जानिए गर्भ में तीसरे से नवें म‍हीनें में बच्‍चा क्‍या क्‍या हरकते करता है ?

अगर आप प्रेग्‍नेंट है और आपके बच्‍चें ने धीरे धीरे हलचल करना शुरु की है तो आप इस आर्टिकल के जरिए 7 वें हफ्ते से लेकर 36 हफ्तों की प्रेग्‍नेंसी के दौरान भ्रूण की गतिविधियों के बारे में जान सकते हैं।

मां बनना हर महिला के जीवन सबसे सुखद पलों में से एक होता है। जैसे ही किसी महिला को पता चलता है कि वो मां बनने वाली हैं, महिलाएं अपना खास तौर पर ख्‍याल रखना शुरु हो जाती है।

जैसे जैसे महिला के गर्भ के महीनें बढ़ते जाते है वैसे वैसे महिलाएं गर्भ में पल रहे बच्‍चें का खासतौर पर ध्‍यान रखना शुरु कर देती है। कहते है कि जब बच्‍चा मां के गर्भ से बाहर आता है तो इस दुनिया में एक नया जीवन शुरू होता है। लेकिन सच तो यह है कि एक बच्‍चें का जीवन मां के गर्भ में ही शुरु हो जाता है।

हर महीनें के साथ बच्‍चा गर्भ में नई नई हरकते करना शुरु करता है। सबसे पहले बच्‍चें की दिल की धड़कन धड़कती है, फिर वो सांस लेना शुरु करता है और फिर वो पेट में ही घूमने लगता है। आइए इस आर्टिकल के जरिए जानते है कि बच्‍चा पेट में कौनसे महीनें में कौनसी हरकत करता है-

सात से आठ वीक में -

सात से आठ वीक में -

सात से आठवें सप्‍ताह के बीच तक शिशु गर्भ में सामान्‍य गतिविधियां शुरु कर देता है, जैसे कि एक तरफ मुड़ना और चौंकना। पर ये हलचल कभी कभी ही होती है।

 नवें सप्‍ताह-

नवें सप्‍ताह-

इस हफ्ते के दौरान बच्‍चा हिचकी लेना शुरु करता है।

दसवां सप्‍ताह-

दसवां सप्‍ताह-

इस वीक से बच्‍चा सिर की मूवमेंट शुरु करता है। गर्भ में भ्रूण सिर झुकाना और घुमना, जबड़ा खोलना और फैलाना शुरु करता है।

11 वें सप्‍ताह-

11 वें सप्‍ताह-

इस सप्‍ताह में आते आते भ्रूण अंगड़ाई लेना और सुस्‍ती लेना सीखता है।

14 वें सप्‍ताह -

14 वें सप्‍ताह -

इस हफ्तें में बच्‍चें की आंखें खुलनी लगती हैं। और आंखें घूमाना सीखाता है।

20- 24 वीक में

20- 24 वीक में

जैसे जैसे मां के गर्भ में बच्‍चें का विकास होता है। वैसे वैसे शिशु की गतिविधियां धीरे धीरे बढ़ने लगती हैं। आप यह जान सकती है कि आपका शिशु दिन में कब अधिक गतिशील रहता है। वैसे शाम के समय ही सबसे ज्‍यादा हरकते करते हैं।

 24 - 28 वीक में

24 - 28 वीक में

इन हफ्तों में गर्भवती महिलाएं गर्भ में ही बच्‍चों की एक्टिविटी को महसूस करने लगती है। जैसे बच्‍चें की हिचकी लेना। बच्‍चा जब जब हिचकी लेने लगता है वैसे वैसे महिलाओं को धक्‍का जैसा लगता है। इस वीक में एमनियोटिक थैली में अब करीब 750 मिली द्रव्‍य होता है। इससे शिशु को अपनी मर्जी से चारों तरफ घूमने के लिए पूरा स्‍थान मिल जाता है। इस वीक के दौरान महिलाएं यह भी महसूस कर सकती हैं कि अचानक हुई आवाज से शिशु उछलने लगता है। क्‍योंकि वो अचानक से चौंक जाता हैं।

29 से 32 वीक

29 से 32 वीक

इन सप्‍ताह के दौरान भ्रूण का आकार बढ़ने लगता है। इसलिए शिशु को गर्भ में जगह कम पड़ने लगती है। जिसके कारण गर्भ में बच्‍चें की हलचल बढ़ने लगती है।

36 वीक में

36 वीक में

इस वीक में शिशु सिर के बल की तरफ नीचें की ओर जन्‍म से पहले की मुद्रा में आ जाता है। और इस समय में बच्‍चें के हाथों और पैरों की गतिविधियां बहुत ज्‍यादा शुरु हो जाती हैं। और कई बार तो आप शिशु के नन्‍हें पैरों की मार से दर्द भी महसूस कर सकते हैं। और ऐसे समय में माएं बच्‍चें का आने का बेसब्री से इंतजार करती हे।

अल्‍ट्रा साउंड या स्‍कैन से माएं कर सकती है महसूस

अल्‍ट्रा साउंड या स्‍कैन से माएं कर सकती है महसूस

वैसे माएं पांचवे महीनें के बाद बच्‍चा गर्भ में हलचल करना महसूस करता है। जो महिलाएं पहली बार मां बन रही हैं। उन्‍हें यह संकेत समझने में थोड़ा वक्‍त लगता है। प्रेग्‍नेंसी के 16 वें हफ्तें के आसपास शिशु गर्भ में हलचल करना शुरु करता हे। अल्‍ट्रासाउंड और स्‍कैन के दौरान महिलाएं इन सभी हलचलों को महसूस कर सकती हैं। अगर बच्‍चा कम हरकत कर रहा है तो गर्भवती महिलाओं को जल्‍द से जल्‍द जाकर उॉक्‍टर से मिलना चाहिए।

Story first published: Friday, April 14, 2017, 9:59 [IST]
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