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प्रेगनेंसी के दौरान क्यों होती है जघन हड्डी में दर्द, जानिए इस दर्द से राहत पाने के उपाय
गर्भावस्था के दौरान जघन हड्डी में दर्द इस समय होने वाली आम समस्याओं में से एक है। इस स्थिति को सिम्फिसिस प्यूबिस डिसफंक्शन कहतें है । इस तरह की परेशानी गर्भावस्था के आखिरी दिनों में होती है यानी जब स्त्री अपने तीसरे तिमाही में होती है। गर्भावस्था के दौरान, पेल्विक एरिया के सामने का जोड़ यानी सिम्फिसिस प्यूबिस सामान्य से बहुत ज्यादा हिलता-डुलता है। ऐसा शरीर द्वारा रिलेक्सिन हॉर्मोन जारी करने की वजह से होता है।
श्रोणि का ढीला होना एक अच्छा संकेत होता है क्योंकि यह जन्म की प्रक्रिया को माँ और बच्चे दोनों के लिए आसान बना देता है। हालांकि, जोड़ के ढीले होने और हिलने से गर्भवती स्त्री को काफी दर्द महसूस होता है। यह दर्द प्रारंभिक प्रसवोत्तर अवधि तक ज़ारी रहता है।

क्या गर्भावस्था के दौरान जघन हड्डी में दर्द सामान्य होता है?
हड्डी में इस तरह का दर्द गर्भावस्था के आखिरी स्टेज के दौरान आम बात होती है। गर्भवती महिला को ऐसा दर्द खड़े होते समय, बैठते समय या फिर पैरों को मोड़ने में हो सकता है। यह दर्द जघन्य हड्डी के ठीक सामने होता है।
एस पी डी का निदान
जैसे कि प्रेगनेंसी के दौरान एक्स-रे की सलाह नहीं दी जाती इसलिए अल्ट्रासाउंड की ज़रिये एस पी डी का पता लगाया जा सकता है इस स्कैन में गर्भवती महिला की श्रोणि क्षेत्र की हड्डियों के बीच की जगह को मॉनिटर किया जाता है यदि यह दर्द गर्भावस्था के बाद भी रहता है तो ऐसी स्तिथि में एक्स-रे का सहारा लिया जाता है
एस पी डी के लक्षण क्या है?
जघन हड्डी में दर्द एस पी डी के सबसे आम लक्षण में से एक है। जघन हड्डी के आस पास के क्षेत्र में सूजन भी हो सकती है। आप इस बात पर भी गौर करेंगी कि आपको अपने पैरों को एक साथ लाने में भी दिक्कत महसूस हो रही है। इसके कारण आपकी चाल में भी बदलाव आएगा। इतना ही नहीं आपको चलते समय या फिर अपने पैरों को हिलाते समय चिटकने जैसी आवाज़ भी आ सकती है।
अगर आपको एस पी डी की शिकायत है तो कुछ ऐसे मूवमेंट्स है जिसमे आपको ज़्यादा दर्द हो सकता है जैसे बिस्तर से उठते समय, बाथटब या कार में बैठते समय, पायजामा बदलते समय, देर तक बैठने की वजह से। इस तरह की स्तिथि में आपका दर्द जघन हड्डी के आस पास बढ़ सकता है जो एस पी डी की उपस्थिति की ओर इशारा करता है।
गर्भावस्था में जघन हड्डी में दर्द का कारण
प्रेगनेंसी के आखिरी दिनों में आपका शरीर बच्चे को जन्म देने के लिए तैयार हो रहा होता है ऐसे में शरीर रिलेक्सिन हॉर्मोन जारी करता है । यह हॉर्मोन लिगामेंट्स को नरम और ढीला करता है जब लिगामेंट्स ढीले होते है तो पेल्विक आउटलेट डिलीवरी के समय बच्चे के सिर के लिए जगह बनाना शुरू कर देता है।
इस प्रक्रिया में पेल्विस में ज्यादातर लिगामेंट्स खींचने लगते है जो लिगमेंट सबसे ज़्यादा खींचता है वह जघन हड्डी के बिलकुल बीच में मौजूद होता है या अन्यथा जघन सिम्फिसिस के रूप में जाना जाता है।
