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इन नॉन-वेज फूड को खा सकती हैं आप प्रेग्नेंसी में भी, जानिए
कुछ महिलाओं का मानना है कि गर्भावस्था के दौरान मांसाहारी भोजन का सेवन करना गर्भवती स्त्री और भ्रूण के लिए अच्छा नहीं है। हालांकि, डॉक्टर और स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस दावे का दृढ़ता से खंडन करते हैं। उनके अनुसार, मांसाहारी भोजन का सेवन गर्भावस्था के दौरान बिल्कुल भी हानिकारक नहीं है।

क्या गर्भावस्था के दौरान नॉन-वेज फूड सुरक्षित है?
गर्भावस्था के दौरान नॉन-वेज फूड को ना खाने के पीछे मुख्य वजह यह होती है कि अधिकांश नॉन-वेज फूड्स में बहुत अधिक पोटेशियम और कोलेस्ट्रॉल होता है, जिससे आपका वजन बढ़ने लगता है। इसके अलावा, नॉन-वेज को पकाने के लिए जिस तेल का इस्तेमाल किया जाता है, वह भी गर्भवती स्त्री के लिए हर दिन खाना सही नहीं माना जाता।
जब आप प्रेग्नेंट होती हैं, तब आपको अपने नॉन-वेज फूड पर रोक लगाने की कोई आवश्यकता नहीं होती है। डॉक्टरों का कहना है कि जब तक आपको इन खाद्य पदार्थों से कोई एलर्जी न हो, तब तक चिकन, मछली, अंडा आदि का सेवन जारी रखना चाहिए। हर दिन एक सीमित मात्रा में नॉन-वेज फूड का सेवन सेवन माँ के शरीर को आवश्यक फैटी एसिड प्रदान करके भ्रूण के स्वस्थ विकास में योगदान कर सकता है। हालांकि, गर्भावस्था के दौरान इन मांसाहारी खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन, बढ़ते भ्रूण के लिए उपयुक्त नहीं है क्योंकि इससे गर्भवती स्त्री को कई स्वास्थ्य समस्याओं खासतौर से पाचन से संबंधित समस्याओं जैसे दस्त, कब्ज व सूजन आदि का सामना करना पड़ सकता है।
यहां हम आपको कुछ ऐसे नॉन-वेज फूड्स के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें आप गर्भावस्था में भी बेहद आसानी से खा सकती हैं। हालांकि आपको इनका सेवन करते समय इनकी मात्रा पर भी नजर रखनी चाहिए।

गर्भावस्था में सुरक्षित नॉन-वेज फूड
नीचे दिए गए नॉन-वेज फूड को गर्भवती महिलाओं की राय और किए गए अध्ययन के आधार पर लिस्ट किया गया है। चूंकि हर गर्भवती महिला की क्रेविंग एक जैसी नहीं होती, इसलिए आप अपनी क्रेविंग के आधार पर लिस्ट में दिए गए नॉन-वेज फूड में से किसी एक का चयन कर सकती हैं।

चिकन
गर्भावस्था के दौरान, चिकन सबसे सुरक्षित नॉन-वेज फूड आइटम्स में से एक है जिसका आप उपभोग कर सकती हैं। हालांकि, इनका सेवन करते समय आप यह सुनिश्चित करें कि आप बहुत अधिक मसालेदार चिकन जैसे फूड आइटम्स को ना खाएं, क्योंकि इससे पेट खराब हो सकता है। इसके स्थान पर मलाई चिकन जैसे हल्के मसालेदार चिकन व्यंजन गर्भवती महिलाओं के लिए एक सुरक्षित विकल्प हैं।

लैम्ब
लैम्ब एक सॉफ्ट नॉन-वेज फूड है जिसका सेवन आप गर्भावस्था के दौरान कर सकती हैं। यह प्रोटीन और विटामिन में भी समृद्ध है। अध्ययन बताते हैं कि गर्भावस्था के दौरान गर्भवती महिलाओं को किसी भी अन्य किसी भी नॉन वेज फूड की जगह मटन का सेवन करना चाहिए।

बीफ
रेड मीट का सेवन काफी कम मात्रा में करना चाहिए क्योंकि यह कोलेस्ट्रॉल के स्तर में उच्च होता है जो गर्भावस्था के दौरान अतिरिक्त वजन का कारण बन सकता है। ऐसे में गर्भवती महिलाएं बीफ के व्यंजन रोस्ट करके बना सकती हैं जो कम मसालेदार होते हैं और अच्छी तरह से पकाया जाता है।

ट्यूना
गर्भावस्था के समय ट्यूना सैंडविच सबसे गर्भवती महिलाओं में से एक होते हैं। हालांकि, ट्यूना सैंडविच का सेवन आपको सीमित मात्रा में करना चाहिए। यह ओमेगा -6 फैटी एसिड का एक उच्च स्रोत है, इसलिए गर्भावस्था के दौरान इनका सेवन सीमित किया जाना चाहिए।

उबले हुए या स्क्रैम्ब्ल्ड बंडे
एग व्हाइट कैल्शियम से भरपूर होते है और इसलिए यह भ्रूण के विकास में मदद करता है। गर्भस्थ शिशुऔर माँ दोनों के स्वास्थ्य के लिए नाश्ते में गर्भवती स्त्री एग व्हाइट का सेवन कर सकती हैं।

नॉन-वेज सूप
अध्ययनों के अनुसार, गर्भावस्था के दौरान सूप सबसे अच्छा नॉन-वेज फूड होता है। सूप हमेशा प्रेग्नेंसी डाइट में एक हेल्दी एडिशन होते हैं। वे एंटीऑक्सिडेंट का एक भंडार हैं और पचाने में आसान हैं।

गर्भावस्था के दौरान इन नॉन-वेज फूड से बचें
अगर आप गर्भावस्था में नॉन-वेज फूड खा रही हैं तो आपको बस इतना ध्यान रखना है कि अस्वास्थ्यकर वजन बढ़ने, उच्च कोलेस्ट्रॉल के स्तर और हृदय रोगों के जोखिम से बचने के लिए नियंत्रित मात्रा में ही इनका सेवन करें। इसके अलावा, कुछ ऐसे नॉन-वेज फूड होते हैं, जिनसे बचना आपके लिए अधिक सुरक्षित रहेगा-
डेली-मीट या प्री-कुक्ड मीट, जो लिस्टिरिया संक्रमण के खतरे के कारण बन कता है।
कच्चे अंडे साल्मोनेला बैक्टीरिया को स्थानानंतरित कर सकते हैं।
मछली जिसमें मर्करी का उच्च स्तर होता हैं, जैसे ट्यूना, समुद्री बास, मैकेरल आदि।
कच्चे शेलफिश (सुशी) शैवाल से संबंधित संक्रमण से ग्रस्त हैं।
इसलिए जहां तक हो सके, इस तरह के नॉन-वेज फूड को गर्भावस्था में खाने से बचें।



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