Latest Updates
-
रात में लाइट जलाकर सोते हैं? आपकी ये आदत दिल पर पड़ सकती है भारी, रिसर्च में हुआ बड़ा खुलासा -
Bank Holidays October 2026: अक्टूबर में 16 दिन बंद रहेंगे बैंक, यहां देखें छुट्टियों की पूरी लिस्ट -
Pitru Paksha 2026 Food Rules: पितृपक्ष में क्या खाएं और क्या न खाएं? जानें खानपान से जुड़े जरूरी नियम -
Tanya Mishra: कौन हैं तान्या मिश्रा? अचानक कैसे बनीं देश की नई 'नेशनल क्रश', इंटरनेट पर तस्वीरें हो रहीं वायरल -
Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष में पति-पत्नी को शारीरिक संबंध बनाने चाहिए या नहीं? जानें क्या कहते हैं शास्त्र -
World Rabies Day 2026: कुत्ते के अलावा किन जानवरों के काटने से हो सकता है रेबीज? जानें लक्षण और बचाव के उपाय -
Google Birthday 2026: क्या आप जानते हैं 27 सितंबर को ही क्यों बर्थडे मनाता है गूगल? वजह जानकर चौंक जाएंगे आप -
Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष का पहला दिन आज या कल? जानें किस दिन किस पितर का करें श्राद्ध -
World Contraception Day 2026: गर्भनिरोधक गोलियां कैसे काम करती हैं? जानें इसके फायदे और नुकसान -
Pitru Paksha 2026: बेटा न हो तो क्या बेटी कर सकती है श्राद्ध और पिंडदान? अनिरुद्धाचार्य जी महाराज ने दिया जवाब
स्तनपान कराने के दौरान ना करें ये भूल
माँ का दूध बच्चे के लिए बेहद ज़रूरी होता है क्योंकि इसमें पोषक तत्व होते हैं जो शिशु को स्वस्थ रखते हैं। लेकिन आज की महिलाओं की जीवनशैली और आधुनिक खान पान के कारण दूध न बनना या फिर कम बनना एक आम समस्या बन गई है। ख़ासतौर पर कामकाजी महिलाओं के साथ ज़्यादातर ये समस्या देखने को मिलती है। अकसर ये काम के बोझ के कारण तनाव में रहती हैं जिसका सीधा असर गर्भावस्था के दौरान इन पर पड़ता है।
नवजात शिशु का पाचन तंत्र बहुत ही कमज़ोर होता है इसलिए उसे गाय, भैंस या फिर डिब्बे का दूध पचाने में मुश्किल होती है। साथ ही माँ के दूध के अलावा बाहरी दूध बच्चों को देने से उनके स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ता है।
कई बार बच्चे की उम्र के मुताबिक उसका वजन नहीं बढ़ता तो इसका सीधा मतलब होता है कि उस बच्चे को पर्याप्त मात्रा में माँ का दूध नहीं मिल पाता जो उसके विकास के लिए ज़रूरी होता है। आइए जानते हैं माँ के दूध का कम बनने का मुख्य कारण।

गर्भनिरोधक गोलियां
बहुत लोगों का ऐसा मानना है कि स्तनपान कराने वाली स्त्रियों के गर्भधारण करने की सम्भावना कम होती है लेकिन ऐसा सच नहीं होता। इसलिए अगर आप अपने बच्चे को स्तनपान करा रही हैं तो ऐसे में गर्भनिरोधक गोलियां आपके दूध की आपूर्ति को कम कर सकती है। बेहतर होगा आप खुद को गर्भवती होने से रोकने के लिए कोई दूसरा विकल्प अपनाएं।
हार्मोनल परेशानी
माँ बनने की प्लानिंग के दौरान यदि आप शुगर, थायराइड, हाइपरटेंशन या अन्य हार्मोनल परेशानी से गुज़र चुकी हैं तो यह भी आपके दूध के उत्पादन में दिक्कतें लाएगी। दूध का उत्पादन स्तनों को हार्मोन्स द्वारा प्राप्त होने वाले सिग्नल्स पर निर्भर करता है ऐसे में अपने हार्मोन्स को नियंत्रित करने के लिए बेहतर होगा आप अपने चिकित्सक से उचित सलाह लें।
दवाइयों का सेवन
दवाइयों में पाए जाने वाले केमिकल्स भी दूध के उत्पादन को प्रभावित करते हैं। गर्भावस्था के दौरान यदि आपकी इम्युनिटी कमज़ोर है तो बच्चे के जन्म के बाद भी ये सही नहीं हो पाती जिसके कारण अकसर आपको सर्दी ज़ुकाम की शिकायत रहती है। आप इससे निजात पाने के लिए बिना डॉक्टर की सलाह के दवाइयां ले लेती होंगी, आपके स्तनों में दूध की मात्रा के कम होने का यह भी एक मुख्य कारण है।
कम दूध पिलाना
कई बार माँ अपने बच्चे को दिन में भी लंबे अंतराल के बाद स्तनपान कराती हैं लेकिन ऐसा करना बिल्कुल गलत होता है क्योंकि जब तक आपके स्तनों से दूध कम नहीं हो जाता तब तक दोबारा दूध का उत्पादन नहीं होता अधिक समय तक ऐसा रहने से आपकी दूध ग्रंथि से दूध का उत्पादन कम होने लगता है।
रात में स्तनपान कम कराना
माना जाता है कि आप जितना ज़्यादा अपने बच्चे को स्तनपान कराएंगी आपके दूध का उत्पादन उतना ही बढ़ेगा। अकसर रात में माँ बच्चे को स्तनपान बहुत कम कराती हैं। लंबे समय तक रात को माँ का दूध न मिलने से बच्चे के विकास पर भी बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है। साथ ही ऐसा करने से प्रोलैक्टिन के स्तर में भी गिरावट आती है। प्रोलैक्टिन वह हार्मोन है जिसके कारण स्तनों में दूध उतरता है।
तनाव
माँ बनना औरत के लिए बहुत बड़ा सौभाग्य होता है। वह कितने कष्ट झेल कर एक नई जान को जन्म देती है लेकिन बच्चे को जन्म देने के बाद उसके शरीर में भी कई तरह के बदलाव आते हैं। साथ ही उसके आगे कई सारी चुनातियाँ भी होती हैं जिसके कारण कई बार वह तनाव का शिकार हो जाती हैं जो कोर्टिसोल का स्तर बढ़ा देती है। स्तनपान कराने वाली माँ के लिए यह बिल्कुल भी सही नहीं होता। इसलिए आपको चाहिए की आप शांत और तनावमुक्त रहने की कोशिश करें।
जड़ी बूटियां
यदि आप पुदीना, साल्विया या अन्य किसी भी प्रकार की जड़ी बूटी का सेवन कर रही है तो इससे भी आपके दूध के उत्पादन पर प्रभाव पड़ता है। इसलिए इन जड़ी बूटियों का सेवन करने से पहले अपने चिकित्सक से सलाह ज़रूर ले लें।
मादक पदार्थ
अगर आप स्तनपान कराती हैं तो बेहतर होगा आप शराब, धूम्रपान और तम्बाकू जैसी चीज़ों से दूर रहें। इन चीज़ों के सेवन से भी दूध का उत्पादन कम होता है।



Click it and Unblock the Notifications
