिभावक के रूप में आपके पास निदान होना आवश्यक नहीं है किन्तु उनकी सुनना जरूरी है। प्यार के जुड़ाव और समझ विकसित होने से जख्म भर जाते हैं।
4-तृतीय श्रेणी के व्यवहार से बचें
कुछ न कहने से आपका बच्चा तनावग्रस्त हो जायेगा और उसे अपनी ही दुनिया में खोकर अपने पुराने अहसासों में सिमट जाने को मजबूर कर देगा। जबकि लगातार आन्दोलित करने से वह बीच मझधार में खड़ा हो जायेगा और भावनात्मक रूप से यह उसके लिये असम्भव होगा। इसलिये अपने बच्चे से सामान्य बातें कर तनाव को कम करें और परिस्थितियों को स्वंय सुलझायें।
5-पहले से हुई क्षति को सुधारें
उनसे खेद प्रकट करें। क्षमायाचना करने से बच्चों पर गहरा प्रभाव पड़ता है। उन्हें समझायें कि आपसे क्या गलती हो गई है और उन्हें उसी पल से अपने व्यवहार में सुधार के प्रति आश्वस्त करें।



Click it and Unblock the Notifications
