Latest Updates
-
Pitru Paksha 2026 Food Rules: पितृपक्ष में क्या खाएं और क्या न खाएं? जानें खानपान से जुड़े जरूरी नियम -
Tanya Mishra: कौन हैं तान्या मिश्रा? अचानक कैसे बनीं देश की नई 'नेशनल क्रश', इंटरनेट पर तस्वीरें हो रहीं वायरल -
Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष में पति-पत्नी को शारीरिक संबंध बनाने चाहिए या नहीं? जानें क्या कहते हैं शास्त्र -
World Rabies Day 2026: कुत्ते के अलावा किन जानवरों के काटने से हो सकता है रेबीज? जानें लक्षण और बचाव के उपाय -
Google Birthday 2026: क्या आप जानते हैं 27 सितंबर को ही क्यों बर्थडे मनाता है गूगल? वजह जानकर चौंक जाएंगे आप -
Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष का पहला दिन आज या कल? जानें किस दिन किस पितर का करें श्राद्ध -
World Contraception Day 2026: गर्भनिरोधक गोलियां कैसे काम करती हैं? जानें इसके फायदे और नुकसान -
Pitru Paksha 2026: बेटा न हो तो क्या बेटी कर सकती है श्राद्ध और पिंडदान? अनिरुद्धाचार्य जी महाराज ने दिया जवाब -
World Lung Day 2026: शरीर में दिखें ये 7 लक्षण तो समझ जानें आपके फेफड़े हो रहे हैं खराब -
Anant Chaturdashi 2026: अनंत सूत्र में 14 गांठें ही क्यों बांधी जाती हैं? जानें इसका धार्मिक महत्व
बोर्ड के एग्जाम आते ही बढ़ गई है बच्चों में टेंशन और एजाइटी की समस्या, ऐसे पहचानें लक्षण

दसवीं और बारहवीं के बोर्ड एग्जाम शुरू होने वाले हैं। ऐसे समय में बच्चों में टेंशन बढ़ना सामान्य बात हो जाती है। एग्जाम की डेट नजदीक आते ही बच्चों का स्ट्रेस लेवल काफी बढ़ जाता है। सिलेबस पूरा करने के साथ एग्जाम में अच्छा रिजल्ट लेकर आना और एक दूसरे से आगे बढ़ने का कॉम्पिटिशन बच्चों को कई बार एग्जाम डिप्रेशन में डाल देते हैं। कई बच्चों में तो एग्जाम की टेंशन इतनी ज्यादा बढ़ जाती है कि वो सही तरीके से अपनी पढ़ाई पर फोकस भी नहीं कर पाते हैं। जिसके कारण बच्चे मेंटली और फिजिकली काफी अफेक्ट हो जाते हैं। ऐसे में ये जरूरी हो जाता है कि पेरेंट्स अपने बच्चे के तनाव के लक्षणों को समय से पहचाने और उनका तनाव दूर करने की कोशिश करें।
बच्चों में एग्जाम स्ट्रेस के लक्षण -
1. बच्चों के बिहेव में बदलाव आना
एग्जाम आते ही अगर आपके बच्चे के बर्ताव में किसी भी तरह का बदलाव आता है, तो इसका मतलब उनमें एग्जाम को लेकर काफी स्ट्रेस बना हुआ है। एग्जाम के स्ट्रेस में बच्चे शांत रहने लगते हैं। उनके दिमाग में हर समय पढ़ाई और एग्जाम की टेंशन ही बनी रहती हैं। ऐसे में आप समझ जाए की आपका बच्चा एग्जाम की टेंशन ले रहा है।
2. नींद में कमी आना
स्ट्रेस एक ऐसी चीज है, जो छोटे बड़े हर किसी की नींद को खराब कर देता है। ऐसे में बोर्ड एग्जाम की टेंशन बच्चों में होना आम बात है। लेकिन कई बार बच्चों में स्ट्रेस लेवल इतना ज्यादा बढ़ जाता है कि उन्हें सही तरीके से नींद भी नहीं आती। अगर आपके बच्चे की नींद में भी कमी आने लगी है तो ये तनाव का कारण है। आप इस लक्षण को समय पर पहचाने और इसे दूर करने की कोशिश करें।
3. खान-पान पर ध्यान न देना
एग्जाम नजदीक आते ही बच्चे पढ़ाई में इतना खो जाते हैं कि अपने खान-पान पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं देते हैं। ऐसे में आप बच्चे के खान-पान में किसी भी तरह का बदलाव आने पर इस लक्षण को नजरअंदाज न करें। अगर बच्चा कम खाना खाने लगा है या फिर अचानक बहुत ज्यादा खाना शुरू कर दिया है, तो समझ जाए की बच्चे में स्ट्रेस का लेवल बहुत ज्यादा बढ़ गया है।
4. बच्चे में चिड़चिड़ापन आना
अक्सर बच्चों में तनाव के कारण चिड़चिड़ापन बढ़ जाता है। ऐसे में अगर आपका बच्चा भी छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा करने लगा है, या फिर चिड़चिड़ापन उसके अंदर बढ़ गया है, तो समझ जाए कि बच्चे में एग्जाम का स्ट्रेस बढ़ रहा है।
बच्चे में एग्जाम स्ट्रेस को कम करने का तरीका
1. बच्चे के स्ट्रेस लेवल को करें मैनेज
एग्जाम टाइम में बच्चों में स्ट्रेस और एंजायटी का लेवल बढ़ने लगता है। ऐसे में आप इस बात को नजरअंदाज न करें। उनसे बात करें, उनकी समस्या सुनने की कोशिश करें। इतना ही नहीं बच्चो को एग्जाम की तैयारी बिना किसी तनाव के लेने की सलाह दें।
2. बच्चे को सिखाएं ब्रीदिंग टेक्निक
एग्जाम की टेंशन बच्चों में इतनी ज्यादा बढ़ जाती है कि कई बार आती हुई चीज भी वो पेपर लिखते समय भूल जाते हैं। ऐसे में आप बच्चों में स्ट्रेस लेवल कम करने के लिए उन्हें ब्रीदिंग टेक्निक सीखा सकते हैं। ऐसा करने से पढ़ाई के बीच में या एग्जाम लिखते समय बच्चे ब्रीदिंग टेक्निक की मदद से अपने स्ट्रेस को कंट्रोल कर सकते हैं।



Click it and Unblock the Notifications
