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Helicopter Parenting : हेलिकॉप्टर पेरेंटिंग क्या है? क्यों ओवर केयर बच्चों के लिए बनती है मुसीबत
बच्चों की अच्छे से देखभाल करना, उनकी केयर करना पेरेंट्स के लिए काफी जरूरी होता है और हर माता-पिता अपने बच्चे के लिए अच्छे से अच्छा करना चाहता है, जिससे बच्चे को किसी तरह की कोई कमी महसूस ना हो। लेकिन बहुत सारे पेरेंट्स ऐसे भी होते हैं जो अपने बच्चों को लेकर ओवर प्रोटेक्टिव होते हैं। उनकी एक्टिविटी को लेकर, बच्चों की पढ़ाई, उनके दोस्त, उनके बाहर जानें को लेकर काफी सख्त होते हैं। लेकिन क्या आप को इस बात का अहसास है कि आप की इस ओवर प्रोटेक्शन की वजह से बच्चे पर क्या असर होता है? आप उसके भविष्य के लिए अच्छा सोंच कर उसके साथ पढ़ाई में सख्ती करते हैं, उसके आउटडोर गेम्स पर भी रोक लगाते हैं, लेकिन क्या ये सही है आपके बच्चे के लिए, उसके आने वाले फ्यूचर के लिए? ओवर प्रोटेक्टिव पेरेंट्स इस तरह से काम करके अपने बच्चे को कमजोर कर रहे हैं, आपकी ओवर प्रोटेक्शन के कारण वो लाइफ में आने वाली परेशानियों को खुद हैंडल करने में नाकामयाब हो जाएगा, क्योंकि उसको इन सब की आदत नहीं है, आपका बच्चा परेशान हो जाएगा। आप हर वक्त तो उसका साथ देने के लिए उसके पास मौजूद नहीं होंगे, तो आपको इस बारें में विचार जरूर करना चाहिए कि कहीं आप बच्चे की केयरिंग को हेलीकाप्टर पेरेंटिंग में तो नहीं बदल रहे है?

जानते हैं कि ये हेलीकाप्टर पेरेंटिंग क्या है ?
हेलीकाप्टर पेरेंटिंग में माता-पिता बच्चों के हर काम, उसके हर फैसलें दखलअंदाजी करते हैं, सारे फैसले खुद करते हैं। उनको ऐसा लगता है कि बच्चा उनके बिना कुछ नहीं कर पाएगा। इस तरह की परवरिश करने वाले पेरेंट्स हेलीकॉप्टर पेरेंटिंग में आते हैं। इसमें माता-पिता बच्चों के फ्यूचर को लेकर काफी टेंस रहते हैं, और इसी टेंशन के कारण वो बच्चों पर भी सख्ती दिखाना शुरू कर देते हैं कि कहीं बच्चा बिगड़ ना जाए, जिससे उसका फ्यूचर खराब हो जाए।

हेलीकाप्टर पेरेंटिंग आपके बच्चे के लिए कितनी नुकसानदायक ?
- बच्चों पर ओवर प्रोटेक्शन या ओवर केयरिंग उनके लिए सही नहीं होती है, आपकी एक्स्ट्रा केयर के कारण वो अपने निर्णय लेने में असमर्थ होने लगते हैं।
- बच्चे आपके डर से दूसरे से बात करने से कतराने लग जाते हैं कि कहीं आप उनको डांटे ना।
- बच्चों के दोस्ती कम करते हैं, जैसा कि आप ने उनको इंस्ट्रक्ट किया हुआ है कि ज्यादा दोस्ती अच्छी बात नहीं होती है।
- माता-पिता की जरूरत से ज्यादा बच्चों की लाइफ में दखलअंदाजी उनके लिए परेशानी खड़ी कर देता है, बच्चे डिप्रेशन के शिकार हो जाते हैं।
- माता-पिता पर निर्भर होने की वजह से अपनी जिंदगी के फैसले लेनें में डरते हैं।

पेरेंट्स को बच्चों की परवरिश के लिए क्या करना चाहिए ?
- पेरेंट्स को बच्चों की परवरिश पूरी केयर के साथ करनी चाहिए, लेकिन इस बात का ध्यान भी रखना चाहिए कि आप उनके साथ जिंदगीभर नहीं रहने वाले, इसलिए उनको अपने फैसलें करने के लिए आत्मविश्वास भरना चाहिए।
-बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए, लेकिन उनको डराना नहीं चाहिए कि अगर वो आप के कहे अनुसार, काम नहीं करते तो उनके साथ कुछ बुरा होगा।
- आप बच्चों को दोस्ती करने दें, लेकिन इस बात का भी ध्यान रखें कि बच्चों के दोस्त कैसे हैं।
- बच्चों को इंडिपेंडेंट होना चाहिए, साथ ही बच्चों को अपने साथ घर के कामों में इन्वॉल्व करें।
- बच्चों को अच्छे और बुरे की सीख दें।



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