आमतौर पर गर्भावस्था में जघन हड्डी में दर्द पेल्विस के सही पोजीशन में न होने के कारण और जघन सिम्फिसिस के अधिक मात्रा में मूवमेंट के कारण होता है।
मध्य कार्टिलाजिनस जॉइंट हड्डियों के बीच कम से कम 2 से 3 एम.एम का नतर रखने योग्य होता है लेकिन प्रेगनेंसी के समय यह बहुत ही लचीले हो जाते है और संयोजी ऊतकों को ज़्यादा से ज़्याद 9 एम.एम तक चौड़ा कर देते है। इस लिगामेंट्स के खिंचाव के कारण असहजता और दर्द महसूस होता है बच्चे का बढ़ता हुआ वजन मांसपेशियों पर अतिरिक्त दबाव डालता है जिससे जघन हड्डी में दर्द होता है । एक समय पर लिगामेंट्स में इतना खींचाव हो जाता है कि बच्चे के बढ़ते हुए वजन के कारण दर्द बर्दाश करना मुश्किल हो जाता है।
एस पी डी का इलाज और इसे मैनेज करने का तरीका
वैसे डिलीवरी के बाद यह समस्या बिलकुल ठीक हो जाती है फिर भी कुछ ऐसे तरीके है जिससे आप इसका इलाज कर सकती है और इससे राहत पा सकती है।
1.अपने पेल्विस को स्थिर करने के लिए प्रेगनेंसी बाइंडर का इस्तेमाल करें । आप लचीले बाइंडर का प्रयोग करे न की कठोर का यह ऐड़ी या घुटने के ब्रे का काम करता है जो जोड़ों को सही जगह पर रखता है।
2.आपके डॉक्टर आपको फिजिकल थेरेपी की सलाह देंगे।
3.अपने दोनों पैरों को एक साथ न डुलाएं ।
4.खींच कर लम्बे समय तक खड़े होने से बचें टहलते समय हमेशा अच्छे जूते ही पहने।
5.दर्द को कम करने के लिए आप हॉट वायर बाद का इस्तेमाल कर सकतीं ताकि आप अपने
पेल्विस को गर्माहट दे सकें प्रेगनेंसी के दौरान करने वाले पेल्विक फ्लोर व्यायाम के बारे में किसी एक्सपर्ट से सलाह लें
6. यदि दर्द बहुत ज्यादा हो तो आपके डॉक्टर आपको पेन किलर दे सकतें है । आप स्वयं किसी भी दवा का सेवन न करें क्योंकि यह खतरनाक साबित हो सकता है दर्द से राहत के सबसे आम दवा एंटी इंफ्लेमेटरी और एनाल्जेसिक होते है।
7.कोशिश करें कि कुर्सी पर बैठ कर ही कपड़े पहने भूलकर भी पैरों पर संतुलन बनाकर ऐसा न करें ।
एस पी डी से जुड़े जोखिम
जघन हड्डी का दर्द तब अधिक होता है जब एक स्त्री जुड़वां बच्चों को जन्म देने वाली होती है या फिर अपने दूसरे या तीसरे बच्चे को । इसके दूसरे कारण भी हो सकते है जैसे बच्चा ज़्यादा बड़ा होना या फिर पहली प्रेगनेंसी में एस पी डी ।
हालांकि, डिलीवरी के बाद रिलेक्सिन का उत्पादन बंद हो जाता है इसलिए जघन हड्डी में दर्द भी कम हो जाता है । यदि डिलीवरी के बाद भी आपको इससे राहत नहीं मिलती तो बेहतर होगा आप अपने डॉक्टर से मिलें ताकि वे स्पेशल स्क्रीनिंग द्वारा इसके कारणों का पता लगा सकें । जघन हड्डी के आस पास की मांसपेशियों को मज़बूत करने के लिए अतिरिक्त थेरपीएस की ज़रुरत पड़ सकती है।
जघन हड्डी में दर्द रोजमर्रा के कामों को काफी मुश्किल बना देता है इससे छुटकारा पाने के लिए आप अपने डॉक्टर से बात करें ताकि आप सामान्य तरीके से और आसानी से अपने सारे काम कर सके । अपनी दिनचर्या में फिजिकल थेरेपी को लाकर आप गर्भावस्था में इस दर्द से राहत पा सकती है । गर्भावस्था में आपके लिए भरपूर आराम बेहद ज़रूरी है इसलिए ऐसे समय पर छोटी छोटी चीज़ों को लेकर खुद पर ज़्यादा दबाव न बनाएं।



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