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प्रसव पश्चात् होने वाले अवसाद को दूर करने के घरेलू उपाय
अगर आपने हाल ही में एक बच्चे का जन्म दिया है और आपको मानसिक रूप से अच्छा महसूस नहीं होता है तो उम्मीद है कि आप, प्रसव पश्चात् अवसाद से ग्रसित हैं जिसे पोस्टपार्टम ब्लूज़ भी कहा जाता है।
प्रसव के बाद होने वाला अवसाद, एक ऐसी स्थिति है जिसमें नई माता में अवसाद के लक्षण प्रकट होने लगते हैं जिसका प्रभाव स्वयं उसके स्वास्थ्य और उसकी संतान के स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। बच्चे को जन्म देना और अभिभावक बनना बहुत ही तनावपूर्ण होता है क्योंकि अचानक से आप पर एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी आ जाती है।
अध्ययनों से पता चला है कि प्रसव के बाद लगभग 60 प्रतिशत महिलाएं, इस प्रकार के अवसाद से ग्रसित हो जाती है। हालांकि, इस प्रकार के अवसाद के कारणों के बारे में कुछ भी स्पष्ट नहीं है, विशेषज्ञ मानते हैं कि ऐसा हारमोन में आने वाले परिवर्तनों के कारण होता है, या फिर उनमें एक बच्चे की जिम्मेदारी आ जाने का डर अंदर समां जाता है।

प्रसव पश्चात् होने वाले अवसाद के प्रमुख लक्षण, थकान, दुखी होना, कम आत्मसम्मान, सेक्स में रूचि न होना, तनाव, चिंता, सामाजिक रूप से कट जाना आदि होते हैं। हर महिला में इसका अलग स्तर होता है। कई बार ये इतना गंभीर हो जाता है कि महिला खुद को या बच्चे तक को नुकसान पहुँचा सकती है।
इस अवसाद को कभी भी हल्के में न लें। मरीज को चिकित्सक को तुंरत दिखलाएं, उसे परिवार और मित्रों का पूरा समर्थन दें । साथ ही उसे शारीरिक और मानसिक रूप से सहारा दें। इससे कुछ ही दिनों में उसे आराम मिल जाएगा। लेकिन कुछ घरेलू उपाय ऐसे हैं जिनकी मदद से इस अवसाद से आसानी से छुटकारा पाया जा सकता है। जानिए इस बारे में:

आवश्यक सामग्री-
- ब्लूबेरी - 3 या 4
- गाजर का जूस - 1/2 कप
बनाने की विधि -
- सबसे पहले बताई गई सामग्री को एक ब्लेंडर में डालें।
- इस मिश्रण को अच्छे से पीस लें।
- अब इस मिश्रण का सेवन, दिन में दो बार (नाश्ते और दोपहर के भोजन के बाद) करें। इसे मरीज को दो महीनों तक पीना होगा।

इस प्राकृतिक उपाय से प्रसव बाद होने वाला अवसाद कुछ ही दिनों में ठीक हो जाता है और अगर आप इसे पूरे दो महीने पी लें तो आपको कभी भी ऐसी समस्या नहीं होगी।
साथ ही शरीर में भरपूर ऊर्जा का एहसास होगा। इसके अलावा, महिला को प्रतिदिन मेडीटेशन करना चाहिए। अगर उसे बहुत ज्यादा दिक्कत महसूस हो रही हो तो बिना देर किए तुंरत डॉक्टर से सम्पर्क करें।
आपको बता दें कि ऊपर बताएं गए उपचार में प्रमुख सामग्री ब्लूबेरी है जिसमें भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट होता है जो ब्रेन में सेरोटोनिन नामक हारमोन के स्त्रावन में मदद करता है जिससे रक्त का संचार अच्छा हो जाता है और व्यक्ति को खुश महसूस होने लगता है।



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