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घर पर प्रेगनेंसी टेस्ट

प्रेगनेंसी स्ट्रिप्स से मूत्र में मौजूद ह्यूमन कोरियोनिक गोनाडोट्रोपिन (एचसीजी) का पता लगाया जाता है। यदि आपके मूत्र में एचसीजी पाया जाता है, तो उसका मतलब आप गर्भवती हो चुकी हैं। घर पर किया जाने वाला टेस्ट हमेशा सुबह उठने के बाद करें। दिन के पहले मूत्र में इसके परिणाम सही आते हैं, क्योंकि उस दौरान एचसीजी की संध्रता ज्यादा होती है। परीक्षण से पहले स्ट्रिप के पैक पर दिए गए दिशा-निर्देश ठीक तरह से पढ़ लें, उसके बाद ही टेस्ट करें।
लैब टेस्ट जरूरी: यदि मासिक धर्म नहीं हुआ है और उसके बावजूद प्रेगनेंसी स्ट्रिप में नकारात्मक परिणाम आते हैं, तो तुरंत स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह लें। उसकी सलाह पर प्रयोगशाला में टेस्ट कराएं।
प्रेगनेंसी टेस्ट के फायदे
चाहे घर पर हो या प्रयोगशाला में, प्रेगनेंसी टेस्ट हमेशा फायदेमंद रहता है। असल में गर्भावस्था के पहले तीन महीने काफी संवेदनशील होते हैं। शुरुआती एक महीने में गर्भपात की संभावना अधिक रहती है, लिहाजा प्रेगनेंसी टेस्ट जरूर करा लेना चाहिए।
टेस्ट के परिणाम सकारात्मक आने पर आप उसी क्षण से सावधान हो सकती हैं। कई बार गर्भावस्था के बारे में पता नहीं होने पर महिलाएं लापरवाही बरतने लगती हैं, जिस कारण मिसकैरेज होने की संभावना बढ़ जाती है। टेस्ट सकारात्मक होने पर आप तुरंत डॉक्टर से सलाह लें और उनकी राय पर ही आगे कार्य करें। ऐसा कोई काम मत करें, जिससे बच्चे पर असर पड़ता हो।



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