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भ्रूण को बर्थ डिसऑर्डर से बचाने के लिए अपनाएं यह तरीके
गर्भावस्था के दौरान महिला को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। दरअसल, अगर इस दौरान महिला जरा सी भी लापरवाही बरतती है, तो इससे बच्चे में बर्थ डिफेक्ट या डिसऑर्डर होने की संभावना काफी हद तक बढ़ जाती है। बर्थ डिफेक्ट एक ऐसी कॉम्पलीकेशन है, जो गर्भावस्था के दौरान एक बच्चे में होती है और कई बार इससे शिशु की जान तक चली जाती है। हालांकि, सभी जन्म दोषों को रोका नहीं जा सकता है, लेकिन एक महिला गर्भवती होने से पहले और गर्भावस्था के दौरान भी कुछ बातों को ध्यान में रखकर बच्चे की सेहत का ख्याल रख सकती है। तो चलिए जानते हैं कि बच्चे में बर्थ डिफेक्ट की संभावनाओं को कम करने के लिए महिला को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए-

करें प्लानिंग
कहा जाता है कि अधिकांश जन्म दोष गर्भावस्था के पहले तिमाही के दौरान विकसित होते हैं। इसलिए, यह महत्वपूर्ण है कि आप अपने शरीर को हर संभव तरीके से गर्भावस्था के लिए तैयार करें। गर्भवती होने से पहले कुछ महीनों के लिए ओरल कंट्रासेप्टिव लेना बंद कर दें और इसके स्थान पर फिजिकल कंट्रासेप्टिव चुनें। साथ ही, धूम्रपान और शराब पीने जैसी बुरी आदतों को भी अलविदा कह दें।

प्रतिदिन फोलिक एसिड का सेवन
यदि आप गर्भावस्था की योजना बना रही हैं, तो रोजाना एक निश्चित मात्रा में फोलिक एसिड लेना शुरू कर दें। हालांकि, कभी भी खुद से किसी दवाई का सेवन शुरू ना करें। इसके स्थान पर आप पहले गायनेकालॉजिस्ट से मिलें। कई अध्ययनों से पता चला है कि गर्भावस्था से कम से कम एक महीने पहले फोलिक एसिड की खुराक ली जाती है और इससे गर्भावस्था के दौरान बच्चों में कुछ प्रमुख जन्म दोषों को रोकने में मदद मिलती है।

अल्कोहल को कहें नो
जिस समय से आपने गर्भवती होने की योजना बनाई है, उसी समय से शराब का सेवन बंद कर दें। हालांकि गर्भवती महिला पर शराब का कोई प्रत्यक्ष प्रभाव साबित नहीं हुआ है, लेकिन इससे बचना बेहतर है। दरअसल, जब आप शराब पीती हैं, तो शराब प्लेसेंटा के माध्यम से बच्चे तक जाती है।

धूम्रपान से बनाएं दूरी
यह साबित हो चुका है कि धूम्रपान का भ्रूण पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है और कई जन्म दोष जैसे कटे होंठ या फांक तालु जैसे जन्म मृत्यु और समय से पहले जन्म धूम्रपान के कारण होते हैं। गर्भवती होने से पहले ही धूम्रपान छोड़ना बेहतर है। लेकिन अगर आप पहले से ही गर्भवती हैं, तो आप जल्द से जल्द इसे छोड़ सकती हैं और अपने बच्चे को कई समस्याओं से बचा सकती हैं।

भोजन पर दें अतिरिक्त ध्यान
एक गर्भवती महिला के लिए संतुलित और पौष्टिक भोजन लेना बेहद आवश्यक है। इतना ही नहीं, अगर आपका वजन अधिक है, तो यह सलाह दी जाती है कि पहले अपने वजन को थोड़ा कम करने का प्रयास करें। दरअसल, अधिक वजन प्रेग्नेंसी में कई तरह के कॉम्पलीकेशन की वजह बन सकता है और इससे बच्चे में बर्थ इफेक्ट होने की संभावना भी काफी बढ़ जाती है।

डॉक्टर से अवश्य लें परामर्श
यदि आपकी आयु 35 वर्ष से अधिक है या आपकी फैमिली में बर्थ डिफेक्ट का इतिहास रहा है, तो यह आवश्यक हो जाता है कि आप गर्भधारण से पहले स्त्री रोग विशेषज्ञ से एक बार सलाह अवश्य लें। साथ ही साथ, साल में कम से कम एक बार अपने शरीर की अच्छी तरह से जांच करवाएं।

संक्रमण से बचाव है जरूरी
कुछ संक्रमण आपके लिए खतरनाक और आपके अजन्मे बच्चे के लिए हानिकारक हो सकते हैं। इसलिए जागरूक बनें और इनके बारे में जानकारी प्राप्त करें। सावधानी से ही आप इनसे बच सकती हैं।



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