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गर्भावस्था में रोजाना आयरन बच्चे के स्वास्थ्य के लिए जरूरी
लंदन, (आईएएनएस)। गर्भावस्था के दौरान रोजाना आयरन की एक गोली न केवल मां के लिए, बल्कि बच्चे के स्वास्थ्य के लिए भी उतना ही आवश्यक है। आयरन की रोजाना एक गोली बच्चे के कम वजन की सम्भावना को तो दूर करती ही है, महिलाओं में एनीमिया के खतरे को भी कम करती है। 'बीबीसी' के अनुसार, करीब 20 लाख महिलाओं पर हुए अध्ययन के बाद शोधकर्ताओं ने पाया कि आयरन की एक छोटी सी मात्रा एनीमिया के खतरे को 12 प्रतिशत तक और कम वजन के बच्चे के खतरे को तीन प्रतिशत तक कम कर सकती है।
अल्पविकसित देशों में कई महिलाओं में आयरन की कमी पाई जाती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने हाल ही में गर्भवती महिलाओं को रोजाना 60 मिलीग्राम आयरन की खुराक लेने की सलाह दी है।

ब्रिटिश मेडिकल जर्ननल ने चीन और तंजानिया सहित विभिन्न देशों में गर्भवती महिलाओं पर हुए 90 से अधिक अध्ययन के नतीजों का विश्लेषण किया। शोध में कहा गया है कि हर दिन 10 मिलीग्राम अतिरिक्त आयरन तथा अधिकतम 66 मिलीग्राम आयरन रोजाना लेने से एनीमिया और कम वजन के बच्चे होने का खतरा कम होता है। रोजाना लिए जाने वाले 10 मिलीग्राम अतिरिक्त आयरन से बच्चे का वजन 15 ग्राम तक बढ़ने की संभावना होती है।
'बीबीसी' के अनुसा, शोधकर्ताओं को हालांकि आयरन की खुराक से समय पूर्व बच्चे होने के खतरे में कमी आने का कोई संकेत नहीं मिला। शोध में कहा गया है कि गर्भावस्था के दौरान आयरन की कमी के कारण महिलाओं में एनीमिया की शिकायत होती है और खासकर निम्न तथा मध्यम आय वर्ग के देशों में यह समस्या अधिक है। वर्ष 2011 में एनीमिया से करीब 3.2 करोड़ महिलाएं प्रभावित हुईं।
हार्वर्ड विश्वविद्यालय के लोक स्वास्थ्य स्कूल में महामारी एवं पोषण विभाग से जुड़े तथा शोध के मुख्य लेखक बैतूल हैदर ने कहा, "यूरोप में गर्भावस्था के दौरान महिलाओं में एनीमिया का खतरा वर्ष 2011 में 16.2 प्रतिशत था।"
विशेषज्ञों का हालांकि यह भी कहना है कि जिन महिलाओं के लिए आयरन उपयुक्त नहीं होता, उन्हें इससे अपच, सूजन तथा पेट की अन्य समस्याएं हो सकती हैं।



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