Latest Updates
-
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज पर हाथों में लगी मेहंदी का चाहती हैं डार्क कलर, तो आजमाएं ये 4 आसान टिप्स -
Modak Recipe: गणेश चतुर्थी पर बप्पा के लिए घर पर बनाएं उनके प्रिय उकडिचे मोदक, जानें इसकी आसान रेसिपी -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज का व्रत कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व -
ना मूर्ति, ना पुजारी, सूर्यास्त के बाद एंट्री भी मना, जानिए फिल्म 'The Vvaan' वाले वन देवी मंदिर का रहस्य -
नेपाल में बाढ़ के बाद भूकंप, इंडोनेशिया में फटा ज्वालामुखी, क्या बाबा वेंगा की भविष्यवाणी हुई सच? -
Pithori Amavasya 2026: आज या कल, पिठोरी अमावस्या कब है? जानें सही तारीख, स्नान-दान का शुभ मुहूर्त और महत्व -
World Suicide Prevention Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व -
तांबे के बर्तन में पानी पीने से मिलेंगे ये 5 फायदे, डायजेशन के साथ इम्यूनिटी भी होगी मजबूत -
Ganesh Chaturthi 2026: कब है गणेश चतुर्थी? जानें तिथि, गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त और विसर्जन की तारीख -
कौन हैं 'हनुमान अंश' की 21 साल की प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर? विदेश की नौकरी छोड़ बनाई ब्लॉकबस्टर फिल्म
बच्चों में वाइट स्किन पैचेस कहीं फंगल इन्फेक्शन का नतीजा तो नहीं
हमारी त्वचा हमारे शरीर का सबसे बड़ा अंग है। धीरे धीरे पुरानी त्वचा हट जाती है और उसकी जगह नयी त्वचा आने लगती है। शरीर पर सफ़ेद धब्बे तब हो जाते हैं जब डेड स्किन सेल्स हटने की बजाए त्वचा की सतह में फंस जाते हैं। त्वचा पर कुछ धब्बे मेलानिन के नुकसान से होते हैं क्योंकि यह हमारी त्वचा को रंग प्राप्त कराता है। जहां कुछ धब्बे छोटे होते हैं वहीं कुछ छूने पर परतदार होते हैं।
त्वचा पर सफेद धब्बे बढ़ते बच्चों में आम समस्या है। जहां एक ओर कई धब्बे एक जैसे प्रतीत होते हैं लेकिन उनके कई कारण होते हैं। आइए जानते हैं बच्चों की त्वचा पर इन सफेद धब्बों का कारण क्या है और उसका उपचार कैसे किया जा सकता है।

1. पिटिरियासिस अल्बा
बच्चों की त्वचा से जुड़ी यह बहुत ही आम समस्या है। इसमें कुछ टेढ़े मेढ़े आकार वाले धब्बे ज़्यादातर गालों, गले और ऊपरी भुजाओं पर उभर आते हैं, ये शरीर के वो हिस्से हैं जो सूरज के संपर्क में ज़्यादा आते हैं। वहीं जिन बच्चों की त्वचा ज़रुरत से ज़्यादा रूखी होती है उन्हें यह समस्या अधिकतर होती है।
उपचार
अच्छे मॉइश्चराइज़र या सनस्क्रीन का प्रयोग।
डॉक्टर की सलाह के अनुसार टोपिकल स्टेरॉयड क्रीम।
कई बार समय के साथ इस तरह के धब्बे अपने आप ही गायब हो जाते हैं।

2. टीनेया वेर्सिकलर
टीनेया वेर्सिकलर फंगल इन्फेक्शन के कारण होता है जो बहुत ही हल्का होता है। इसमें धब्बे गर्दन और हाथों पर उभरते हैं। ये ज़्यादातर गर्मियों में ही होते हैं। ज़्यादा पसीना या फिर टाइट कपड़े के कारण यह हो सकता है।
उपचार
एंटीफंगल मेडिकेशन इसका सबसे बढ़िया इलाज है।
सेलेनियम शैम्पू के इस्तेमाल से आप फंगस से छुटकारा पा सकते हैं।
चूंकि टीनेया वेर्सिकलर बार बार हो सकता है इसलिए आपको इलाज के दौरान या बाद में अपने तौलिये, कपड़े, चादर आदि की साफ़ सफाई का ख़ास ध्यान रखना चाहिए।

3. सुपरफिशल यीस्ट इन्फेक्शन
यीस्ट इन्फेक्शन कैंडिडिआसिस कैंडिडा यीस्ट के द्वारा होता है। ये ज़्यादातर नमी वाली जगह पर होता है जैसे डायपर एरिया। इसमें धब्बे नहीं बल्कि रैशेस उभरते हैं जो लाल रंग के होते हैं जिसमें खुजली भी होती है।
उपचार
कई तरह के क्रीम और जेल उपलब्ध हैं जो इससे राहत दिलाने में मदद करते हैं।
ओरल एंटी-यीस्ट-मेडिकेशन उन बच्चों को दी जाती है जिन्हें बार बार ऐसे इन्फेक्शन होते रहते हैं।

4. विटिलिगो
इसमें इम्यून सेल्स सभी मेलेनिन वेल्स को बर्बाद कर देते हैं। ऐसा शरीर में ऑटोइम्यून डिसफंक्शन के कारण होता है। जब मेलेनिन सेल्स बर्बाद हो जाते हैं तब त्वचा सफ़ेद लगने लगती है। विटिलिगो हेरिडिटरी होता है। यदि परिवार का कोई सदस्य इसे या फिर किसी अन्य ऑटोइम्यून रोग से पीड़ित है तो बच्चे को भी यह हो सकता है।
विटिलिगो, बाल, भौहों और पलकों को प्रभावित करता है। रेटिना का रंग बिगड़ना और मुँह के भीतरी परत पर सफ़ेद धब्बे इसके लक्षण होते हैं।
उपचार
कॉर्टिकोस्टेरॉयड क्रीम का इस्तेमाल किया जा सकता है लेकिन सिर्फ स्थानीय विटिलिगो में।
हालांकि केवल फोटोथेरपी बच्चों के लिए हानिकारक होती है लेकिन यह धब्बे कम कर देती है।
बढ़ते बच्चों के लिए विटिलिगो के साथ री-पिगमेंटेशन सर्जरी बहुत लाभदायक है।

5. सोरायसिस
इस अवस्था में इम्यून सिस्टम स्किन सेल्स को तेज़ी से बढ़ने को कहता है। यह भी हेरिडिटरी होता है। यदि सही समय पर इसका इलाज न किया जाए तो बच्चों में यह दर्दनाक हो सकता है।
उपचार
इसका पूरा इलाज संभव नहीं है लेकिन इसमें बेहतर देखभाल की जा सकती है ताकि स्थिति नियंत्रित रहे।
शुरुआत में टोपिकल मेडिकेशन की मदद ली जा सकती है जो बच्चों के लिए एकदम सुरक्षित है।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए फोटोथेरपी के साथ अन्य मेडिकेशन भी मददगार साबित होते हैं।
हालांकि त्वचा से जुड़ी समस्याएं बच्चों में आम होती है लेकिन इनका उपचार डॉक्टर्स से सलाह लेकर ही करना चाहिए। साथ ही बच्चों को भी इस बात से अवगत कराना चाहिए कि इस तरह की परिस्थिति में उनके लिए क्या अच्छा है और क्या बुरा।



Click it and Unblock the Notifications
