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दीवाली के दौरान प्रेगनेंट महिलाओं को रखना चाहिए इन बातों का विशेष ख्याल
दीवाली एक ऐसा मौका होता है जब पूरे देश में चारों ओर खुशी और आनंद का उल्लास छाया रहता है। रोशनी, रंगों और पटाखों की गूंज निसंदेह एक ऐसा अनुभव देती है जो शरीर के रोम-रोम में प्रसन्नता भर देती है। लेकिन बात ये है कि क्या ये माहौल प्रेगनेंट लेडी के लिए हितकर है ? जी नहीं! ये माहौल एक वुड भी मॉम के लिए नुकसानदायक हो सकता है, अगर वो कुछ चीजों का ध्यान ना रखें तो। दरअसल दीवाली के दौरान पटाखों से जो धुंआ निकलता है वो बच्चों और बुजुर्गों सहित कई लोगों की सेहत के लिए हानिकारक है। दीवाली के दौरान माहौल में अवांछित तत्व होते है जो गर्भवती महिला के लिए जटिल स्थितियां उत्पन्न कर सकते है।
अगर आप प्र्रेगनेंट है, तो आपको खुद के और अपने बच्चे के हित के लिए सावधानी बरतने की जरूरत है। तो आइए हम उन तरीको के बारे में जानते है जिससे आप दीवाली सीजन के प्रतिकूल प्रभावों से बच सकते है। हम उन टिप्स और प्रिकोशन के बारे में बात करेंगे जिनके बारे में जानना एक गर्भवती महिला के लिए बेहद जरूरी है।

जब पटाखे छूट रहे हो तो स्मोक पॉल्यूशन से दूर रहें, क्यूंकि इससे बहुत सारा धुंआ निकलता है। इस धुंए में कार्बन मोनोऑक्साइड और नाइट्रस ऑक्साइड के साथ अन्य हानिकारक गैस होती है। ऐसी स्थिति में श्वांस लेना आपके और आपके होने वाले बच्चे के लिए नुकसानदेह हो सकता है। ऐसे में जहां पटाखे छूट रहे हो ऐसी जगह से दूर रहना अच्छा है। अगर आपको इन क्षेत्रों में कोई काम हो तो, ऐसा मास्क पहनना जरूरी है जो कि आपकी नाक और मुंह को कवर करें। दीवाली का त्यौहार सेलीब्रेट करने के लिए पटाखे छोड़ने की बजाय दीपक और लाइटस जलाए।

अत्यधिक काम ना करें
घर की महिला के रूप में, दीवाली आने पर आपसे कुछ काम की उम्मीद की जा सकती है। हालांकि इनसे दूर रहना जरूरी नहीं, जब तक कि डॉक्टर आपको आराम करने और ऐसे कामों से दूर रहने की सलाह ना दें, लेकिन ये जरूरी है कि आप खुद पर काम का अत्यधिक बोझ ना ड़ालें।

हाइड्रेट रखें
इस समय घर साफ करने से लेकर मिठाईयां बनाने तक आपको सभी काम करने की जरूरत होती है। लेकिन अपनी सेहत को ध्यान में रखते हुए ही किसी तरह का काम करें। इस समय अपने आप को हाइड्रेट रखें और न्यूट्रीशियस फूड खाए। वहीं काम के साथ आराम को भी प्राथमिकता दें।

सिंथेटिक कपड़े ना पहने
जब आसपास पटाखें और दीपक जल रहे हो तो सूती कपड़े पहने, क्यूंकि इस समय जलने की संभावना रहती है। आग से सचते रहे और ये सुनिश्चित करें कि दीवाली के दिन आप सिंथेटिक कपड़े ना पहने। सूती या नेचुरल मटीरियल से बने कपड़े ही पहनें। इस दिन पहने जाने वाले कपड़े हवादार और आरामदायक होने चाहिए। वहीं इस बात का भी ख्याल रखें कि इस समय दुपटा या साड़ी का पल्लू हवा में ना लटक रहा हो, अन्यथा वो आग पकड़ सकते है।

तेज आवाज से दूर रहें
ऐसा कहा जाता है कि गर्भवती महिला के कान के पर्दे अत्यधिक संवेदनशील होते है। तेज आवाज गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए भी नुकसानदेह है। ऐसे में जब आपके आसपास की जगहों में तेज आवाज वाले पटाखे छूट रहे हो घर में ही रहना अच्छा है। जब तेज साउंड बज रहा तब भी ऐसा ही करें।

एलर्जी करने वाली चीजों से दूर रहें
दीवाली के सीजन में अधिकांश घरों में कोने-कोने में गहरी सफाई होती है। जहां घर को चमकाने के लिए कलर पेंट भी किए जाते है। लेकिन धूल और पेंट एलर्जी करने वाली प्रमुख चीजें है और इससे खासकर प्रेगनेंट वुमन अत्यधिक प्रभावित होती है। ऐसे में अगर प्रेगनेंट वुमन को अस्थमेटिक या एलर्जिक समस्या हो तो उसके लिए धूल और पेंट से दूर रहना बेहद जरूरी है। क्यूंकि इनका अटैक आपके और आपके बच्चे दोनों के लिए हानिकारक हो सकता है।

खानपान का ख्याल रखें
प्रेगनेंसी वो समय होता है जब एक मां को अपने खानपान का विशेष ख्याल रखने की जरूरत होती है। फेस्टिवल सीजन के दौरान, एक प्रेगनेंट वुमन अनहेल्दी फूड से घिरी होती है। तला हुआ भोजन और मिठाईयां सेहत संबंधी परेशानियों और प्रेगनेंसी में कॉम्प्लीकेशनस का कारण बन सकती है। जिससे जेस्टनल डायबिटीज और अनावश्यक वजन बढ़ने का खतरा रहता है।

किसी भी तरह की केजुअलटी के लिए तैयार रहें
प्रेगनेंसी का पीरियड आपको दीवाली एंजॉय करने से नहीं रोकता। लेकिन आप बस इतना सुनिश्चित कर लें कि आप किसी भी तरह की केजुअलटी के लिए तैयार है जो इस समय हो सकती है। दीवाली के त्यौहार का आनंद उठाने से पहले आप ये सुनिश्चित कर लें कि आपके पास निम्नलिखित चीजें है। जैसे कि एक पानी का टब, आवश्यक दवाईयां, मेडिकल इमरजेंसी किट जिसमें बैंडेड, गॉज, मरहम इत्यादि शामिल हो। साथ ही इमरजेंसी नंबर्स की लिस्ट भी, जिसमें एंबुलेंस, फायर फोर्स और आपके डॉक्टर के नंबर लिखे हो।



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