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स्तनपान करवाने वाली महिलाओं के लिए 10 ड्रिंक
नवजात शिशुओं का शरीर एक फूल की पंखुड़ी के समान होता है उन्हें बहुत ही सावधानी से रखना पड़ता है। इसलिए उनके पीने के लिए भी सिर्फ मां का दूध ही सजेस्ट किया जाता है क्योंकि वो पचने में आसान और लाइट होता है। लेकिन इन दिनों कई मां फैशन के चक्कर में आकर दूध पिलाना उचित नहीं मानती है और कई को दूध बनता ही नहीं है। कुछ महिलाएं ऐसी होती हैं जिनमें बहुत कम मात्रा में दूध बनता है। ऐसी महिलाओं को अपने खान-पान पर ध्यान देना चाहिए इससे उनमें काफी अच्छी मात्रा में दूध बनेगा।
मेडिकल जगत में भी इस विषय पर काफी रिसर्च हो चुकी है जिसकी वजह से मां के दूध को बच्चे के लिए सबसे सुरक्षित माना जाता है। अगर आपने हाल ही में संतान को जन्म दिया है और अपना स्तनपान करवाती हैं तो इन 10 ड्रिंक्स को पूरे दिन में अवश्य पिएं ताकि आपका शरीर हाईड्रेट बना रहे और आप बच्चे को भरपूर मात्रा में दूध का सेवन भी करवा पाएं :

1. पानी –
ये कहना गलत नहीं होगा कि पानी हर ड्रिंक की जननी है यानि आप इसके बगैर किसी भी ड्रिंक को बना भी नहीं सकते हैं। साथ ही ये दुनिया का सबसे स्ट्रांग ड्रिंक है। इसे पीने से शरीर हाईड्रेट रहता है और आपकी बॉडी भी फ्रेश रहती है। आपको ये जानकर आश्चर्य होगा कि स्तन में बनने वाले दूध में 88 प्रतिशत पानी ही होता है। इसलिए स्तनपान करवाने वाली महिलाओं को हर दिन 13 गिलास पानी अवश्य पीना चाहिए।

2. मेंथी की चाय –
स्तनपान करवाने महिलाएं अगर मेंथी की चाय पीती हैं तो इसका असर 72 घंटों के भीतर ही दिखने लगता है। ऐसी महिलाओं को दिन में एक बार इस चाय को पीने क सलाह दी जाती है। आपको दूध पर्याप्त मात्रा में बनता है तो दो दिन में एक बार इसका सेवन करें या कम मात्रा में इसका सेवन करें। इस दौरान आपकी यूरिन से मैपल सीरप की तरह महक आ सकती है लेकिन घबराएं नहीं। डायबटीज वाली महिलाओं को बता दें कि इसे पीने से ब्लड़ सुगर लेवल बहुत गिर जाता है।

3. सौंफ की चाय –
सौंफ से बनी हुई चाय स्तनपान करवाने वाली महिलाओं के लिए बहुत ही अच्छी होती है। इसे पीने से उनके शरीर में आवश्यक हारमोन्स की मात्रा बढ़ जाती है और लैक्टेशन की प्रक्रिया फास्ट हो जाती है। साथ ही बनने वाले मिल्क की क्वालिटी भी अच्छी हो जाती है। इस चाय को बनाते समय आपको सौंफ के दानों को चाय बनाने के दौरान डाल देना होता है। ध्यान दें उबाल देने के बाद ही ये दाने डालें। इससे चाय में गुण आ जाएंगे लेकिन कड़वापन नहीं आएगा।

4. रास्पबेरी लीफ टी
स्तनपान करवाले वाली मम्मियों को के लिए रास्पवेरी किसी वरदान से कम नहीं है। इसका सेवन करने से दुग्ध की मात्रा बढ़ जाती है। आप चाहें तो इसकी पत्तियों को चाय बनाते समय डाल दें और इस हर्बल टी से लैक्टेशन की प्रक्रिया बूस्ट हो जाती है। जिन महिलाओं को स्तनों में दूध नहीं उतरता है वो एक दिन में चार कप इस चाय का सेवन करें। इससे उन्हें काफी आराम मिलेगा। आपको बता दें कि इस चाय में आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम और विटामिन ई और सी होता है।

5. नेटल टी यानि चिड़चिड़े की चाय –
नाम पर न जाएं इसके गुण पर ध्यान दें। नेटल की पत्तियों को सुखाकर रख लें और उबले हुए पानी में खौलाकर पी जाएं। ऐसा करने से प्रसव के बाद आने वाली कमजोरी दूर हो जाती है और दूध का उत्पादन भी शरीर मे बढ़ जाता है। लेकिन कुछ महिलाओं पर इसके हल्के साइड इफेक्ट भी होते हैं जिनको इसे पीने की सलाह नहीं दी जाती है।

6. बादाम मिल्क –
बादाम में विटामिन ए, डी और ई की भरपूर मात्रा होती है जिससे स्तनपान कराने के दौरान स्तनों में दूध की मात्रा में कमी नहीं हो पाती है। बेहतर होगा कि आप रात भर पानी में भीगे बादाम को गाय के दूध में मिलाकर पी जाएं। बादाम को सील पर घिसकर दूध में मिलाना होगा। इससे आपको बेहद आराम महसूस होगा और कमजोरी भी दूर होगी।

7. फलों का जूस –
फलों का जूस, हर मां के लिए स्वास्थ्यवर्धक होता है। फलों में फाइबर और विटामिनों की भरमार होती है। ऐसे फलों का जूस अवश्य पिएं जो विटामिन सी से भरपूर हो जैसे - पाइनएप्पल और मुसम्मी आदि। हर मां को एक दिन दो गिलास जूस का सेवन अवश्य करना चाहिए। सर्दी के दिनों ठंडे फलों का जूस पीने से बचें।

8. ग्रीन टी –
नर्सिंग के दौरान ग्रीन टी का सेवन करना अच्छा रहता है। इसमें एंटी-आयोटिक और कई सारी अच्छी प्रॉपर्टी होती हैं लेकिन इसे खाली पेट पीने से बचें। इसमें कैफीन भी होता है जिससे आपकी संतान को नींद भी कम आती है लेकिन एक दिन में सिर्फ दो बार ही इसका सेवन करें।

9. मिल्क थ्रिसल टी –
ये टी मिल्क लैक्टेशन की प्रक्रिया को बूस्ट कर देती है और मां को आराम प्रदान करती है। इसे पीने से शरीर को ताकत और ऊर्जा भी मिलती है। अगर पेट में दर्द या कब्ज की समस्या होती है तो भी आपको इससे आराम मिल सकता है। पर कई बार महिलाओं को इसे पीने से रिवर्स इफेक्ट भी हो जाता है जैसे कब्ज या दस्त आदि। ऐसे में आप इसे न पिएं। नर्सिंग मॉम के लिए इसे बेस्ट मानते हैं लेकिन सिर्फ दिन में एक बार ही पिएं।

10. अदरक की चाय –
स्तनपान करवाने के दौरान हर मां को अदरक की चाय का सेवन अवश्य करना चाहिए। यह मतली से छुटकारा दिलवाती है, ब्लड़ सर्कुलेशन अच्छा बनाती है और पाचन भी सही रहता है। लेकिन अगर इसे पीने के बाद से बच्चे के बदन पर रैशेज पड़ते हैं तो इसे न पिएं। बच्चे को कई बार इसके साइड इफेक्ट हो जाते हैं। जिन मां को डायबटीज है या ब्लड़ क्लाटिंग की समस्या है वो इसे न पिएं।



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