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प्रेगनेंसी में स्‍पोट‍िंग होना है खतरे की न‍िशानी, जानें इस बारे में

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प्रेगनेंसी के दौरान कई बार महिलाओं को स्पॉटिंग (Spotting) होती है। यह पीरियड्स की तरह ब्लड फ्लो या खून के धब्बे के तौर पर दिखायी पड़ सकती है। चूंकि, प्रेगनेसी के समय यह असामान्य सा महसूस होता है और इसीलिए, स्पॉटिंग होने पर महिलाएं बहुत परेशान हो जाती हैं। तो, क्या प्रेगनेंसी के दौरान स्पॉटिंग किसी खतरे का संकेत है , क्या की वजह से गर्भपात हो सकता है समझने की कोशिश करते हैं।

एक्सपर्ट्स के अनुसार, स्पॉटिंग प्रेगनेंसी के दौरान काफी आम है। आमतौर पर प्रेगनेंसी के पहले या तीसरे ट्राईमेस्टर में ऐसा हो सकता है। वैसे तो यह किसी बीमारी का संकेत नहीं है। लेकिन, कई बार बहुत अधिक ब्लड फ्लो होना खतरनाक भी हो सकती है। स्पॉटिंग सामान्य और असामान्य भी हो सकती है। इसीलिए, जब स्पॉटिंग हो तो अपने डॉक्टर से बात करें। ताकि, पता लगाया जा सके कि स्पॉटिंग की वजह क्या है।

गर्भावस्था में प्रेगनेंट महिलाओं को मॉर्निंग सिकनेस, सिर दर्द, चक्कर आना और मतली जैसी परेशानियां होती है। इसी तरह हल्की ब्लीडिंग या स्पॉटिंग होने का अनुभव भी बहुत सी महिलाओं को होता है। प्रेगनेट औरतें इसे मिसकैरीज़ समझकर परेशान हो जाती हैं। लेकिन, हर बार इसकी वजह मिसकैरिज़ नहीं होती। जब फर्टिलाइज़्ड फीमेल एग गर्भाशय की दीवार पर इम्प्लांट होने की कोशिश करता है। तब, खून की कुछ बूंदे रिलीज़ होती हैं जो स्पॉटिंग के तौर पर दिखायी पड़ती हैं।

इन समस्याओं का संकेत हो सकती है स्पॉटिंग

मिसकैरिज या गर्भपात

प्लेसेंटल एबरप्शन

प्लेसेंटा प्रीविया

English summary

Spotting During Pregnancy: What's Normal and When to Seek Help

Vaginal bleeding during pregnancy is any discharge of blood from the vagina. It can happen anytime from conception to the end of pregnancy.