Latest Updates
-
Dahi Handi 2026: 5 या 6 सितंबर, कब है दही हांडी? जानें क्यों और कैसे मनाते हैं ये पर्व -
Janmashtami 2026: धन, प्रेम विवाह और संतान प्राप्ति के लिए जन्माष्टमी पर करें ये अचूक उपाय, पूरी होगी मनोकामना -
Happy Krishna Janmashtami 2026 Wishes: नंद के घर खुशियां आईं...जन्माष्टमी पर अपनों को भेजें ये शुभकामना संदेश -
Janmashtami 2026: जन्माष्टमी पर तुलसी तोड़ सकते हैं या नहीं? जानें क्या हैं धार्मिक नियम -
Janmashtami 2026: जन्माष्टमी पर घूमने के लिए बेस्ट हैं ये 7 जगहें, दिखेगा कृष्ण भक्ति का खास रंग -
Janmashtami 2026: कृष्ण जन्माष्टमी पर इन आसान तरीकों से सजाएं अपना पूजा घर, यहां देखें 10 डेकोरेशन आइडियाज -
World Coconut Day 2026: सूखा या ताजा नारियल, सेहत के लिए कौन सा ज्यादा फायदेमंद? जानें दोनों में अंतर -
Hal Shashthi Vrat Katha: हरछठ यानी ललही छठ व्रत में जरूर पढ़ें ये कथा, नहीं तो अधूरी मानी जाएगी पूजा -
Hal Shashti 2026 Wishes: मां की ममता...ललही छठ पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Krishna Janmashtami 2026: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी कब है, 4 या 5 सितंबर? जानें सही तारीख और पूजा का शुभ मुहूर्त
बच्चों को कीचड़ में क्यों खेलना चाहिए, जानिए मिट्टी में खेलने के फायदे
किसी भी पैरेंट्स को अच्छा नहीं लगता है, कि उनका बच्चा मिट्टी में सना हुआ और गंदे कपड़े लेकर घर आएं। बच्चों को मिट्टी, रेत और कीचड़ में खेलना खूब पसंद आता है, लेकिन पैरेंट्स जर्म्स और बैक्टीरिया के वजह से अक्सर बच्चों को रोकते-टोकते रहते हैं।
लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि मिट्टी में खेलने से बच्चा बीमार नहीं होता है बल्कि उसकी इम्यूनिटी मजबूत होती है। ज्यादातर पैरंट्स को लगता है कि कीटाणु हानिकारक होते हैं लेकिन यह सच नहीं है। एक शोध के अनुसार मिट्टी में में खेलने से बच्चें मजबूत बनते हैं।

ये होते है फायदे
* ब्रिस्टल और शिकागो यूनिवर्सिटीज की अलग-अलग रिसर्च में यह बात सामने आई है कि मिट्टी में माइक्रोस्कोपिक बैक्टीरिया होते हैं, जो बच्चों के इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाते हैं।
* इससे एलर्जी, हाईबीपी एवं संबंधित रोगों की आशंका कम होती है। इसके अलावा मिट्टी में खेलने से बच्चों में तनाव से दूर खुश रहने की कला का विकास होता है। वो फिजिकल एक्टिविटी में ज्यादा पार्टीसिपेट करते हैं।
* विशेषज्ञों की मानें तो इससे बच्चों में जमीनी जुड़ाव के साथ ही प्रकृति व जीवों के प्रति अपनापन का भाव आता है वे तनाव प्रबंधन सीखते हैं रचनात्मकता का गुण व मानसिकता भी मजबूत होती हैं।
* फ़िनलैंड में अध्ययन में पाया गया कि जो बच्चें डे-केयर में खुली जगह खेलते थे उनमें बंद जगहों में खेलने वाले बच्चों की तुलना में अधिक अच्छे आंत के बैक्टीरिया होते थे।

इन बातों का ध्यान रखें
* बच्चों के पूर्ण स्वास्थ्य के नजरिए से सही तो है, लेकिन उन्हें मॉनिटर जरुर करें।
* मिट्टी व कीचड़ उनके पेट में ना जाए।
* हाथ पैरों के नाखून छोटे एवं साफ होने चाहिए। इनमें मिट्टी दूषित जमा नहीं हो पाएं।
* प्रदूषित क्षेत्रों की मिट्टी में न खेलने दें।
* खुले वातावरण में ही खेलने दें।
* कपड़े गंदे होने पर तुरंत बदल दें, साथ ही कपड़े गीले न रहने दें।
* मिट्टी खाने की आदत ना पड़े, इस बात का विशेष ध्यान रखें।
* खेलने के बाद और अच्छे से नहलाएं।
टीके जरुर लगवाएं
इसके साथ ही बच्चों के सभी टीके निर्धारित समय पर लगने अनिवार्य हैं। साथ ही हाइजीन भी जरूरी है, कोई समस्या है तो डॉक्टरी सलाह जरूर लें।
डिस्क्लेमर : इस लेख में दी गई सभी जानकारी और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं। Boldsky Hindi इसकी पुष्टि नहीं करता है। इन चीजों पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।



Click it and Unblock the Notifications