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जानिए ट्रांसजेंडर पुरुषों के गर्भधारण के समय आती हैं कौन सी समस्याएं

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एक ट्रांसजेंडर वह है जिसकी लिंग पहचान जन्म के समय उसके लिंग के साथ एलाइन नहीं होती है। चिकित्सा विज्ञान और सामाजिक स्वीकृति में उन्नति के साथ, ट्रांसजेंडर हेल्थ और हेल्थ केयर सर्विसेज में भी इजाफा हुआ है, जिसमें गर्भाधान और गर्भावस्था में उनकी भूमिका शामिल है। कई ट्रांसजेंडर पुरुष (जन्म के समय महिला के लिंग के साथ) वे हैं जो अपने रूपांतरण के बावजूद, बच्चे पैदा करने की क्षमता को बनाए रखने के लिए प्रजनन अंग (अंडाशय और गर्भाशय) को नहीं निकलवाते हैं। एक अध्ययन के अनुसार, ट्रांसजेंडर पुरुषों के लिए प्रीकांसेप्शन काउंसलिंग बहुत महत्वपूर्ण है जिसमें गर्भ धारण करने की कोशिश करते समय हार्मोनल थेरेपी को रोकने और स्तनपान कराने पर कुछ महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाती है। इस लेख में, हम ट्रांसजेंडर पुरुषों और गर्भावस्था के विवरण पर चर्चा करेंगे। तो चलिए जानते हैं इस बारे में-

क्या ट्रांसजेंडर पुरुषों के लिए गर्भवती होना संभव है?

क्या ट्रांसजेंडर पुरुषों के लिए गर्भवती होना संभव है?

ऐसे कई डॉक्यूमेंट्स हैं, जो यह बताते हैं कि दुनिया भर में कितने ट्रांसजेंडर पुरुषों ने सफल गर्भधारण किया है। स्वास्थ्य देखभाल सेवा प्रदाताओं द्वारा प्रदान की गई सूची बताती है कि परिवार नियोजन, प्रजनन क्षमता और गर्भावस्था सेवाओं के लिए ट्रांसजेंडर की संख्या काफी अधिक है। तो, ट्रांसजेंडर पुरुषों और गर्भावस्था पर विवरण समझाने से पहले, आइए उनके लिंग पहचान की मूल बातों के बारे में जानना बेहद आवश्यक है। एलजीबीटीक्यू 'में, "टी" का अर्थ है ट्रांसजेंडर। वहीं एल का मतलब लेस्बियन या समलैंगिक, जी मतलब गे या समलैंगिक, बी मतलब बायोसेक्सुअल या उभयलिंगी और क्यू मतलब क्वीर। इनमें से प्रत्येक ग्रुप जेंडर आईडेंटिटी के आधार पर दूसरों से काफी अलग है। समलैंगिक ऐसे लोग होते हैं जो एक ही लिंग के लोगों के प्रति आकर्षित होते हैं जबकि उभयलिंगी व्यक्ति का पुरुष और महिला दोनों के प्रति आकर्षण होता है या कहें, एक से अधिक जेंडर के साथ। वहीं, एक ट्रांसजेंडर वह है जिसके जेंडर की आंतरिक भावना उसके निर्धारित जेंडर के साथ मेल नहीं खाती है। इसमें ट्रांसवोमेन और ट्रांसमेन शामिल हैं। उदाहरण के तौर पर, एक व्यक्ति जो खुद को भीतर से महिला मानता है, लेकिन पुरुष जननांग (लिंग और अंडकोश) के साथ पैदा होता है, ठीक इसी तरह एक ट्रांसमेन खुद को पुरुष के रूप में पहचानते हैं लेकिन उनके जन्म के साथ अंडाशय और गर्भाशय होते हैं। यह ट्रांसजेंडर पुरुषों को गर्भाधान और गर्भधारण के विकल्प के लिए योग्य बनाता है क्योंकि उनके पास गर्भधारण करने के लिए अंडाशय और गर्भाशय होते हैं, गर्भ में बच्चे को ले जाते हैं और जन्म देते हैं।

ट्रांसजेंडर पुरुष और गर्भावस्था एक अध्ययन में कहा गया है कि, ट्रांसजेंडर महिलाओं के विपरीत, ट्रांसजेंडर पुरुषों में से अधिकांश सेक्स रिअसाइनमेंट सर्जरी के लिए नहीं जाते हैं। ऐसा इसलिए है, क्योंकि उनकी जेंडर एक्सप्रेशन और बायोलॉजिकल सेक्स के बीच के अंतरों के बावजूद, वे किसी दिन बच्चों के जन्म देने व गर्भधारण के विकल्प पर विचार करना चाहते हैं। वहीं, कुछ क्वीर लोग जिनके पास फीमेल आर्गन है, वे भी गर्भावस्था की संभावना पर विचार करते हैं। वहीं, टेस्टोस्टेरोन के साथ हार्मोन थेरेपी का चयन करने वाले ट्रांसजेंडर पुरुषों को अक्सर प्रजनन क्षमताओं के विकास के दौरान समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। यही कारण है कि, ऐसे समूह के बीच फैमिली प्लानिंग की चर्चा महत्वपूर्ण है, खासकर यदि वे आनुवंशिक रूप से संबंधित बच्चों की इच्छा रखते हैं या टेस्टोस्टेरोन हार्मोन थेरेपी शुरू करने से पहले गर्भधारण की योजना बना रहे हैं। हालाँकि, उन माता-पिता पर बहुत अधिक डेटा नहीं है, जिनके आनुवंशिक रूप से संबंधित बच्चे हैं। इसके अलावा, ऐसे मामले भी हैं जिनमें ट्रांसजेंडर पुरुषों ने टेस्टोस्टेरोन का उपयोग करने के बाद भी गर्भ धारण किया है। ऐसे मामलों में जहां ट्रांसजेंडर पुरुषों में हिस्टेरेक्टॉमी हुई है या गर्भाशय को हटाया गया है, गैस्टेशनल प्रेग्नेंसी संभव नहीं है।

