Latest Updates
-
Papankusha Ekadashi Vrat Katha: पापांकुशा एकादशी पर जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, सभी पापों से मिलेगी मुक्ति -
Papankusha Ekadashi 2026 Wishes: विष्णु जी की कृपा...पापांकुशा एकादशी पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
पार्टी में जल्दी बिगड़ जाता है मेकअप? केकी और पैची लुक से बचने के लिए अपनाएं ये 5 टिप्स -
दशहरा के बाद दिल्ली की हवा हुई जहरीली, 200 के पार पहुंचा AQI, प्रदूषण से बचाव के लिए फॉलो करें ये टिप्स -
कुल्लू दशहरा में नहीं जलता रावण का पुतला, देवलोक से आते हैं देवी-देवता, जानिए क्या है सदियों पुरानी परंपरा -
Papankusha Ekadashi 2026: कब है पापांकुशा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Navratri Ke Baad Jau Ka Kya Kare: नवरात्रि समाप्त होने के बाद उगे हुए जौ का क्या करें? जानें सही नियम और उपाय -
दीपिका पादुकोण-रणवीर सिंह ने किया दूसरी बेटी के नाम का खुलासा, दशहरे पर दिखाई पहली झलक -
Shardiya Navratri 2026 Day 8: नवरात्रि के आठवें दिन करें मां महागौरी की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग और आरती -
Durga Ashtami 2026 Wishes: महागौरी की कृपा...इन संदेशों के साथ अपनों को दें दुर्गा अष्टमी की शुभकामनाएं
गर्भावस्था के दौरान क्यूं होता है साइटिका
हमारी प्रवृत्ति के अनुसार हम कई मामलों में बहुत जल्दी उत्तर जानने का प्रयत्न करते हैं। वे महिलायें जिन्हें गर्भावस्था के दौरान साइटिका का दर्द होता है उनके लिए तुरंत उपाय जानना बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है।
यह तभी संभव है जब दिए गए निर्देशों के अनुसार चरण दर चरण प्रक्रिया अपनाई जाए। बहुत सी महिलाओं को मातृत्व के दौरान पीठ दर्द की समस्या होती है जो पूर्ण रूप से कभी ठीक नहीं होती क्योंकि वे एक आसान चरण दर चरण प्रक्रिया का अनुकरण नहीं करती।
प्रारंभिक चरण में पीठ दर्द के कारण को पहचाना जाता है। उसके बाद ही आपके पीठ दर्द से जुड़े हुए अन्य संभावित कारणों को दूर करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।

यदि इसे उचित तरीके से नहीं किया गया तो आपको अस्थाई तौर पर ही आराम मिल सकता है तथा दर्द वापस आ सकता है। यही बड़ा कारण है कि अधिकाँश लोग विशेष रूप से गर्भवती महिलायें हमेशा दर्द में रहती हैं तथा उनके साइटिका का उपचार नहीं हो पाता। वे ऐसा सोचते हैं कि दर्द ठीक होने से साइटिका का उपचार हो गया है।
दर्द होने का संकेत यह बताता है कि समस्या इतनी अधिक गंभीर हो चुकी है कि उसे ठीक करने के लिए कुछ उपचार करना आवश्यक है। गर्भवती महिलाओं में यह सुनिश्चित करने के लिए कि केवल पीठ दर्द ही नहीं बल्कि अन्य लक्षणों में भी कमी आयी है, अन्य प्रक्रियाओं को भी अपनाना चाहिए। प्रारंभिक चरण में दर्द का कारण ढूंढना चाहिए। उचित कारणों या कारण का पता न चलने पर गर्भवती महिलाओं को साइटिका होने की संभावना हो सकती है। यह सबसे ख़ास चरण है जिसे लोग अनदेखा कर देते हैं।

कारण जानने से यह पता नहीं लगता कि आपकी शरीर मुद्रा ठीक या नहीं। आप के उचित तरीके से उठने, बैठने या झुकने से समस्या का समाधान नहीं होगा।
इसका कारण यह भी हो सकता है कि महिला की मांसपेशियां कड़क हो गई हैं, मांस पेशियाँ कमज़ोर हैं या जोड़ों के संचालन में परेशानी है। इसका कारण महिला के शरीर में रीढ़ की हड्डी के गलत संरेखण हो सकता है जिसके कारण मांसपेशियां और जोड़ पर तनाव आता है या वे असंतुलित हो जाते हैं।

सबसे मुख्य भाग यह है कि गलत संरेखण का क्या कारण है
गर्भवती महिलाओं के लिए सबसे अधिक ध्यान रखने वाली बात यह है कि बच्चे का विकास सही तरीके से हो। बच्चे का सिर बार बार मां के कशेरुका स्तंभ पर दबाव डालता है जिसके कारण मांसपेशियों में तकलीफ होती है। अत: साइटिका का ठीक तरह से उपचार करने के लिए यह जानना बहुत आवश्यक है।

कशेरुकाओं के संरेखण में संशोधन
यदि आप गर्भवती हैं और यदि आपको गर्भ के कारण पीठ दर्द हो रहा है तो एक विशेष तकनीक के द्वारा दर्द के मूल कारण का तुरंत पता लगाया जा सकता है तथा इसकी सलाह केवल मातृत्व के दौरान ही दी जाती है। तो ध्यान रखें कि साइटिका के दर्द और इससे जुड़े लक्षणों के सही उपचार के लिए अपने डॉक्टर से बात करें।



Click it and Unblock the Notifications
