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जानिये गर्भावस्था के दौरान आयरन युक्त भोजन का सेवन क्यों है ज़रूरी
मां बनना एक औरत के लिए सबसे सुखद पल है। गर्भावस्था के दौरान किसी भी स्त्री के लिए हल्का भोजन नुकसानदेय है। इस अवस्था में भोजन पूरा पोष्टिक होना चाहिए जिससे बच्चा स्वस्थ पैदा हो। गर्भावस्था के दौरान और प्रसव के बाद भी किसी स्त्री के लिए पोषक भोजन उसके और उसके बच्चे के विकास के लिए आवश्यक है।

डॉक्टर गर्भावस्था के दौरान ज्यादा कैलोरी वाला भोजन, फल और हरी सब्जियां खाने की सलाह देते है। ये आवश्यक भोजन तत्व उनके शरीर को मजबूती देते है ताकि जच्चा और बच्चा सुरक्षित रहे। इन भोजन तत्वों में एक आवश्यक तत्व है आयरन,आइये जानते हैं ये शरीर के लिए कैसे जरूरी है।

1. खून का महत्वपूर्ण हिस्सा है :
आयरन खून में हीमोग्लोबिन बनाता है। हीमोग्लोबिन जो कि कोशिकाओं में ऑक्सीजन पहुँचाने का काम करता है जिससे खाना पचने की क्रिया होती है। भ्रूण को जरूरत पड़ने वाली खून की कमी भी आयरन ही पूरी करता है।

2. रोग-प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है:
आयरन माँ और बच्चे दोनों की रोगरोधी क्षमता को बढ़ाता है जिससे वो दोनों बीमारियों और कई तरह के संक्रमण से बच सके। ये ना केवल मां की रक्षा करता है बल्कि उसके गर्भ में पल रहे भ्रूण को भी बीमारियों से दूर रखता है।

3. एंजाइम निर्माण में सहयोगी :
कुछ एंजाइम जो कि खाने को पचाने से लेकर, सांस तक लेने में काम आते है ये कोलेस्ट्रॉल से भी बचाते है। एंजाइम भोजन का एक सब्सट्रेट है जो कि उसके संपर्क में आकर सक्रिय हो जाता है। आयरन एंजाइम निर्माण में अहम भूमिका निभाता है।

4. ऊतकों को आपस में जोड़ने में मददगार :
आयरन एक विशेष प्रकार के प्रोटीन का निर्माण करता है। जिसे मायोग्लोबिन के नाम से जाना जाता है। ये प्रोटीन ऑक्सीजन को मसल्स और कनेक्टिंग टिश्यू तक पहुंचाता है।

5. अधिक खून बनाने में मददगार :
प्रसव के समय स्त्री के शरीर मे खून की काफी आवश्यकता होती है। आयरन भरपूर मात्रा में खून बनाकर इनकी कमी को पूर्ण करता है।

6. भ्रूण के विकास के लिए ज़रूरी :
जब बच्चेदानी में भ्रूण का विकास होता है तो उसके मांसपेशियों के निर्माण और शरीरिक विकास में आयरन की जरूरत पड़ती है जो कि माँ के खून से लेता है। इसीलिए गर्भावस्था के दौरान डॉक्टर आयरन की खुराक बढ़ा देते है।

7. गर्भवस्था के दौरान दिक्कतें कम करता है :
शरीर में आयरन की पूर्ण मात्रा प्रसव के समय होने वाले खतरे की संभावना कम कर देता है। अगर प्रसव के समय खून थोड़ा बह भी जाएं तो इससे कोई खास फर्क नही पड़ता।

8. स्वस्थ बच्चे के लिए आवश्यक :
आयरन बच्चे के पूर्ण विकास में जरूरी है। आयरन सही से मिलने पर बच्चे के शरीर के भागों का सही से निर्माण होता है और अविकसित बच्चा पैदा नही होता जो कि समय पूर्व प्रसव के कारण होता है।

9- बच्चे के वजन को नियंत्रित करने में मदद :
आयरन युक्त भोजन होने वाले बच्चे को वजन की कमी से बचाता है। कई बार जन्म के समय बच्चों का वजन बहुत अधिक कम होता है जिसकी वजह से उन्हें कई तरह की समस्याएं होने लगती है. ऐसे में अगर आप आयरन युक्त चीजों का सेवन करें टो जन्म के समय बच्चे का वजन नियंत्रित रहता है.

10. डिलीवरी के बाद रिकवरी में मदद :
आयरन युक्त भोजन गर्भवस्था के बाद किसी स्त्री के शरीर के सामान्य स्थिति में आने में सहायक है। ऑपरेशन के बाद अक्सर महिलाओं में खून की कमी हो जाती है. ऐसे में जब आपके शरीर में आयरन की
पर्याप्त मात्रा रहेगी टो आपको डिलीवरी के बाद होने वाली दिक्कतों से रिकवर होने में आसानी होगी. इसलिए पूरे गर्भावस्था के दौरान नियमित रूप से आयरन युक्त चीजों का सेवन करें.
कुछ महत्वपूर्ण बातें :
- आयरन तत्व युक्त भोजन और दवाएं डॉक्टर की सलाह से ही उपयोग में ले।
- अधिक आयरन की मात्रा बढ़ने से डायबिटीज,उच्च रक्तचाप और भ्रूण के लिए खतरा बन सकता है।
- कुछ आयरन दवाईयों के साइड इफ़ेक्ट है जिन्हें केवल डॉक्टर की सलाह से ही ले।



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