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पुरुष हो या महिला, दोनों के लिए अपने बच्चे का जन्म ज़िंदगी में एक बड़ा बदलाव लाता है। दोनों ही ये अनुभव ज़िंदगी भर नहीं भूल पाते हैं।
पहला बच्चा हो या दूसरा, नई ज़िंदगी का आना हमेशा ही खास होता है। एक बच्चे को जन्म देना किसी भी औरत के लिए सबसे खास अनुभव होता है लेकिन ये रास्ता बहुत मुश्किल भी होता है।

गर्भावस्था अपने साथ बहुत कुछ लेकर आती है। बच्चे का लात मारना और शरीर के अंदर उसका बढ़ना कुछ अलग ही अनुभव देता है। शुरुआती प्रेगनेंसी में बच्चे के बढ़ने को मां महसूस कर सकती है।
इसके अगले चरण में बच्चे के जन्म के बाद जब आप उसे पहली बार गोद में उठाते हैं तो वो अहसास भी बहुत खास होता है। मां और बच्चे को अलग करने की प्रकिया को प्रसव कहते हैं जो कि गर्भावस्था का सबसे मुश्किल और दर्दनाक चरण होता है। बच्चे के जन्म के समय मां और बच्चे के साथ कुछ भी गलत घटने की पूरी संभावना होती है।
हालांकि, बच्चे का जन्म और प्रसव दोनों ही जीवन का ऐसा अनुभव है जिसे महिलाएं कभी भूल नहीं सकती हैं।
ऐसे कुछ उपाय हैं जिनके ज़रिए आप प्रसव पीड़ा और इस प्रक्रिया को आसान कर सकती हैं। आज इस पोस्ट के ज़रिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि किस तरह आप अपनी डिलीवरी को आसान बना सकती हैं।
सकारात्मक रहें
प्रसव एक शारीरिक अवस्था है जिसके दौरान दिमाग में बहुत कुछ चलता रहता है। महिलाओं को प्रसव के दौरान और इससे पहले सकारात्मक रहना चाहिए ताकि प्रसव में कोई दिक्कत ना आए। गाना सुनें या अपने आसपास के लोगों की बातों को सुनने की कोशिश करें। इससे आपका ध्यान दूसरी चीज़ों पर रहेगा। आध्यात्मिक गाने या कहानियां सुनना भी अच्छा विकल्प है।
प्रसव को समझें
आपको सबसे पहले तो ये बात समझ लेनी चाहिए कि हर महिला का प्रसव अलग होता है। ये सब आपकी फैमिली हिस्ट्री, पूर्व प्रेगनेंसी रिकॉर्ड या प्रेगनेंसी के दौरान आई किसी मुश्किल पर निर्भर करता है। इस बारे में अपने डॉक्टर या अपनी दाई से बात करें और जितना हो सके जानकारी हासिल करें। अगर आप पहले से ही प्रसव के बारे में ज़रूरी जानकारी हासिल कर लेंगी तो इससे आपको प्रसव के दौरान आने वाली मुश्किलों का सामना करने में मदद मिलेगी।
अच्छा वातावरण देखें
पहले ही सोच लें कि आप अपने बच्चे को कहां जन्म देना चाहती हैं और उस जगह पर प्रसव में आने वाली मुश्किलों का सामना करने के लिए पर्याप्त उपकरण भी हैं या नहीं। पहली और सबसे ज़रूरी बात, प्रसव केंद्र मेडिकल सुविधा के नज़दीक ही होना चाहिए ताकि मुश्किल आने पर आपको तुरंत सहायता मिल सके।
कुछ ना कुछ करते रहें
गर्भावस्था के आखिरी चरण में आपको उठने-बैठने में थोड़ी दिक्कत हो सकती है। व्यवहारिक और शारीरिक रूप से आपको मुश्किल हो सकती है इसलिए बेहतर होगा कि आप बिस्तर पर ही रहें। हालांकि, मेडिकल नज़रिए से देखा जाए तो ऐसा कुछ करना प्रसव की मुश्किलें बढा सकता है। प्रसव से शरीर पर बोझ पड़ता है और बेहतर होगा कि आप इसके लिए खुद को तैयार रखें। हालांकि, धीमी सैर या घर के छोटे-मोटे काम करके आप प्रसव की मुश्किलों से बच सकती हैं।
अपने डर को ज़ाहिर करें
पहली बार मां बन रही हैं या ये आपकी दूसरी प्रेगनेंसी हो, हर बार डर तो लगता ही है और मन में कई तरह के सवाल भी होते हैं। इन्हें सिर्फ अपने तक ही ना रखें। ऐसा करने से ये डर और ज़्यादा बढ़ेगा और आपके लिए ही मुश्किल पैदा करेगा। इस बारे में अपने पार्टनर, डॉक्टर या दाई से बात करें। इनके पास आपकी मुश्किल या सवाल का कोई प्रैक्टिकल हल हो सकता है।
गर्म या ठंडे कंप्रेसर का इस्तेमाल करें
गर्माहट से प्रसव के दौरान कमर, पेट और कंधों में हो रहे दर्द से आराम मिलता है। इसलिए अपने प्रसव कक्ष में गर्म कंप्रसेर रखवा सकती हैं। वहीं कोल्ड पैक से जोड़ों के दर्द में आराम मिलता है। चेहरे, छाती और गर्दन का पसीना पोंछने के लिए सामान्य सा ठंडा कपड़ा रखें।
आराम से मालिश करवाएं
मनुष्य में स्पर्श का संबंध देखभाल, समझ और आश्वासन से होता है। डिलीवरी का वक़्त जीवन के बहुत मुश्किल और नाजुक पल होता है। कहते हैं कि प्रसव में एड़ी चोटी का ज़ोर लगाना पड़ता है। अगर प्रसव के दौरान कोई आपके गाल, बाल या कंधों को सहलाए तो इससे पूरी प्रक्रिया के लिए आपमें आत्मविश्वास बढ़ता है। ये आपका पार्टनर या फिर मां कर सकती है। तेल या लोशन से आप मालिश करवा सकती हैं।
गर्म शॉवर लें
पूरा दिन काम करने के बाद घर आकर गर्म पानी से नहाने पर पूरे दिन की थकान उतर जाती है। प्रसव के बाद भी गर्म पानी से नहाने पर आपके पूरे शरीर को आराम मिलता है। कमर और पेट पर गर्म शॉवर ज़रूर लें। इससे ना सिर्फ आप तरोताज़ा महसूस करेंगी बल्कि दर्द से भी राहत मिलेगी। हालांकि, शॉवर लेते समय इस बात का ध्यान रखें कि पानी पर्याप्त रूप से गर्म होना चाहिए और इसकी वजह से आपको फ्लू नहीं होना चाहिए।



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