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प्रेगनेंसी के आठवें महीनें में भूल से भी न खाएं ये चीजें, वरना हो सकती हैं ये तकलीफें
प्रेगनेंसी में महिलाओं को अपने खानपान पर विशेष ख्याल देने की जरूरत होती है। खासकर, प्रेगनेंसी के फर्स्ट और अंतिम तिमाही में अपने खानपान का विशेष ख्याल रखना चाहिए। कई बार आठवें महीने के कुछ महिलाएं खाना-पीना छोड़ देती हैं या कुछ भी खा लेती हैं,। उन्हें लगता है कि अब तो आखिरी महीना ही बचा है, बच्चे का ग्रोथ भी हो चुका है, तो अब खानपान में क्या परहेज करना। पर आपकी यह सोच ठीक नहीं है।

आठवें महीने में आपको खासकर के आयरन और कैल्शियम से समृद्ध खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए। रक्त हानि प्रसव का एक हिस्सा है और आपको यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि आप अपने आहार में पर्याप्त आयरन शामिल करें।
कैल्शियम आपके और बच्चे की हड्डियों को मजबूत रखता है, इसलिए इसे भी अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए। आपको हरी पत्तेदार सब्जियां, नट्स, खुबानी, ड्राई फ्रूट, अंडे की जर्दी, मछली, दुग्ध उत्पाद और केले का सेवन करना चाहिए।

प्रेगनेंसी के आठवें महीने में इन चीजों को खाने से बचें
1. कैफीनयुक्त पेय पदार्थों का सेवन बिल्कुल बंद कर दें।
2. पपीते में लेटेक्स होता है जो प्रेग्नेंसी के शुरुआती दिनों में मिस्कैरिज का रिस्क को बढ़ाता है। इसमें पपैन और पेप्सिन भी शामिल हैं जो भ्रूण का विकास नहीं होने देते। डॉक्टर्स पूरी गर्भवस्था के दौरान कच्चा पपीता न खाने की सलाह देते हैं।
3. अनपाश्चराइज्ड बकरी, गाय और भेड़ के दूध को पीने से बचें। गर्भावस्था के दौरान बकरी का दूध बहुत जोखिम भरा होता है, क्योंकि यह टोक्सोप्लाज्मोसिस से भरा हुआ होता है।
4.चाइनीज फूड में एमएसजी होता है यानी मोनो सोडियम गूलामेट, जो भ्रूण के विकास के लिए हानिकारक है। इसके चलते काई बार जन्म के बाद भी बच्चे में डिफेक्ट्स दिख सकते हैं। इसमें मौजूद सोया सॉस में नमक की भारी मात्रा होती है, जो हाई ब्लड प्रेशर का कारण बन सकती है और गर्भवती महिला के लिए बेहद खतरनाक है।
5. डॉक्टरों का मानना है कि प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को पूरी तरह से शराब से बचना चाहिए। गर्भवती होने पर शराब पीना बच्चे को नुकसान पहुंचाता सकता है।
6. इसके अलावा अनानास, कच्चा अंडा, कच्चा मांस, आर्टिफिशल स्वीटनर, सीफूड, रेडीमेड फूड, फ्रोजन फूड, बहुत अधिक नमक, हर्बल टी आदि के सेवन से भी बचना चाहिए। कोशिश करें कि कोई भी आहार का सेवन करते समय अपने डॉक्टर से जरूर राय ले लें।



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