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बच्चा होने के कितने दिनों बाद गर्भवती हो सकती हैं आप
पहले बच्चें के जन्म के बाद प्रजनन एक चिंता का विषय होता है, चाहे आप फिर से गर्भवती होने की चाह रखती हो या नहीं। अगर आप फिर से जल्दी दोबारा मां बनना चाहती है तो इस बात पर ध्यान दे कि जो बर्थ कंट्रोल की पद्धति आप फॉलो कर रहें हैं, वो सही है या नहीं।
दूसरी बार प्रेगनेंट होने से पहले ऐसे कई सवाल होते है तो आपके दिमाग में घूमते हैं। आइए जानते है इस बारे में दोबारा गर्भधारण करने से पहले किन बातों का ध्यान रखना जरुरी होता है।
अपनी प्रजनन क्षमता को फिर से बनाने के लिए महिलाओं को सबसे पहले सुरक्षित कदम उठाते हुए गर्भनिरोध का इस्तेमाल करना चाहिए ताकि वो डिलीवरी के तुरंत बाद ही प्रेगनेंट न हो जाएं।

ज्यादातर होता है किपहली डिलीवरी के बाद कई महिलाओं की प्रजनन क्षमता विकसित होने में कम समय लेती है वहीं कुछ महिलाएं को प्रजनन क्षमता का देरी से विकास होता हैं। खासकर जब वो अपने शिशु को दूध पिला रही होती है तो ये समय लेता हैं।
एक रिसर्च में एक बात सामने आई है कि जो महिलाएं स्तनपान नहीं करवाती है वो अपने डिलीवरी के पहले छह हफ्तों में ही उन्होंने ओव्यूलेशन हो गया है वहीं कुछ महिलाओं को ओव्यूलेशन में काफी समय लगता है। इसका मतलब है कि डिलीवरी के बाद ओव्यूलेशन में 45 दिन से 94 दिन का समय लग जाता है।

ओव्यूलेशन से जुडे़ फैक्ट -
प्रजनन क्षमता का दोबारा से बनना या विकसित होने से मतलब है कि आपके ब्रेन हार्मोन और ओव्यूलेशन का फिर से सामान्य प्रक्रिया से काम करना है है तो डिलीवरी के वक्त कुछ समय के लिए रुक गए थे।
- जितनी जल्दी ओव्यूलेटिंग शुरु होगी उतनी जल्दी आप प्रेगनेंट हो सकेंगी।
- यह सम्भव है कि डिलीवरी की एक महीनें के अंदर ही आपका ऑव्यूलेशन शुरु हो सकता है आपकी प्रजनन क्षमता फिर से विकसित हो सकती है और आप फिर से दस महीनें की भीतर दूसरा बच्चा पैदा कर
सकती हैं।
- फिर भी आपके मन में कोई शंका न रहे इसलिए गर्भावस्था के दौरान और डिलीवरी के बाद अपनी डॉक्टर से प्रजनन संबंधी चिंताओं और बर्थ कंट्रोल के बारे में अच्छे पूछ लें।

स्तनपान और प्रजनन क्षमता-
ब्रेस्ट फीडिंग करवाने से ओव्यूलेशन होने में देरी होती है। साथ ही इससे प्रजनन क्षमता में भी फर्क पड़ता हैं। जो महिलाएं स्तनपान नहीं करवाती है उनकी प्रजनन क्षमता विकसित होने में थोड़ा समय लगता है।
दरअसल ब्रेस्टफीड, पिट्यूटरी हार्मोन के स्राव के सामान्य पैटर्न में हस्तक्षेप हो करता है जिस वजह से ओवुलेशन नहीं हो पाता है और ये आपकी प्रजनन क्षमता को भी प्रभावित करता हैं। जब तक आप स्तनपान करवा रही हैं आपकी प्रजनन क्षमता लौटने में 10-12 माह का समय लग सकता हैं।

क्या शिशु के जन्म के बाद प्रजनन क्षमता पर फर्क पड़ता है?
कुछ महिलाएं सोचती है कि पहले प्रसव के बाद उनके प्रजनन क्षमता की गुणवत्ता बढ़ी हैं। महिलाओं को गर्भधारण करने पर कुछ समय लगता है लेकिन कुछ महिलाएं की प्रजनन क्षमता में इन स्थितियों की वजह से बढ़ जाती हैं।
- गर्भावस्था के दौरान कुछ समय के लिए एस्ट्रोजेन और प्रोजेस्टेरोन का उच्च स्तर स्त्राव रुकने से एडोमेट्रियोसिस की सुधार की वजह से।
- पिछली गर्भावस्था के पहले या दौरान ट्यूबल या डिम्बग्रंथि आसंजन, गर्भाशय की समस्याओं, या पुरुष कारकों में सुधार की वजह से ।
- कुछ महिलाओं को लगता है कि प्रसव के बाद उनकी प्रजनना क्षमता में गिरावट आई है क्योंकि पिछली प्रेगनेंसी और डिलीवार में कुछ समस्याओं जैसे की यूरिन इंफेक्शन और हार्मोन की शिथिलता की वजह से ऐसा हो सकता हैं।

प्रसव के बाद गर्भनिरोधक
प्रसव के बाद जल्दी गर्भधारण के लिए आपको डॉक्टर से सलाह लेकर सही गर्भनिरोधक उपाय इस्तेमाल करना चाहिये। इन बर्थ कंट्रोल की मदद से आप प्रेगनेंसी रिस्क से बच सकते हैं।
- कंडोम
- बर्थ कंट्रोल पिल्स
- वजाइना रिंग्स
- आईयूडी

कितनी जल्दी आप प्रेगनेंट हो सकती है
यदि आप वास्तव में अपने आखिरी बच्चे के आसपास ही दूसरा बच्चा चाहती हैं तो आप प्रसव के छह सप्ताह बाद दूसरी बार गर्भवती होने की कोशिश करना शुरू कर सकती हैं। हालांकि, आपकी डॉक्टर दे सकते है
कि अभी आपको दूसरे बच्चे के लिए थोड़ा इंतजार करना चाहिए। क्योंकि गर्भाशय को सामान्य होने में थोड़ा वक्त लग सकता है।यदि आप डिलीवरी के बाद बहुत जल्द संभोग करने लगते है तो आप इन्फर्टिलिटी और गर्भाशय संक्रमण जैसी समस्याओं को फेस करना पड़ सकता हैं।

माहवारी शुरु होना
प्रसव के बाद प्रत्येक महिला की माहवारी उसके शरीर पर निर्भर करती हैं। प्रसव के बाद लगभग एक हफ्ते या उससे अधिक समय तक रक्तस्राव जारी रहता है जो सामान्य है। लेकिन रिसर्च के अनुसार बच्चों को ज्यादातर स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए, माहवारी एक से छह महीने के बीच शुरू होती है। वैसे सही मायने में आपके पहले ओव्यूलेशन के 14 दिन बाद ही पीरियड आ जाने चाहिए और बाकी आपके शरीर और हार्मोन पर निर्भर करते हैं।



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