ट्रांसजेंडर गर्भावस्था जटिलताएं

ट्रांसजेंडर गर्भावस्था जटिलताएं

अगर ट्रांसजेंडर पुरूष में गर्भधारण से संबंधित जटिलताओं की बात की जाए तो इसमें सबसे डिलीवरी का तरीका (या तो वजाइनल या सिजेरियन) ट्रांसजेंडर गर्भावस्था में पहली जटिलता है। कुछ रिपोर्टों से पता चलता है कि कई ट्रांसजेंडर पुरुष जो टेस्टोस्टेरोन पर थे, उन्होंने उन लोगों की तुलना में सिजेरियन डिलीवरी का विकल्प चुना, जिन्होंने टेस्टोस्टेरोन का उपयोग नहीं किया है। दूसरी संबंधित जटिलता जन्म से पूर्व टेस्टोस्टेरोन के उपयोग के कारण बर्थ वेट को कम करने की है। हालाँकि, इससे जुड़ी कोई या बहुत कम जानकारी नहीं है। इसके अलावा, कुछ सेल्फ-रिपोर्टिड कॉम्पलीकेशन्स में उच्च रक्तचाप, प्रीटर्म लेबर और एनीमिया शामिल हैं।

ट्रांसजेंडर में ब्रेस्टफीडिंग या स्तनपान

ट्रांसजेंडर में ब्रेस्टफीडिंग या स्तनपान

एक अध्ययन में कहा गया है कि स्तनपान और गर्भावस्था व्यवहार्य प्रक्रियाएं हैं जो सेक्स इंडिपेंडेट हैं। हालांकि ऐसे में लोग यह सोचते हैं कि गर्भावस्था के लिए एक महिला होने की जरूरत है। जबकि तथ्य यह है कि केवल प्रजनन अंगों (जैसे अंडाशय और गर्भाशय) की आवश्यकता होती है जो बच्चे पैदा करने के लिए गर्भधारण करने में सक्षम होते हैं। जिन ट्रांसजेंडर पुरुषों ने जन्म दिया है वे एक विशेष समर्थन के साथ सफलतापूर्वक अपने बच्चे को स्तनपान करा सकते हैं। समस्याओं का सामना मुख्य रूप से ट्रांसजेंडर महिलाओं को करना पड़ता है, जो अडॉप्टिव मदर्स हैं या जिनके बच्चे गर्भकालीन सरोगेसी के माध्यम से पैदा हुए हैं। हालाँकि, ट्रांसजेंडर महिलाओं में स्वाभाविक रूप से स्तनपान संभव नहीं है, ट्रांस ' महिलाओं में मैमोजेनेसिस (स्तन ग्रंथि की वृद्धि) और लैक्टोजेनेसिस (दूध स्रावित करने की क्षमता) को बढ़ावा देने के लिए प्रोटोकॉल हैं। एक अध्ययन में कहा गया है कि ट्रांस ' महिलाएं प्रजनन तकनीकों के बावजूद स्तन के ऊतकों के विकास से स्तनपान करने में सक्षम हो सकती हैं। एक अध्ययन में एक 30 वर्षीय ट्रांसजेंडर महिला के बारे में बताया गया है जो अपने दत्तक बच्चे को स्तनपान कराना चाहती थी। उसे छह महीने के लिए फेमिनिज्म हार्मोन थेरेपी ली, जिसमें डोमपरिडोन, एस्ट्राडियोल, प्रोजेस्टेरोन और ब्रेस्ट फोड़ना शामिल है। छह महीने के बाद, वह अपने बच्चे को पोषण प्रदान करने के लिए सफलतापूर्वक स्तन

दूध का उत्पादन करने में सक्षम थी।

दूध का उत्पादन करने में सक्षम थी।

भले ही ट्रांसजेंडरों ने अपनी सामाजिक स्वीकृति में महत्वपूर्ण प्रगति प्राप्त की हो, जिसमें स्वास्थ्य सेवाएं भी शामिल हैं, लेकिन आज भी स्वास्थ्य सेवा में प्रशिक्षण की कमी है जिसे पूरा करने की आवश्यकता है। यह गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान ट्रांसजेंडर रोगियों को सपोर्ट करने के लिए नर्सों और अन्य स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को शिक्षित करके किया जा सकता है। स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली को लैंगिक विविधता की बढ़ती जरूरतों की जांच करने और उन जरूरतों को पूरा करने की दिशा में काम करने की आवश्यकता है।

English summary

Transgender Pregnancy And Lactation; all you need to know in Hindi

Everything you need know about Transgender pregnancy and lactation in Hindi. Read on.
Story first published: Monday, April 5, 2021, 17:00 [IST]